Wednesday, 21 October 2026

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान व नवरात्रि पूजा समिति द्वारा विशेष आयोजन

Divya Jyoti Jagrati Sansthan On Wednesday21st 2026 at 4:54 PM Regarding Spiritual Meet  


लुधियाना
: 21 अक्टूबर 2026>>कार्तिका कल्याणी सिंह>>आराधना टाईम्ज़ मीडिया>>  

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं नवरात्रि दुर्गा पूजा समिति द्वारा अमृत विहार, कैलाश नगर रोड़ पर विशाल माँ भगवती जागरण का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महामाई के श्री चरणों में ज्योति प्रचंड करके किया गया। सर्वप्रथम मां भगवती के आह्वान का गायन किया गया।

अपनी मधुर वाणी में माँ का गुणगान करते हुए दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी मनस्विनी भारती जी ने माँ की महिमा में सुमधुर भेटों का गायन किया जिन्हें सुनकर उपस्थित भक्तगण मंत्र मुग्ध हो उठे।

भजनों की व्याख्या करते हुए साध्वी जी ने बताया कि एक मां ही है जो एक भक्त के जीवन में अंधकार मिटाकर उसे प्रकाश की ओर अग्रसर करती है। उसकी कुबुद्धि को समाप्त कर उसे सद्बुद्धि प्रदान करती हैं। ऐसी मां के स्मरण मात्र से ही दुःख, दरिद्र, कलेश, डर इत्यादि सभी मुश्किलें समाप्त हो जाती है। लेकिन आज संसार में अगर हम दृष्टिपात करें तो आपको मां के बहुत सारे भक्त दिखाई देंगे लेकिन सोचने वाली बात यह है कि उनके जीवन में जिन सद्गुणों को होना चाहिए उनका अभाव नज़र आता है।
क्योंकि आज के इंसान ने मां को केवल मात्र मानने तक ही सीमित कर रखा है। लेकिन जो मां जगदम्बे है वह प्रकाश रूप में इस संसार में रमण करती है और उस प्रकाश रूपिनी को इन बाहरी नेत्रों के द्वारा नहीं देखा जा सकता और पूर्ण सतगुरु की कृपा से ही उस प्रकाश तत्त्व को घट भीतर प्राप्त किया जा सकता है ।

आगे साध्वी जी ने बताया कि जागरण का मतलब यह नही कि नींद से जागना। बल्कि जागने का मतलब इस समाज में फैली कुरीतीयों के प्रति जागना उनके प्रति सचेत होना हैं। जब समाज से कुरीतियाँ समाप्त होगीं तभी हमारा समाज सुंदर बन पाएगा।

इस अवसर पर साध्वी कुलदीप भारती जी, साध्वी मनु भारती जी , साध्वी नवनीत भारती जी, साध्वी प्रभुज्योति भारती ने अपने मधुर कंठ से भजनो का गायन किया तो सभी इसी माहौल में झुमने लगे। जागरण को विराम तारा रानी की कथा एवं मां की पावन आरती से दिया गया।

इस भव्य आयोजन में श्री महेंद्र यादव जी, जय प्रकाश, कमलेश, शैलेश मौर्य एवं सैकड़ों की तादाद में भक्त श्रद्धालु सम्मिलित हुए।

Tuesday, 20 October 2026

35 फीट के रावण के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

Sri Ram Leela & Dussehra Committee, Mohali 20th October 2026, 6:37 PM

दशहरा देखने उमड़ा मोहाली में भी जनसैलाब 

धूमधाम से मनाया दशहरा, रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन


मोहाली>>19 अक्टूबर 2026>>प्रिंस मिश्रा >>आराधना टाईम्ज़ डेस्क>>
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा मंगलवार को रामलीला एवं दशहरा ग्राउंड, फेज-1, मोहाली में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी की ओर से आयोजित समारोह में 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले के दहन के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को भी जलाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहरवासी अपने परिवारों के साथ पहुंचे और दशहरा उत्सव का आनंद लिया।

पुतला दहन से पहले मैदान में भगवान श्रीराम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध का मंचन किया गया। राम-रावण युद्ध के दृश्यों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जैसे ही युद्ध के अंतिम चरण के बाद रावण दहन हुआ, मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आतिशबाजी और जलते पुतलों को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

दशहरा उत्सव ने लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों और सत्य की शक्ति का संदेश दिया। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन इस बात का प्रतीक रहा कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।

श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी के अध्यक्ष आशु सूद के नेतृत्व में आयोजित इस उत्सव ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को उत्साहपूर्वक आगे बढ़ाया। कमेटी की ओर से आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, कलाकारों और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया गया।

Saturday, 10 October 2026

खरड़ में भी श्री रामलीला का का शुभारंभ

Happy Kharar WhatsApp On Saturday 10th October 2026 at 12:37  Regarding Ram Lila 

कई नए कलाकारों को भी मिला प्रतिभा दिखाने का नया सुअवसर 


खरड़
>10 अक्टूबर 2026: >>गुरबख्श सिंह हैपी>>आराधना टाईम्ज़ डेस्क:

हमेशा की तरह इस बार भी खरड़ में रामलीला का शुभारंभ धार्मिक आस्था, उत्साह और जोशो खरोश के साथ हुआ। इसे देखने के लिए आम जनता में भी बहुत उत्साह है। हर्षोल्लास के साथ जनता हर रोज़ नए दृश्यों के इंतज़ार करती है।  मौसम की तब्दीली और त्योहारों की शुरुआत के साथ ही आम लोगों में रामलीला के दृश्य जहां धर्म कर्म की भावनाओं का संचार करते हैं। वहीं राम जी के जीवन चरित्र की प्रस्तुति द्वारा उच्च आदर्शों वाले जीवन जीने की प्रेरणा भी देते हैं। हनुमान जी  और भक्ति की भावना इन सभी दर्शकों को शरीरक और मानसिक तौर पर बलवान भी करती है। 

 श्री राम लीला के शाम में नए और पुराने कलाकारों को समय दिया जा रहा है। इससे जहाँ समाज के नवनिर्माण में सहयोग मिलता है उससे इन कलाकारों को भी उत्साह मिलता है और उनकी कला में और निखार आता है। समाज के क्षमतावान लोगों का कारत्व बनता है की वे इन कलाकारों को आर्थिक सहयोग देकर वित्तीय तौर पर भी सुदृढ़ बनाएं। ये कलाकारों और इस शो से जुड़े लोग साडितों से वह भूमिका निभा रहे हैं जिस के चलते हम तक राम जे के उपदेश और हनुमान जी की शक्ति के उत्साह का सचर होता है। 

Sunday, 27 September 2026

श्री सनातन धर्म मंदिर फेज-4 में हुआ विशेष आयोजन

Shrimad Bhagwat Katha Katha Phase4 On Sunday 27th September 2026 at 5:03 PM

भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

*भक्तिमय हुआ मोहाली का फेज-4, 
*जगह-जगह हुआ कलश यात्रा का स्वागत; 
*श्रद्धालुओं ने लगाए प्रसाद व लंगर के अटूट भंडारे


मोहाली: 27 सितंबर 2026: >>आराधना टाईम्ज़ डेस्क>>

श्री सनातन धर्म मंदिर, फेज-4, मोहाली में श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को भव्य एवं धार्मिक वातावरण में हुआ। कथा का आयोजन 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। आयोजन के पहले दिन सुबह मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया।

सुबह मंदिर परिसर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा शुरू हुई। श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन एवं भगवान के जयकारों के साथ क्षेत्र की विभिन्न गलियों से होते हुए आगे बढ़े। यात्रा जिस भी मार्ग से गुजरी, स्थानीय लोगों ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ उसका स्वागत किया। कई स्थानों पर घरों के बाहर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, लंगर और अटूट भंडारे लगाए गए। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का स्वागत किया गया। कलश यात्रा के आगे आतिशबाजी से पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया और ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो क्षेत्र में दीपावली जैसा धार्मिक उल्लास छा गया हो।

कलश यात्रा में श्री सनातन धर्म मंदिर महिला मंडल की प्रधान श्रीमती दिनेश चंदन के नेतृत्व में श्रीमती इंद्रा रानी, पुष्पा शर्मा, राजकुमारी, शशि, नीलम, अर्चना सहित महिला मंडल की अन्य सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान का गुणगान किया और पूरे रास्ते भक्तिमय वातावरण बनाए रखा।

सायंकाल मंदिर परिसर में वृंदावन वाले कथा वाचक स्वामी धन्वंत्री दास जी ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म, संस्कार और सदाचार का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने भावपूर्वक श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण किया।

मंदिर कमेटी के प्रधान देश राज गुप्ता, सह-मीत प्रधान राज कुमार कालिया, मीत प्रधान सतीश कुमार, महासचिव राज कुमार शर्मा तथा कैशियर राकेश कुमार गुप्ता सहित पूरी मंदिर प्रबंधन टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से 7:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं प्रतिदिन प्रातः 8 से 10 बजे तक पूजन होगा।

मंदिर कमेटी ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण करने का आह्वान किया। आयोजन के पहले दिन सुबह निकली भव्य कलश यात्रा और शाम को हुई कथा ने पूरे फेज-4 को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर कर दिया।

Wednesday, 29 July 2026

प्रधानमंत्रीगुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 29 July 2026 at 8:20AM by PIB Delhi//गुरु पूर्णिमा

 शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

नई दिल्ली: 29 जुलाई 2026: (PIB Delhi//आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 


कोई ज़माना था जब गुरुकुल प्रथा समाज का नव निर्माण किया करती थी।
उस दौर में उपनयन संस्कार हुआ करता था जिसके अंतर्गत प्राचीन काल में शिक्षा की शुरुआत उपनयन (जनेऊ) संस्कार से होती थी। इस संस्कार के बाद बालक का 'द्विज' (दूसरा जन्म) माना जाता था। इस दुसरे जन्म से ही एक नए इंसान का निर्माण होता था। 

यह सब गुरुकुल पद्धति के तहत होता था। इसके अंतर्गत शिष्य अपने परिवार को छोड़कर गुरु के आश्रम (गुरुकुल) में रहते थे। बालपन से युवा अवस्था के आरंभ तक होता था उन्हें मंज़बून बनाने के सिलसिला।  दिलचस्प बात है की वहाँ राजा और निर्धन के बच्चे एक साथ समान रूप से शिक्षा पाते थे। बड़े छोटे का कोई अंतरनाहीं होता था। 

इसी दौर में मौखिक परंपरा अर्थात श्रुति वाला सिस्टम होता था। सुनना और याद रखना उन दिनोना बहुत आम बात थी। इसकी निपुणता अधिक से अधिक हुआ करती थी। प्राचीन काल में ज्ञान को लिखकर नहीं, बल्कि बोलकर और सुनकर (श्रुति परंपरा द्वारा) पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखा जाता था। 

इसके साथ ही मुफ़्त शिक्षा का ही चलन हुआ करता था। शिक्षा का व्यापार नहीं होता था। बड़े बड़े बोर्ड लगा कर शिक्षा का बाजार तब नहीं बना था। गुरु कभी भी शिक्षा की कोई तय फीस नहीं लेते थे। शिक्षा को दुकानों की तरह बेचा नहीं जाता था। यह एक जीवन निर्माण की प्रक्रिया हुआ करती थी। 

शिक्षा पूरी होने पर शिष्य अपनी स्वेच्छा और सामर्थ्य के अनुसार 'गुरु दक्षिणा' देते थे। इसकी कई कहानियां भी प्रचलित हैं। स्कूल की तरह गुरुकुल में शिष्यों की प्रसिद्ध प्राचीन जोड़ियाँ हुआ करती थी। उनकी प्रसिद्धि भी चरम पर थी। इस परंपरा के महान उदाहरणों में भगवान कृष्ण और सांदीपनि मुनि, श्रीराम और महर्षि वशिष्ठ, तथा चंद्रगुप्त मौर्य और आचार्य चाणक्य शामिल हैं।

यह हैं उस दौर की कुछ झलकियां जिनकी एक झलक गुरुपूर्णिमा का ध्यान आते ही मन और ज़हन में आ जाती है। एक बिजली सी कौंध जाती है उस समय की शिक्षा प्रणाली की जो सचमुच महान थी। आज के इस अत्याधुनिक कहे जाने वाले युग में भी गुरुपूर्णिमा बहुत से समुदायों में बहुत श्रद्धा और आस्था से मनाई जाती है। 

इस शुभावसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान देने के साथ-साथ अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें सुविचारों एवं सुसंस्कारों से गढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से अपने गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा—

“प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

इस सुभाषित में यह भाव व्यक्त किया गया है कि जो सही दिशा प्रदान करते हैं, ज्ञान एवं सत्य का बोध कराते हैं, सही मार्ग दिखाते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं तथा जीवन में सत्य की समझ विकसित कर आत्म-विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं, उन्हें ही गुरु के छह रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।

प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

***********//पीके/केसी/डीवी/डीए

Thursday, 18 June 2026

निमंत्रण:दवेसर मोदगिल की वार्षिक मेल 21 जून 2026 को

Pardeep Sharma IPTA on Thursday 18th June 2026 at 19:08 Aradhana Times

प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक कुल देवता के मंदिर में हवन  होगा

लुधियाना: 18 जून 2026: (प्रदीप शर्मा इप्टा//आराधना टाईम्स डेस्क):: 

आप सभी पाठकों को भी हर्षोल्लास के साथ सूचित किया जाता है कि दवेसर मोदगिल की वार्षिक मेल दिनांक 21 जून 2026 को अखलासपुरा, ढहवा रोड, निकट धारीवाल  मिल, जिला गुरदासपुर में आयोजित की जा रही है। इस सुअवसर पर आप सभी भी ज़रूर पहुंचिए। 

प्रवक्ता श्री सतपाल शर्मा ने कहा कि प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक कुल देवता के मंदिर में हवन  होगा। इसके पश्चात 10 बजे से 1 बजे तक संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा तथा उसके बाद गुरु का अटूट लंगर आयोजित होगा।

आपसे सादर निवेदन है कि आप अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर कुल देवता का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँ।

आपके दर्शनाभिलाषी वहां प्रेम से आपकी इंतज़ार करेंगे। स्वागत करने वालों में अशोक कुमार दवेसर (प्रवक्ता), रोशन लाल दवेसर, गौरव दवेसर, अजय पटवारी, अशोक कुमार, डॉ. नीरज शर्मा, विष्णु शर्मा और अन्य लोग भी मौजूद रहेंगे। 

Sunday, 14 June 2026

लुधियाना में गुरमत चेतना कैंप का सफलता से आयोजन

WhatsApp From Sheeba Singh on Sunday 14th June 2026 at 15:06 Regarding Gurmat Camp Aradhana Times

5 से 15 साल के बच्चों ने भी हिस्सा लिया 


लुधियाना
: 14 जून 2026: (दिलजोत कौर शीबा सिंह
//आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 

हर साल की तरह इस बार भी बच्चों को सिख इतिहास, संस्कृति और गुरबानी/गुरमत सिद्धांतों की जानकारी देने के लिए 4 जून से 14 जून तक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शहीद भगत सिंह नगर धांधरा रोड में गुरमत चेतना कैंप लगाया गया। इस कैंप में 5 से 15 साल के बच्चों और कई अन्य संगतों ने हिस्सा लिया। कैंप के दौरान संगत और संगत को जपजी साहिब जी के पवित्र पाठ का जाप करवाया गया। छोटे बच्चों को मूल मंत्र का जाप भी करवाया गया। इस तरह नई पीढ़ी को गुरुघर और गुरुबाणी से जोड़ा गया। 

संगत को गुरबाणी,गुरु इतिहास, सिख संस्कृति, रहत मर्यादा के बारे में बताया गया। पूछे गए सवालों के जवाब कैंप डायरेक्टर गुरचरण सिंह पंछी और कैंप एडमिनिस्ट्रेटर भाई भूपिंदर सिंह सैनी ने विस्तार से दिए। बीबी हरजीत कौर, बीबी दर्शन कौर सैनी, बीबी जसवीर कौर और बीबी गुरप्रीत कौर ने छोटे और बड़े बच्चों को हर दिन 2 घंटे सिख इतिहास, रहत मर्यादा के बारे में शानदार जानकारी दी। 

बच्चों ने सिख इतिहास से जुड़ी सुंदर आर्ट वर्कशॉप और पेंटिंग मुकाबले करवाए। अच्छा प्रदर्शन करने वालों को इनाम बांटे गए। कैंप में इस्तेमाल होने वाली स्टेशनरी फ्री बांटी गई। कैंप में हिस्सा लेने के लिए आज हर बच्चे को सर्टिफिकेट भी दिया गया। हर बच्चे  लैपटॉप बैग, पानी की बोतल, कॉफी, पेन, टूथपेस्ट दिया गया। बच्चों के दांत और मसूड़े डॉ. पी. एस. सिद्धू ने चेक किए और जनरल चेक-अप डॉ. श्रुति सिद्धू की टीम ने किया। अलायंस क्लब्स इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एली करनजीत सिंह की तरफ से हर दिन रिफ्रेशमेंट का पूरा लंगर लगाया गया।

कैंप डायरेक्टर गुरचरण सिंह पंछी ने क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान बच्चों के पेरेंट्स के साथ अपने विचार शेयर किए, जिसमें कई पेरेंट्स ने कहा कि ऐसे धार्मिक कैंप नई पीढ़ी और आम संगत के लिए बहुत फायदेमंद हैं, जिन्हें समय-समय पर ऑर्गनाइज करना चाहिए। धार्मिक कवि भाई भूपिंदर सिंह सैनी ने बच्चों और पेरेंट्स को धार्मिक कविताएं सुनाईं। उन्होंने बच्चों के पूछने पर कविताएं लिखने और प्रेजेंट करने के हिंट भी दिए। आखिर में, कैंप डायरेक्टर गुरचरण सिंह पंछी ने कैंप में शामिल होने के लिए उनका धन्यवाद किया। गुरु का लंगर बीबी हरजीत कौर के परिवार द्वारा आयोजित किया गया था।

आशा ही नहीं विश्वास है कि इस तरह के कैंपों का सिलसिला भविष्य में भी जारी रहेगा। 

Monday, 11 May 2026

भारत विकास परिषद ने टैगोर की जयंती मनाई

PK Shararma IPTA WhatsApp on 11th May 2026 at 21:35 for आराधना टाईमज़ 

 स्कूलों के छात्रों ने दिखाए अपनी कला के कमाल 

तस्वीर में विजेता विद्यार्थियों और अध्यापकों के साथ मुख्यातिथि अरूणा पुरी, डॉ बबीता जैन,
सुनीता चेतली,अनिक गर्ग, अरूण सूद, डॉ रोशन लाल गुप्ता, बिंदु शर्मा
लुधियाना: 11 मई 2026: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो):: 

श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जी की जयंती लुधियाना में भी मनाई गई। इस बार यह पहल भारत विकास परिषद् टैगोर शाखा लुधियाना ने करके दिखाई। नोबेल पुरस्कार से पुरस्कृत श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जयंती के उपलक्ष्य में पीएम श्री सससस स्कूल अयाली खुर्द , सरकारी स्कूल वीरमी, जीनियस पब्लिक स्कूल, श्री संत प्रेम दर्शानंद पब्लिक स्कूल के छात्र छात्राओं ने  टैगोर जी के व्यक्तित्व व कृतित्व आधारित क्विज एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की। 

इस यादगारी सुअवसर पर सीनियर और जूनियर आधारित 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के 30 विजेता छात्र छात्राओं को  पुरस्कृत करने और उनके प्रेरक अध्यापकों को सम्मानित करने के लिए भारत विकास परिषद् ट्रस्ट ऋषिनगर में समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि श्रीमती अरूणा पुरी रही और अध्यक्षता भाविप टैगोर शाखा प्रधान डा. बबीता जैन ने की। 

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदेमातरम राष्ट्र गीत उच्चारण से हुआ। मंच संचालन शाखा महासचिव एडवोकेट अनिक गर्ग ने किया। सम्पर्क प्रकल्प प्रमुख सुनीता शर्मा ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। डॉ. बबीता जैन ने भारत विकास परिषद् के  नैतिक मूल्यों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जी के महान् व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा रचित कविता भी प्रस्तुत की गई। टैगोर साहिब की एक प्रसिद्ध अगर तुम हो शांति चाहते का हिंदी अनुवाद जहां मन बिना डर के उड़ सके, जहां ज्ञान की किरण सब पर बरसें सुनाई।  

मुख्यातिथि अरूण पुरी ने कहा इंसान हैं तो इंसानियत ज़रुरी है। विशिष्ट अतिथि सविता अग्रवाल ने योग की महत्ता बताई। पंजाब प्रांतीय सेवा प्रकल्प प्रमुख सुनीता चेतली ने टैगोर की तरह प्रकृति से प्रेम की बात कहते हुए पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया। 

सीनियर सदस्य डॉ रोशन लाल गुप्ता ने स्ट्रेस प्रबंधन सिखाया। शाखा कोषाध्यक्ष अरुण सूद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्टेशनरी प्रदान की गयी। प्रेरक अध्यापकों को पट्टिका पहना कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सदस्य बिंदु शर्मा,संजय महेश्वरी,विभिन्न स्कूलों के अध्यापक, प्रिंसिपल,संरक्षक विशेष रूप से पधारे

Sunday, 10 May 2026

वेद प्रचार मंडल: प्राचार्यों एवं शिक्षकों की एक बैठक आयोजित

Roshan Lal Arya WhatsApp on Sunday10th May 2026 at 09:44 AM Regarding Vedic Event at Mandi Gobindgarh 

मंडी गोबिंदगढ़ में हुआ विशेष आयोजन 


मंडी गोबिंदगढ
:10 मई, 2026: (मीडिया लिंक टीम//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज में वेद प्रचार मंडल के तत्वावधान में प्राचार्यों एवं शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु मूल्य-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की मेज़बानी गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज द्वारा की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री रोशन लाल आर्य, संस्थापक एवं प्रांतीय महासचिव वेद प्रचार मंडल पंजाब ने की। उन्होंने वेद प्रचार मंडल के उद्देश्य एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित शिक्षाविदों को विद्यार्थियों में नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उनकी टीम सदस्य श्रीमती रमन ओबरॉय भी बैठक में उपस्थित रहीं तथा शिक्षा को नैतिक एवं मूल्य-आधारित शिक्षण से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की॥

बैठक में 29 विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आगामी भाषण प्रतियोगिता तथा अन्य मूल्य-आधारित अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताओं के आयोजन संबंधी विस्तृत चर्चा की गई, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल एवं मूल्य-आधारित सोच का विकास करना है। यह निर्णय लिया गया कि उक्त प्रतियोगिताएँ जुलाई 2026 में आयोजित की जाएंगी, जिनकी तिथियों एवं विस्तृत कार्यक्रम की सूचना शीघ्र जारी की जाएगी।

बैठक के दौरान वेद प्रचार मंडल के अंतर्गत गतिविधियों के सुचारु संचालन हेतु पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया।

डॉ. नीना सेठ पजनी, प्राचार्य, गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज को मंडी गोबिंदगढ़ एवं खन्ना क्षेत्र का अध्यक्ष चुना गया, जबकि डॉ. पवन कुमार, प्राचार्य, ए.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

डॉ. नीरू अरोड़ा, प्राचार्य, गोबिंदगढ़ पब्लिक स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़; श्री संजीव थोर, प्राचार्य, एसएनएएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़;श्रीमती अर्चना गुप्ता, प्राचार्य, एसडी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़; तथा श्री नीरज, प्राचार्य, डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खन्ना को उपाध्यक्ष चुना गया।

श्रीमती रितु सिंह, प्राचार्य, एसएनएएस मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़ को सचिव नियुक्त किया गया। श्रीमती रविंदर कौर, प्राचार्य, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शामशपुर; डॉ. आर. के. शर्मा, प्राचार्य, सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अमलोह; श्रीमती रजनी वर्मा, प्राचार्य, हिंदी पुत्री पाठशाला, खन्ना; तथा श्रीमती रितु सूद, प्राचार्य, एमजीसीएएस मॉडल हाई स्कूल, खन्ना को संयुक्त सचिव चुना गया।

विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया, जिनमें डॉ. वैशाली मित्तल, श्री वरिंदर वराइच, श्री वरिंदर कुमार, श्रीमती सुमिता खुल्लर, सरदार बलजिंदर सिंह, सुश्री नीतिका, श्रीमती आशिमा, आभा मल्होत्रा, श्री मंदीप सिंह, शवनीत कौर तथा नीरू महावर शामिल रहे।

समिति के गठन के उपरांत श्री रोशन लाल आर्य एवं श्रीमती रमन ओबरॉय ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को सम्मानित करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दीं।

अंत में उपस्थित सदस्यों ने डॉ. नीना सेठ पजनी के सफल आयोजन एवं युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों तथा चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रयासों की सराहना की। साथ ही श्री रोशन लाल आर्य के प्रेरणादायक मार्गदर्शन एवं मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति समर्पण की भी विशेष प्रशंसा की गई।

Tuesday, 5 May 2026

तुड़ी की कमी को दूर करे पंजाब सरकार : पंजाब गौशाला महासंघ

Jagmeet Ghuman on Tuesday 5th May 2026 at 6:14 PM Regarding Shortage of Fodder Straw in the Cow Shelter

 तुड़ी की कमी का संकट हजारों पशुओं के जीवन के लिए बना खतरा 


मोहाली
: 5 मई 2026: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 

पंजाब गौशाला महासंघ ने पंजाब सरकार से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से तुड़ी-चारे के भंडारण पर रोक लगाई जाए तथा उचित व्यवस्था कर पशुओं को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

गौसेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष- स्वामी कृष्णानंद जी महाराज  ने कहा कि  वर्तमान समय में पंजाब में तुड़ी का अत्यंत गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कई गत्ते की फैक्ट्रियों , ईटों को भट्ठे वं कोयला बॉयलर ने किसानों से सीधे खेतों से बड़े पैमाने पर तुड़ी खरीदी है। इसके चलते गौशालाओं को तुड़ी नहीं मिल पा रही है, जबकि पहले उन्हें यह आसानी से मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि लाखों मवेशी भूख से मरने की कगार पर हैं।

उन्होंने आगे कहा कि चारे के अभाव में होने वाली पशुओं की मृत्यु का नैतिक दायित्व संबंधित प्रशासन और सरकार पर होगा।

स्वामी महाराज  ने कहा कि तूड़ी की कमी के कारण इसके दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे डेयरी किसानों और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है।

स्वामी महाराज  ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार द्वारा 'गौ उपकर' (काऊ सेस) के माध्यम से फंड जमा किया जा रहा है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार पंजीकृत गौशालाओं को समय पर पर्याप्त सहायता न मिलने से चारे का संकट बना रहता है।

स्वामी कृष्णानंद जी महाराज  ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा हमारी मांगों को पूरा न करने पर हमारे पास आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। हम राज्य सरकार को हमारी मांगों पर विचार करने के लिए दो दिन का समय दे रहे हैं, ऐसा न करने पर हम पंजाब के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के आवासों का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। यदि दो दिनों के भीतर राज्य सरकार द्वारा हमारी मांगों पर किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए हमें आमंत्रित नहीं किया जाता है, तो आने वाले शनिवार को पंजाब के गौसेवक और गौशाला मालिक शिव नंदी के साथ अपने-अपने जिलों में आवासों का घेराव करने के लिए मार्च पर निकल पड़ेंगे। 

वेद प्रचार मंडल के सहयोग से वैदिक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

Roshan Lal Arya Tuesday 05th May 2026 at 13:21 Regarding Special Vedic Event

 आदर्श पब्लिक स्कूल, कपिल पार्क, लुधियाना ने किया विशेष आयोजन  


लुधियाना
: 05, मई 2026: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

वेद प्रचार मंडल (रजि.), पंजाब के सहयोग से आदर्श पब्लिक स्कूल, कपिल पार्क, लुधियाना में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक वैदिक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता  छात्रों में वैदिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और प्रभावी सार्वजनिक भाषण कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैदिक दर्शन पर आधारित विविध विषयों पर भाषण दिए। इनमें मानव जीवन का उद्देश्य, मूल्यों का महत्व, योग को मुक्ति का मार्ग, पर्यावरण जागरूकता, समाज में महिलाओं की भूमिका, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान और आधुनिक समय में वैदिक शिक्षाओं की प्रासंगिकता शामिल थी।

प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, स्पष्टता और गहन समझ के साथ अपने विचार व्यक्त किए। निर्णायक मंडल ने छात्रों की अंतर्दृष्टिपूर्ण, प्रस्तुतियों और विषय पर उनकी पकड़ की सराहना की। इस प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों के भाषण कौशल को निखारा बल्कि उन्हें नैतिक जीवन और सांस्कृतिक विरासत पर चिंतन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में सम्मानित मुख्य अतिथि रोशन लाल आर्य ने अपने प्रेरणादायक शब्दों से छात्रों को प्रेरित किया और अनुशासित एवं मूल्य-आधारित जीवन के निर्माण में वैदिक शिक्षाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें शारीरिक मानसिक और सामाजिक उन्नति के लिए प्रयास करने चाहिए अपने शरीर को हस्त पोस्ट बनाने के लिए खान-पान ठीक रखने तथा शारीरिक गतिविधियों विशेष रूप से योग एवं आसन आदि पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आत्मा इस शरीर का नियंत्रक है, उसी प्रकार से पूरे ब्रह्मांड के अंदर परमात्मा व्याप्त है। आत्मा का परमात्मा के साथ मिलन ही योग है

विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार दिए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सराहा गया।

कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्या श्रीमती अमिता  बांसल के मार्गदर्शन में हुआ, जिनके सहयोग और प्रोत्साहन ने इसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का कुशल समन्वय श्रीमती सुनीता अरोड़ा ने किया, जिससे कार्यक्रम का सुचारू संचालन सुनिश्चित हुआ।

विद्यालय प्रशासन ने इतने सार्थक और शिक्षाप्रद कार्यक्रम के आयोजन के लिए वेद प्रचार मंडल  को हार्दिक धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश के साथ हुआ, जिसने छात्रों को अपने दैनिक जीवन में वैदिक सिद्धांतों को अपनाने और मूल्य-आधारित समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

Monday, 20 April 2026

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन

Divya Jyoti Ldh on 19th 2026 at 3:54 PM Regarding Meditation and Sadhna Shivir

साध्वी राधिका भारती जी ने बताए आज की भागदौड़ में चैन के गुर 

लुधियाना: 19 अप्रैल 2026: (मीडिया लिंक//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::


दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा
स्थानीय आश्रम हरनामपुरा में ध्यान एवं योग शिविर का आयोजन किया गया। आए हुए सभी लोगों को संबोधित करते हुए दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री राधिका भारती जी ने कहा कि आज प्रत्येक इंसान की जिंदगी में दौड़ भाग लगी हुई है। हर पल जीवन में एक प्रतिस्पर्धा और प्रतियोगिता लगी रहती है। इसी अंधी दौड़ के कारण आज प्रत्येक व्यक्ति तनाव ग्रस्त है। परंतु जीवन की इस गति के पीछे कोई तो ऐसी स्थिर सत्ता होनी चाहिए जो हमारे अस्तित्व का आधार हो। उन्होंने कहा कि जीवन की प्रत्येक विकलता से निकलने का एक ही उपाय है वह यह है कि हम अपने अस्तित्व के उस आधारभूत स्थिर-बिंदु को खोजें और उससे जुड़ने की कला सीख लें। क्या है यह कला? हमारे आर्य ग्रंथों में स्थिर जीवन की पद्धति को कहा गया -ध्यान।

साध्वी जी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आज का समाज इस पद्धति की महत्वता से बेखबर है। सच तो यह है कि आज मेडिटेशन  करना एक 'ट्रेंड' या 'स्टेटस सिंबल' बन गया है। परंतु आज इंसान जिन ध्यान की पद्धतियों को अपनाता है वो उसे केवल कुछ समय के लिए ही शांति और आनंद देती हैं। इसका कारण है कि हम ध्यान की सही पद्धति को नहीं जानते।

ध्यान केवल बाहरी नेत्रों को बंद करना नहीं होता अपितु दिव्य नेत्र का खुलना ध्यान का आरंभ है। हमारे शास्त्रों के अनुसार जब एक व्यक्ति का तृतीय नेत्र खुलता है तो प्रभु के प्रकाश रूप का दर्शन घट के भीतर होता है। इसी प्रकाश रूप में अपने मन को केंद्रित करना ही वास्तव में ध्यान कहलाता है। परंतु यह दिव्य नेत्र केवल ब्रह्मज्ञान की दीक्षा के समय पूर्ण सतगुरु ही खोलने का सामर्थ्य रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान साध्वी जी ने शारीरिक स्वास्थ्य पर भी बात की और जीवन  में योग की महत्वता को बताते हुए विभिन्न प्रकार के योगासन करवाए।

Sunday, 19 April 2026

संस्कार भारती एवं देवकी देवी मेमोरियल कॉलेज फॉर वूमन

PK Sharma WhatsApp on Sunday 19th April 2026 at 13:10 Regarding संस्कार भारती Event 

 संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम 


लुधियाना
:19 अप्रैल 2026: (बेनू सतीश कांत//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

संस्कारों, कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं प्रसार के उद्देश्य से “संस्कार भारती” एवं देवकी देवी मेमोरियल कॉलेज फॉर वूमन के संयुक्त तत्वावधान में गत दिनों एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं ध्येय गीत के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री नंद कुमार जैन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री हरकेश मित्तल उपस्थित रहे। साथ ही देवकी देवी  मेमोरियल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सरिता बहल एवं आत्म देवकी निकेतन स्कूल की प्रिंसिपल Ms. Mridhu Ablash की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अतिरिक्त श्री जसप्रीत मोहन सिंह जी द्वारा कला प्रदर्शनी तथा शुभम अनमोल द्वारा ‘बेज़ुबान’ विषय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म प्रस्तुत की गई। रौशनी एवं मासूम ने कृष्ण एवं शिव स्तुति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं रंगोली प्रतियोगिता में किरनजोत कौर एवं सोनम ने भाग लिया।डॉ बबीता जैन जी नें इस संस्था की स्थापना का उद्देश्य बताया !

प्रतियोगिता का मूल्यांकन श्री कपिल शर्मा एवं डॉ. सोनिया द्वारा किया गया तथा श्री हरकेश मित्तल एवं श्रीमती नीरू मित्तल द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। विजेताओं के अतिरिक्त अन्य प्रतिभागियों को सराहना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

🏆 पुरस्कार वितरण

प्रथम – देविका डाबरा (बी.वी.एम. स्कूल, किचलू नगर)

द्वितीय – प्रथम शर्मा (आत्म पब्लिक निकेतन स्कूल)

तृतीय – प्रियांशु (आत्म देवकी निकेतन स्कूल)

सांत्वना – समरजोत कंनाजिया (आर.एस. मॉडल स्कूल)

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृति एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना था, जो सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सीमा भाटिया, अंतिमा धुप्पड ,मोनिका कटारिया, रमा शर्मा ,संगीता भंडारी  का सहयोग रहा।

अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार प्रदीप शर्मा जी नें व्यक्त किया गया और कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए 

मंच संचालन: श्रीमती बेनू सतीश कॉंत एवं डॉ. पूनम सपरा।

से आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच देते हैं, बल्कि संस्कृति, संवेदना और संस्कारों की उस ज्योति को भी प्रज्वलित करते हैं, जो समाज को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। 

रिपोर्ट:

बेनू सतीश कॉंत ✍️


Tuesday, 7 April 2026

अनीता शर्मा ने की योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील

Ani Sharma on Tuesday 7th April WhatsApp at 17:01 Regarding World Health Day  

नव किरण वुमन वेलफेयर एसोसिएशन, बिलंदगढ़ द्वारा जारी विशेष प्रेस विज्ञप्ति 


लुधियाना: 7 अप्रैल 2026:(अनीता शर्मा//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

नव किरण वुमन वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष एवं बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष  अनीता शर्मा ने स्वास्थ्य नियमों को लेकर एक विशेष प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस पर योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए सुश्री अनीता शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए स्वास्थ्य बेहद जरूरी। 

आज World Health Day (अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस) के अवसर पर नव किरण वुमन वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं  बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्किटेक्ट  अनीता शर्मा ने आमजन से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और योग को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि World Health Organization (WHO) के अनुसार विश्व स्तर पर लगभग 70% मौतें लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों—जैसे हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह—के कारण होती हैं। भारत में भी लगभग 50% महिलाएँ एनीमिया (खून की कमी) से प्रभावित हैं, जबकि महिलाओं में पोषण की कमी, हार्मोनल असंतुलन और मानसिक तनाव के मामले पुरुषों की तुलना में अधिक पाए जाते हैं।

महिला अधिकार सुधारक सुश्री अनीता शर्मा ने कहा कि महिलाओं पर, आज के बदलते हुए हाईटैक संसार में , परिवार और कार्य का दोहरा दबाव, स्वयं की सेहत की अनदेखी तथा समय पर उपचार न लेना इन समस्याओं को और बढ़ाता है।

योग: स्वस्थ जीवन की सरल और प्रभावी राह:

पतंजलि योगपीठ से जुड़ी अनीता शर्मा ने बताया कि नियमित योग और प्राणायाम अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। पतंजलि योगपीठ द्वारा रख बाग में  प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से 7:15 बजे तक निःशुल्क योग सत्र 18 वर्षों से  लगातार चल रहा हैं, जिनका लाभ क्षेत्र के अनेक लोग उठा रहे हैं ।

दैनिक जीवन में अपनाने योग्य सुझाव:

- प्रतिदिन 20–30 मिनट योग एवं प्राणायाम

- 30 मिनट वॉक या हल्का व्यायाम

- संतुलित एवं पौष्टिक आहार (आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन युक्त)

- पर्याप्त जल सेवन एवं 7–8 घंटे की नींद

- मानसिक तनाव से बचाव हेतु ध्यान (मेडिटेशन)

महिलाओं के लिए विशेष संदेश में 

सामाजिक कार्यकर्ता आर्किटेक्ट सुश्री अनीता शर्मा ने कहा कि महिलाएँ परिवार की आधारशिला होती हैं, इसलिए उनका स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, नियमित जांच कराएं और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

“योग, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या ही स्वस्थ जीवन की असली कुंजी है। स्वस्थ महिला, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की नीव है।

Thursday, 2 April 2026

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करके हुए प्रार्थना की

 प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 02 APR 2026 10:48AM by PIB Delhi

सुभाषितम् साझा करते हुए भगवान हनुमान जी से प्रार्थना की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान हनुमान जी भक्ति, शक्ति और अटूट समर्पण के अद्वितीय प्रतीक हैं। श्री मोदी ने कहा, "महाबली की कृपा से उनके सभी भक्तों में साहस और सकारात्मकता का संचार हो।"

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।

वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शिरसा नमामि॥”

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर लिखा:

“भगवान हनुमान जी भक्ति, शक्ति और अटूट समर्पण के अद्वितीय प्रतीक हैं। महाबली की कृपा से उनके सभी भक्तों में साहस और सकारात्मकता का संचार हो।

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।

वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शिरसा नमामि॥”

Wednesday, 1 April 2026

परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 01 APR 2026 10:37AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए स्वामीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की 

नई दिल्ली: 01 अप्रैल 2026:(PIB Delhi//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज परम पूज्‍य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान से देश की हर पीढ़ी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित होती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः

स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।


नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः

परोपकाराय सतां विभूतयः॥”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

“मानवता के अनन्य उपासक परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी को उनकी जन्म-जयंती पर कोटि-कोटि नमन! शिक्षा, समाज कल्याण और अध्यात्म के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान देश की हर पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः

स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।


नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहाः

परोपकाराय सतां विभूतयः॥”


https://x.com/narendramodi/status/2039190669550612658?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2039190669550612658%7Ctwgr%5E7bd5b509296f5f291e6b8fe19ac406aaecc449f6%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.pib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D2247496reg%3D3lang%3D2****//पीके/केसी/एसकेजे/एम//(रिलीज़ आईडी: 2247496) 

Thursday, 19 March 2026

नवरात्रि साधना के त्यौहार का पूरा वैज्ञानिक आधार है

Media Link Team on 19th March 2026 at 02:30 AM 

नौ दिन-नौ रात की साधना शक्ति संचय का ही त्यौहार है

चंडीगढ़: 19 मार्च 2026: (मीडिया लिंक टीम//आराधना टाईम्स डेस्क)::

नवरात्रि का हमेशां से विशेष महत्व रहा है। मौसम के लिहाज़ से भी और अंतरकी साधना के लिए भी। नवरात्रि के पर्व को पूरी आस्था के साथ मनाया जाए तो इस गहरे असर महसूस भी होने लगते हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं होते। शरीर की ऊर्जा भी बढ़ती है और मन की ऊर्जा भी। इस सब से अंतरात्मा बहुत बलवान होने लगती है। 

आपको याद दिला दें कि हिंदू पंचांग में चार नवरात्रि आती हैं, पर दो मुख्य रूप से मनाई जाती हैं:  चैत्र नवरात्रि (मार्च‑अप्रैल, नववर्ष की शुरुआत)  शारदीय नवरात्रि (सित‑अक्टूबर, दुर्गा‑पूजा)  अन्य दो गुप्त नवरात्रि (आषाढ़ और माघ) तंत्र‑साधकों में खास महत्व रखती हैं। 

इन चारों को मिलाकर साल में चार बार आत्म‑शोधन, ऊर्जा‑संतुलन और नई शुरुआत का मौका मिलता है। यही है सबसे बड़ा लाभ।  पहला नवरात्रि का संदेश “शुरुआत”चैत्र नवरात्रि वसंत के साथ आती है, जब प्रकृति नींद से जागती है। 

पहला दिन माँ शैलपुत्री को समर्पित होता है। पर्वत‑की‑बेटी, स्थिरता और धैर्य की प्रतीक के रूप में ज़ेहन में उभरती है। इस विशेष संदेश यह है कि जीवन में जब सब कुछ बिखरा‑बिखरा लगे तो जमीन‑से‑जुड़ी नींव बनाओ। छोटे‑छोटे व्रत (एक‑दो घंटे भोजन‑विराम) और सादा प्रार्थना‑पाठ दिमाग को “डिजिटल‑डिटॉक्स” देते हैं। स्वास्थ्य छ होने लगता है। इसके साथ ही निराशा दूर होने लगती है कि और स्पष्टता सुदृढ़ होने लगती है। दूसरा नवरात्रि का  संदेश भी बहुत अहम है। इससे “संकल्प” मज़बूत होने लगता है। शारदीय नवरात्रि का पहला दिन माँ शैलपुत्री ही है पर यहाँ मौसम शरद‑ऋतु का परिपक्व‑प्रकाश लाता है। इस से पर्यावरण में जादुई तबदीली का अहसास होने लगता है। अब उद्देश्य सिर्फ़ शुरू‑नहीं, बल्कि लक्ष्य‑पर‑कदम रखने की याद भी दिलाता है। नवरात्रि के दिनों में आस्था और पूजा अर्चना से ऊर्जा की बढ़ोतरी का यह सिलसिला लगातार बना रहता है। इस आंतरिक विकास की चमक धीरे धीरे बहरी जीवन में भी दिखाई देने लगती है।   

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संदेश: अंदर के डर‑को‑पहचानो, फिर ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) की तरह संयम‑और‑साधना अपनाओ। इस जीवनशैली से इतना कुछ मिलेगा कि आप उस ऊंचाई को सोच भी नहीं पाएंगे। गौरतलब है कि उपवास से शरीर‑में‑इंसुलिन‑सेंसिटिविटी सुधरती है, मन‑में‑स्थिरता आती है और डिप्रेशन दूर होने लगता है। इसके परिणाम स्वरूप शक्ति का पहला कदम बढ़ता है और फिर यह एक सिलसिला बन जाता है। 

पूजा‑पाठ‑उपवास और साधना जो रहस्य खोलते हैं वे बहुत गहरे हैं लेकिन नवरात्रि रखने से उनकी समझ सहजता से आने लगती है। नियमित श्वास‑प्रश्वास (दीया‑जप) → पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय, तनाव‑हॉर्मोन घटते हैं। अंतर्मन में जो नई ऊर्जा जागने लगती है इसका अहसास उसी को होता जो इसका अनुभव कर पाता है। नवरात्रि के फायदे और लाभ पुस्तक पढ़कर या किसी से सुनकर नहीं बल्कि स्व अनुभूति से ही समझे जा सकते हैं। इनकी अभिव्यक्ति भी धीरे धीरे बाहर आने लगती है। 

नौ‑रात्रि‑उपवास (फल‑आहार या निराहार) रखने से ऑटोफैजी बढ़ती है, शरीर‑के‑‘खराब‑सेल’ साफ होते हैं। शारीरिक‑रिफ्रेश महसूस होता है। मानसिक‑हल्कापन आने लगता है।  देवी‑के‑नौ‑रूप → हर रूप (धैर्य, शक्ति, ज्ञान…) को रोज‑एक‑आइना मानो; आत्म‑मंथन से “मैं कौन हूँ/क्या चाहता हूँ” साफ होता है।  मानसिक दृष्टि साफ़ स्पष्ट होने लगती है। जल्दी किए कोई आपको धोखा नहीं दे सकता। धोखेबाज़ लोग आपके सामने आने से घबराने लगेंगे। इस साधना के बहुत से दुसरे फायदे भी  होते हैं। 

इन्हीं दिनों सामूहिक गरबा/जागरण के आयोजन का भी अलग ही जादू होता है। इससे → समुदाय‑सिंक्रोनाइज़ेशन, अकेलेपन‑का‑विरोध सूक्ष्म ढंग से होने लगता है और डोपामाइन‑बूस्ट होने लगता है। जिन्होंने कभी गरबा में अभाग लिया है वे इसे अच्छी तरह महसूस भी कर सकते हैं। 

इन चारों स्तंभों से निराशा → आशा, अस्थिरता → केंद्रित शक्ति का परिवर्तन वैज्ञानिक‑आधारित भी है। उपवास‑से‑मेटाबॉलिक‑रिसेट, जप‑से‑माइंडफुलनेस, समूह‑से‑ऑक्सीटोसिन।  ब्लॉग‑के‑लिए एक त्वरित विज़ुअल (नीचे उत्तरबोधि‑मुद्रा की तरह, यहाँ देवी‑के‑रूप का एक सादा सा कोलाज़ दिखाया गया है। पहले दो नवरात्रि के मुख्य प्रतीक: शैलपुत्री का पर्वत‑पृष्ठभूमि और ब्रह्मचारिणी का ज्योति‑दीया। आप ध्यान से देख सकें टोंटो आपको इसका सम्मोहन पहली झलक से ही महसूस होगा।  

कुल मिला कर सार यह कि: नवरात्रि सिर्फ़ व्रत‑त्यौहार नहीं; बल्कि वास्तव में यह साल‑में‑चार‑बार मिलने वाला मानसिक‑डिटॉक्स है। पहला नवरात्रि “जमीन‑बनाओ”, दूसरा “चलो‑आगे”, और नौ‑दिवसीय क्रम मिल‑जुलकर जीवन के गहरे रहस्यों—संतुलन, संकल्प, शुद्धि—को खोलता है, निराशा को आशा में, डिप्रेशन को शक्ति में बदलता है।  

नवरात्रि के नो दिनों के रहस्यों पर बहुत समय तक चर्चा की जा सकती है। इसके मनन से भी एक अलग किस्म का आनंद महसूस होता है। देवी मां कृपा करे और आप अधयत्मिक साधना के रंग में रंगें रहें। 

Monday, 16 February 2026

लुधियाना: आगामी सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा

Emailed on Monday 16th February 2026 at 5:45 PM Regarding Bhagwat Katha Week Event 
बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम और उसके दुष्प्रभावों पर होगी विशेष चर्चा

लुधियाना: 16 फरवरी 2026: (मीडिया लिंक रविंद्र/ /आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::


भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं संस्कृति मंच द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा का ऐलान आज नागपाल रीजेंसी होटल फिरोजपुर लुधियाना में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।

प्रेस वार्ता की अगुवाई संस्थान के प्रतिनिधि स्वामी गुरुकृपानंद जी संयोजक दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान लुधियाना , स्वामी प्रकाशानंद जी, साध्वी कपिला भारती जी, साध्वी मीनाक्षी भारती एवं साध्वी मनेंद्रा भारती जी ने संयुक्त रूप से की।

स्वामी गुरुकृपानंद जी ने बताया कि 19 से 25 फरवरी 2026 तक सेक्टर 32 A स्थित मार्किट ग्राउंड में यह विशाल श्री मद्भागवत कथा आयोजित होगी। प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाला यह कार्यक्रम निःशुल्क होगा व हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

कथा दौरान बच्चों के लिए विशेष सत्र
इस कथा का विशेष फोकस आधुनिकता की दौड़ में बच्चों के खेल कूद का मैदान अब मोबाइल फोन बनता जा रहा है, जो तनाव का मुख्य कारण बनता जा रहा है, इस विषय पर होगा।

बच्चों के लिए बढ़ते स्क्रीन टाइम और उसके दुष्प्रभावों पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित होगा।
स्वामी गुरुकृपानंद जी ने हेल्पलाइन नंबर 9814002124 जारी किया। जो स्कूल या बच्चों के अभिभावक इस नंबर पर रजिस्ट्रेशन करवाएंगे उनके लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित होगा।

साध्वी मनेंद्रा  भारती जी ने कहा सभी श्रद्धालुओं से शामिल होने होने का विशेष अनुरोध करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जीवनचरित हर आयु वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह कथा मन, विचार और जीवन को पवित्र करने का माध्यम है। उन्होंने सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने परिजनों और मित्रों के साथ इस आध्यात्मिक महोत्सव में अवश्य पधारें।

उन्होंने बताया कि विश्वविख्यात कथा व्यास साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती जी कथा का वाचन करेंगी। साध्वी जी देश-विदेश में अपने ज्ञान, वाणी और आध्यात्मिकता से लाखों लोगों को प्रेरित कर चुकी हैं। कथा के माध्यम से वह भगवान श्री कृष्ण के संदेशों को आधुनिक समाज की चुनौतियों—जैसे बच्चों में बढ़ती स्क्रीन टाइमिंग,नशा-निवारण, कन्या भ्रूण हत्या, नारी संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण—के संदर्भ में प्रस्तुत करेंगी।

17 फरवरी को निकलेगी 1100 महिलाओं की मंगल कलश यात्रा

साध्वी जी ने बताया कि कार्यक्रम से दो दिन पूर्व 17 फ़रवरी 2026 को 1100 महिलाओं की भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर सेक्टर 32 A,और 33 के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कथा स्थल तक पहुँचेगी। यह यात्रा विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द का संदेश देगी।

Friday, 6 February 2026

जादू की तरह फायदा पहुंचाती हैं हस्त मुद्राएं

Rector Kathuria on Thursday 05th February 2026 at 20:28 Regarding Finger Yoga  or Hand Yoga Regarding 

लेकिन किस योग्य मार्गदर्श्क की देखरेख में ही करना उचित होगा


लुधियाना
:6 फरवरी 2025: (रेक्टर कथूरिया//मीडिया लिंक रविंदर//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

उम्र बढ़ती जा रही है और समय हाथ से निकला जा रहा है। ज़िंदगी की गर्दिश और संघर्ष ने बहुत कुछ दिखाया भी समझाया भी लेकिन फिर भी उलझनें मन को उलझाती रही। कई बार ज़िंदगी निरथर्क भी लगने लगती। स्वास्थ्य बिगड़ा तो मुश्किलें और बढ़ गई। अंग्रेज़ी मेडिकल सिस्टम की दवाओं से तो मन ही चलने लगा। इन दवाओं से अगर एक मर्ज़ ठीक होती तो दस नई बीमारियां और लगने लगती। ऊपर से यह सिस्टम महंगा भी बहुत है। इस हालात में चिंता भी बहुत हुई लेकिन इसी चिंता का सामना करते करते चिंतन भी बढ़ा। मेडिटेशन और अच्छी लगने लगी। सेहत ज़्यादा बिगड़ी तो तिब्बती इलाज प्रणाली की शरण में जाने का मन हुआ। तिब्बत वाले मेडिसिन सिस्टम ने मौत के मुँह से निकालने का चमत्कार कर दिखाया। जान बच गई लेकिन साथ में बुढ़ापे की अपनी अलह दुश्वारियां होती हैं। उम्र 68 को पार करने लगी तो भविष्य अंधेरा भी लगने लगा। कई छोटी छोटी मुश्किलें भी अभी बाकी हैं। इसके बाद अच्छी,किस्मत से मिला हस्त मुद्रा योग साधना का ज्ञान। 

सही ढंग तरीका तो यह है कि इस साधना को ठीक से बैठ कर करना चाहिए और रीढ़ बिलकुल सीढ़ी रहे। लेकिन बुढ़ापे वाली उम्र और स्वास्थ्य कारणों से ज़्यादा समय तक सीधे बैठना कठिन हो जाता। इस लिए तलाश कर रहा है कि लेट कर कौन कौन सी मुद्रा संभव है। 

छह दशक से अधिक की उम्र अर्थात 68 प्लस की उम्र में लेट कर की जाने वाली हस्त मुद्रा के लिए ज्ञान मुद्रा एक अच्छा विकल्प है। यह मुद्रा न केवल लेट कर की जा सकती है, बल्कि यह ध्यान और श्वास अभ्यास के लिए भी बहुत उपयोगी है। इस से बहुत फायदा भी हुआ। एक तो जल्दी से नींद आने लगी। दूसरा फायदा यह कि मन भी शांत होने लगा। विचारों पर नियंत्रण भी बढ़ने लगा और बार बार इधर उधर भागता मन भी काबू में आने लग। 

विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन करते हुए बताया कि ज्ञान मुद्रा के अलावा, आप शून्य मुद्रा (चिन मुद्रा) भी लेट कर कर सकते हैं। इसमें आप अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखें और अपने अंगूठे को अपनी सूचक अँगली के साथ जोड़ें। यह मुद्रा भी ध्यान और श्वास अभ्यास के लिए बहुत उपयोगी है।

इसके अलावा, आप प्राण मुद्रा भी लेट कर कर सकते हैं। इसमें आप अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखें और अपने अंगूठे को अपनी सूचक अँगली और मध्यमा अँगली के साथ जोड़ें। यह मुद्रा ऊर्जा को बढ़ाने और तनाव को कम करने में मदद करती है।

फ़िलहाल इतना ही लेकिन एक बात ज़रूर ध्यान रखें कि यदि कोई स्वास्थ्य समय हो तो किसी योग एक्सपर्ट से मार्गदर्शन ज़रूर ले लें। इन मुद्राओं को करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना उचित होगा, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है। गलत मुद्रा अपनाने से नुकसान की संभावना भी बनी रहती है। 

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Saturday, 24 January 2026

केवल वेदलक्षणा गोमाता के घी एवं पंचगव्य से हों धार्मिक आयोजन

poonam rajpurohit Manvtadharmi on 24th January 2026 at 5:11 PM Regarding Indigenous Cow or Indian Cow

जनसंघ के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता पूनम राजपुरोहित ने फिर उठाई आवाज़ 


लुधियाना: 24 जनवरी 2026:(मीडिया लिंक रविंदर//आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 

सनातन धार्मिक-आध्यात्मिक अनुष्ठान केवल वेदलक्षणा गोमाता के घी एवं पंचगव्य से ही हो। जनसंघ के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता पूनम राजपुरोहित मानवतधर्मी ने यह आह्वान एक प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिए किया है। उन्होंने सावधान भी किया कि भैंसादि तथा बाजार के चर्बी युक्त अप्रमाणिक घी से हवन,यज्ञ,पूजादि अनुष्ठान धर्म के नाम पर धोखा धड़ी बड़े पैमाने पर जारी है। 

अखिल भारतीय जनसंघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री पूनम राजपुरोहित मानवताधर्मी ने तीन दिवसीय पंजाब प्रवास के दौरान हवन,यज्ञ आदि धार्मिक-अध्यात्मिक अनुष्ठानों में केवल और केवल वेदलक्षणा गोमाता के घी के ही उपयोग का आह्वान किया है! उन्होंने स्पष्ट कहा है कि "बाजार के मिलावटी एवं चर्बी युक्त अप्रमाणिक घी से हवन,यज्ञादि अनुष्ठान सरासर धर्म के नाम पर धोखा है! ऐसे अनुष्ठानों के सुखद,शान्तिमय एवं समृद्धि युक्त परिणाम नहीं मिलते हैं! अपितु चर्बी युक्त मिलावटी तथा भैंसादि के घी से किए गए अनुष्ठानों से प्रेत्मात्माओं तथा नकारात्मक शक्तियों को पुष्टि मिलती है!"

देश के जाने-माने प्रखर विचारक-चिंतक श्रीराजपुरोहित ने इस विषय पर बेलाग व बेबाक स्वर में सनातन के शीर्ष साधु-संतो,आचार्यों एवं धार्मिक कर्मकांडिय विद्वानों से एक सर्वसम्मत मत घोषित करने की मांग की है!

तथ्य,तर्क व प्रमाण के साथ सनातन मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते रहे श्रीराजपुरोहित ने प्रश्न किया है कि" वर्तमान में सनातन धर्मवलम्बियों का करोड़ों-अरबों का धन,समय और श्रमशक्ति अनुष्ठानों में व्यय होकर भी अपेक्षित सकारात्मक परिणाम क्यों नहीं आ रहे हैं? अपितु ठीक विपरीत चंहूऔर मानव समाज एवं विश्व जगत में ईर्ष्या-द्वेष,वैमनस्य,आपाधापी, दूसरों के अधिकारों का अपहरण,अराजकता,आंतकवाद जैसी अमानवीय प्रवतियाँ लगातार बढ़ती ही जा रही है! आखिर इतने धार्मिक-अध्यात्मिक अनुष्ठानों के बाद भी यह विकट स्थितियां क्यों खड़ी है? श्रीराजपुरोहित कहते हैं कि "इस सनातन क्षति, गिरावट एवं अवमुल्यन के पीछे मूल कारण धार्मिक-आध्यात्मिक वैदिक अनुष्ठानों में वेदलक्षणा गोमाता के घी और पंचगव्य का उपयोग नहीं होना है!"

जनसंघ के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता श्रीराजपुरोहित तीन दिवसीय पंजाब प्रवास में अनेक साधु-संतो से मिलेंगे! देश के भक्ति रस के अग्रणी महापुरुष गोसेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य संत श्री कृष्णानंदजी महाराज 'भूरी वालों' के सानिध्य में कई सामाजिक,सांस्कृतिक,धार्मिक,

आध्यात्मिक और संकीर्तन कार्यक्रमों में भाग लेंगे! 

पिछले तीन-चार दशकों से सनातन धर्म सम्बंधित कुरीतियों, सनातन विरोधी नीतियों,सनातन को कमजोर करने वाले तत्वों एवं सनातन समाज की समसामयिक ज्वलंत समस्याओं को पूरजोर से उठाते रहने वाले श्रीराजपुरोहित ने " हर हाल में सनातन वैदिक पूजा,आरती,दीपक, ज्योति एवं यज्ञादि अनुष्ठानों को शुद्ध वेदलक्षणा गोमाता के घी से सम्पन्न करवाने के लिए राष्टव्यापी अभियान का आह्वान किया है। 

उन्होंने शीघ्र ही परम पूज्य सर्वश्री चारों शंकराचार्यों, देश के प्रमुख अखाडा परिषदों,महा मंडलेश्वरों,मठाधीसों,बड़े मंदिरों के पुजारियों और सनातन विद्वानों को विशेष पत्र लिखकर तथा प्रत्यक्ष मिलकर धार्मिक-आध्यत्मिक कार्यों में केवल और केवल भारतीय देशी गाय के घी एवं पंचगव्य का ही उपयोग करने में सहयोग व आशीर्वाद के प्रयासों में तेजी लाने की घोषणा की है!

विशेष घोषणा:

अग्रणी महान गोसेवक-गोभक्त जीवंट व्यक्तित्व-कृतित्व रुपी लाखों लोगों के आदर्श श्रीराजपुरोहित ने कहा कि "वेदलक्षणा गोमाता एवं उनके पंचगव्य की महिमा अपार है। गाय और पंचगव्य के बिना सनातन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। गोसंरक्षण,गोपालन,गोसंवर्धन तथा पंचगव्य परिषकरण व विनियोग से ही धर्म,मानव जाति,प्रकृति व पर्यावरण और सृष्टि सुरक्षित रह सकती है। गाय के बिना उन्नति,स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण की बात करना ही अर्थहीन है। वेदलक्षणा गाय बचेगी तो ही मानव,मानवता और सृष्टि बचेगी।"