Saturday, 10 October 2026

खरड़ में भी श्री रामलीला का का शुभारंभ

Happy Kharar WhatsApp On Saturday 10th October 2026 at 12:37  Regarding Ram Lila 

कई नए कलाकारों को भी मिला प्रतिभा दिखाने का नया सुअवसर 


खरड़
>10 अक्टूबर 2026: >>गुरबख्श सिंह हैपी>>आराधना टाईम्ज़ डेस्क:

हमेशा की तरह इस बार भी खरड़ में रामलीला का शुभारंभ धार्मिक आस्था, उत्साह और जोशो खरोश के साथ हुआ। इसे देखने के लिए आम जनता में भी बहुत उत्साह है। हर्षोल्लास के साथ जनता हर रोज़ नए दृश्यों के इंतज़ार करती है।  मौसम की तब्दीली और त्योहारों की शुरुआत के साथ ही आम लोगों में रामलीला के दृश्य जहां धर्म कर्म की भावनाओं का संचार करते हैं। वहीं राम जी के जीवन चरित्र की प्रस्तुति द्वारा उच्च आदर्शों वाले जीवन जीने की प्रेरणा भी देते हैं। हनुमान जी  और भक्ति की भावना इन सभी दर्शकों को शरीरक और मानसिक तौर पर बलवान भी करती है। 

 श्री राम लीला के शाम में नए और पुराने कलाकारों को समय दिया जा रहा है। इससे जहाँ समाज के नवनिर्माण में सहयोग मिलता है उससे इन कलाकारों को भी उत्साह मिलता है और उनकी कला में और निखार आता है। समाज के क्षमतावान लोगों का कारत्व बनता है की वे इन कलाकारों को आर्थिक सहयोग देकर वित्तीय तौर पर भी सुदृढ़ बनाएं। ये कलाकारों और इस शो से जुड़े लोग साडितों से वह भूमिका निभा रहे हैं जिस के चलते हम तक राम जे के उपदेश और हनुमान जी की शक्ति के उत्साह का सचर होता है। 

Sunday, 27 September 2026

श्री सनातन धर्म मंदिर फेज-4 में हुआ विशेष आयोजन

Shrimad Bhagwat Katha Katha Phase4 On Sunday 27th September 2026 at 5:03 PM

भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

*भक्तिमय हुआ मोहाली का फेज-4, 
*जगह-जगह हुआ कलश यात्रा का स्वागत; 
*श्रद्धालुओं ने लगाए प्रसाद व लंगर के अटूट भंडारे


मोहाली: 27 सितंबर 2026: >>आराधना टाईम्ज़ डेस्क>>

श्री सनातन धर्म मंदिर, फेज-4, मोहाली में श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को भव्य एवं धार्मिक वातावरण में हुआ। कथा का आयोजन 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। आयोजन के पहले दिन सुबह मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया।

सुबह मंदिर परिसर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा शुरू हुई। श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन एवं भगवान के जयकारों के साथ क्षेत्र की विभिन्न गलियों से होते हुए आगे बढ़े। यात्रा जिस भी मार्ग से गुजरी, स्थानीय लोगों ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ उसका स्वागत किया। कई स्थानों पर घरों के बाहर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, लंगर और अटूट भंडारे लगाए गए। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का स्वागत किया गया। कलश यात्रा के आगे आतिशबाजी से पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया और ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो क्षेत्र में दीपावली जैसा धार्मिक उल्लास छा गया हो।

कलश यात्रा में श्री सनातन धर्म मंदिर महिला मंडल की प्रधान श्रीमती दिनेश चंदन के नेतृत्व में श्रीमती इंद्रा रानी, पुष्पा शर्मा, राजकुमारी, शशि, नीलम, अर्चना सहित महिला मंडल की अन्य सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान का गुणगान किया और पूरे रास्ते भक्तिमय वातावरण बनाए रखा।

सायंकाल मंदिर परिसर में वृंदावन वाले कथा वाचक स्वामी धन्वंत्री दास जी ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म, संस्कार और सदाचार का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने भावपूर्वक श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण किया।

मंदिर कमेटी के प्रधान देश राज गुप्ता, सह-मीत प्रधान राज कुमार कालिया, मीत प्रधान सतीश कुमार, महासचिव राज कुमार शर्मा तथा कैशियर राकेश कुमार गुप्ता सहित पूरी मंदिर प्रबंधन टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से 7:30 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं प्रतिदिन प्रातः 8 से 10 बजे तक पूजन होगा।

मंदिर कमेटी ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण करने का आह्वान किया। आयोजन के पहले दिन सुबह निकली भव्य कलश यात्रा और शाम को हुई कथा ने पूरे फेज-4 को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर कर दिया।

Wednesday, 29 July 2026

प्रधानमंत्रीगुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 29 July 2026 at 8:20AM by PIB Delhi//गुरु पूर्णिमा

 शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

नई दिल्ली: 29 जुलाई 2026: (PIB Delhi//आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 


कोई ज़माना था जब गुरुकुल प्रथा समाज का नव निर्माण किया करती थी।
उस दौर में उपनयन संस्कार हुआ करता था जिसके अंतर्गत प्राचीन काल में शिक्षा की शुरुआत उपनयन (जनेऊ) संस्कार से होती थी। इस संस्कार के बाद बालक का 'द्विज' (दूसरा जन्म) माना जाता था। इस दुसरे जन्म से ही एक नए इंसान का निर्माण होता था। 

यह सब गुरुकुल पद्धति के तहत होता था। इसके अंतर्गत शिष्य अपने परिवार को छोड़कर गुरु के आश्रम (गुरुकुल) में रहते थे। बालपन से युवा अवस्था के आरंभ तक होता था उन्हें मंज़बून बनाने के सिलसिला।  दिलचस्प बात है की वहाँ राजा और निर्धन के बच्चे एक साथ समान रूप से शिक्षा पाते थे। बड़े छोटे का कोई अंतरनाहीं होता था। 

इसी दौर में मौखिक परंपरा अर्थात श्रुति वाला सिस्टम होता था। सुनना और याद रखना उन दिनोना बहुत आम बात थी। इसकी निपुणता अधिक से अधिक हुआ करती थी। प्राचीन काल में ज्ञान को लिखकर नहीं, बल्कि बोलकर और सुनकर (श्रुति परंपरा द्वारा) पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखा जाता था। 

इसके साथ ही मुफ़्त शिक्षा का ही चलन हुआ करता था। शिक्षा का व्यापार नहीं होता था। बड़े बड़े बोर्ड लगा कर शिक्षा का बाजार तब नहीं बना था। गुरु कभी भी शिक्षा की कोई तय फीस नहीं लेते थे। शिक्षा को दुकानों की तरह बेचा नहीं जाता था। यह एक जीवन निर्माण की प्रक्रिया हुआ करती थी। 

शिक्षा पूरी होने पर शिष्य अपनी स्वेच्छा और सामर्थ्य के अनुसार 'गुरु दक्षिणा' देते थे। इसकी कई कहानियां भी प्रचलित हैं। स्कूल की तरह गुरुकुल में शिष्यों की प्रसिद्ध प्राचीन जोड़ियाँ हुआ करती थी। उनकी प्रसिद्धि भी चरम पर थी। इस परंपरा के महान उदाहरणों में भगवान कृष्ण और सांदीपनि मुनि, श्रीराम और महर्षि वशिष्ठ, तथा चंद्रगुप्त मौर्य और आचार्य चाणक्य शामिल हैं।

यह हैं उस दौर की कुछ झलकियां जिनकी एक झलक गुरुपूर्णिमा का ध्यान आते ही मन और ज़हन में आ जाती है। एक बिजली सी कौंध जाती है उस समय की शिक्षा प्रणाली की जो सचमुच महान थी। आज के इस अत्याधुनिक कहे जाने वाले युग में भी गुरुपूर्णिमा बहुत से समुदायों में बहुत श्रद्धा और आस्था से मनाई जाती है। 

इस शुभावसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान देने के साथ-साथ अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें सुविचारों एवं सुसंस्कारों से गढ़ते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से अपने गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा—

“प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

इस सुभाषित में यह भाव व्यक्त किया गया है कि जो सही दिशा प्रदान करते हैं, ज्ञान एवं सत्य का बोध कराते हैं, सही मार्ग दिखाते हैं, शिक्षा प्रदान करते हैं तथा जीवन में सत्य की समझ विकसित कर आत्म-विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं, उन्हें ही गुरु के छह रूप माना गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गुरु ज्ञान के साथ ही अपने शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। आइए, उनके आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं।

प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा।

शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥”

***********//पीके/केसी/डीवी/डीए

Thursday, 18 June 2026

निमंत्रण:दवेसर मोदगिल की वार्षिक मेल 21 जून 2026 को

Pardeep Sharma IPTA on Thursday 18th June 2026 at 19:08 Aradhana Times

प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक कुल देवता के मंदिर में हवन  होगा

लुधियाना: 18 जून 2026: (प्रदीप शर्मा इप्टा//आराधना टाईम्स डेस्क):: 

आप सभी पाठकों को भी हर्षोल्लास के साथ सूचित किया जाता है कि दवेसर मोदगिल की वार्षिक मेल दिनांक 21 जून 2026 को अखलासपुरा, ढहवा रोड, निकट धारीवाल  मिल, जिला गुरदासपुर में आयोजित की जा रही है। इस सुअवसर पर आप सभी भी ज़रूर पहुंचिए। 

प्रवक्ता श्री सतपाल शर्मा ने कहा कि प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक कुल देवता के मंदिर में हवन  होगा। इसके पश्चात 10 बजे से 1 बजे तक संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा तथा उसके बाद गुरु का अटूट लंगर आयोजित होगा।

आपसे सादर निवेदन है कि आप अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराकर कुल देवता का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँ।

आपके दर्शनाभिलाषी वहां प्रेम से आपकी इंतज़ार करेंगे। स्वागत करने वालों में अशोक कुमार दवेसर (प्रवक्ता), रोशन लाल दवेसर, गौरव दवेसर, अजय पटवारी, अशोक कुमार, डॉ. नीरज शर्मा, विष्णु शर्मा और अन्य लोग भी मौजूद रहेंगे। 

Sunday, 14 June 2026

लुधियाना में गुरमत चेतना कैंप का सफलता से आयोजन

WhatsApp From Sheeba Singh on Sunday 14th June 2026 at 15:06 Regarding Gurmat Camp Aradhana Times

5 से 15 साल के बच्चों ने भी हिस्सा लिया 


लुधियाना
: 14 जून 2026: (दिलजोत कौर शीबा सिंह
//आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 

हर साल की तरह इस बार भी बच्चों को सिख इतिहास, संस्कृति और गुरबानी/गुरमत सिद्धांतों की जानकारी देने के लिए 4 जून से 14 जून तक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा शहीद भगत सिंह नगर धांधरा रोड में गुरमत चेतना कैंप लगाया गया। इस कैंप में 5 से 15 साल के बच्चों और कई अन्य संगतों ने हिस्सा लिया। कैंप के दौरान संगत और संगत को जपजी साहिब जी के पवित्र पाठ का जाप करवाया गया। छोटे बच्चों को मूल मंत्र का जाप भी करवाया गया। इस तरह नई पीढ़ी को गुरुघर और गुरुबाणी से जोड़ा गया। 

संगत को गुरबाणी,गुरु इतिहास, सिख संस्कृति, रहत मर्यादा के बारे में बताया गया। पूछे गए सवालों के जवाब कैंप डायरेक्टर गुरचरण सिंह पंछी और कैंप एडमिनिस्ट्रेटर भाई भूपिंदर सिंह सैनी ने विस्तार से दिए। बीबी हरजीत कौर, बीबी दर्शन कौर सैनी, बीबी जसवीर कौर और बीबी गुरप्रीत कौर ने छोटे और बड़े बच्चों को हर दिन 2 घंटे सिख इतिहास, रहत मर्यादा के बारे में शानदार जानकारी दी। 

बच्चों ने सिख इतिहास से जुड़ी सुंदर आर्ट वर्कशॉप और पेंटिंग मुकाबले करवाए। अच्छा प्रदर्शन करने वालों को इनाम बांटे गए। कैंप में इस्तेमाल होने वाली स्टेशनरी फ्री बांटी गई। कैंप में हिस्सा लेने के लिए आज हर बच्चे को सर्टिफिकेट भी दिया गया। हर बच्चे  लैपटॉप बैग, पानी की बोतल, कॉफी, पेन, टूथपेस्ट दिया गया। बच्चों के दांत और मसूड़े डॉ. पी. एस. सिद्धू ने चेक किए और जनरल चेक-अप डॉ. श्रुति सिद्धू की टीम ने किया। अलायंस क्लब्स इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एली करनजीत सिंह की तरफ से हर दिन रिफ्रेशमेंट का पूरा लंगर लगाया गया।

कैंप डायरेक्टर गुरचरण सिंह पंछी ने क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान बच्चों के पेरेंट्स के साथ अपने विचार शेयर किए, जिसमें कई पेरेंट्स ने कहा कि ऐसे धार्मिक कैंप नई पीढ़ी और आम संगत के लिए बहुत फायदेमंद हैं, जिन्हें समय-समय पर ऑर्गनाइज करना चाहिए। धार्मिक कवि भाई भूपिंदर सिंह सैनी ने बच्चों और पेरेंट्स को धार्मिक कविताएं सुनाईं। उन्होंने बच्चों के पूछने पर कविताएं लिखने और प्रेजेंट करने के हिंट भी दिए। आखिर में, कैंप डायरेक्टर गुरचरण सिंह पंछी ने कैंप में शामिल होने के लिए उनका धन्यवाद किया। गुरु का लंगर बीबी हरजीत कौर के परिवार द्वारा आयोजित किया गया था।

आशा ही नहीं विश्वास है कि इस तरह के कैंपों का सिलसिला भविष्य में भी जारी रहेगा। 

Monday, 11 May 2026

भारत विकास परिषद ने टैगोर की जयंती मनाई

PK Shararma IPTA WhatsApp on 11th May 2026 at 21:35 for आराधना टाईमज़ 

 स्कूलों के छात्रों ने दिखाए अपनी कला के कमाल 

तस्वीर में विजेता विद्यार्थियों और अध्यापकों के साथ मुख्यातिथि अरूणा पुरी, डॉ बबीता जैन,
सुनीता चेतली,अनिक गर्ग, अरूण सूद, डॉ रोशन लाल गुप्ता, बिंदु शर्मा
लुधियाना: 11 मई 2026: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो):: 

श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जी की जयंती लुधियाना में भी मनाई गई। इस बार यह पहल भारत विकास परिषद् टैगोर शाखा लुधियाना ने करके दिखाई। नोबेल पुरस्कार से पुरस्कृत श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जयंती के उपलक्ष्य में पीएम श्री सससस स्कूल अयाली खुर्द , सरकारी स्कूल वीरमी, जीनियस पब्लिक स्कूल, श्री संत प्रेम दर्शानंद पब्लिक स्कूल के छात्र छात्राओं ने  टैगोर जी के व्यक्तित्व व कृतित्व आधारित क्विज एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की। 

इस यादगारी सुअवसर पर सीनियर और जूनियर आधारित 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के 30 विजेता छात्र छात्राओं को  पुरस्कृत करने और उनके प्रेरक अध्यापकों को सम्मानित करने के लिए भारत विकास परिषद् ट्रस्ट ऋषिनगर में समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि श्रीमती अरूणा पुरी रही और अध्यक्षता भाविप टैगोर शाखा प्रधान डा. बबीता जैन ने की। 

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदेमातरम राष्ट्र गीत उच्चारण से हुआ। मंच संचालन शाखा महासचिव एडवोकेट अनिक गर्ग ने किया। सम्पर्क प्रकल्प प्रमुख सुनीता शर्मा ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। डॉ. बबीता जैन ने भारत विकास परिषद् के  नैतिक मूल्यों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जी के महान् व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा रचित कविता भी प्रस्तुत की गई। टैगोर साहिब की एक प्रसिद्ध अगर तुम हो शांति चाहते का हिंदी अनुवाद जहां मन बिना डर के उड़ सके, जहां ज्ञान की किरण सब पर बरसें सुनाई।  

मुख्यातिथि अरूण पुरी ने कहा इंसान हैं तो इंसानियत ज़रुरी है। विशिष्ट अतिथि सविता अग्रवाल ने योग की महत्ता बताई। पंजाब प्रांतीय सेवा प्रकल्प प्रमुख सुनीता चेतली ने टैगोर की तरह प्रकृति से प्रेम की बात कहते हुए पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया। 

सीनियर सदस्य डॉ रोशन लाल गुप्ता ने स्ट्रेस प्रबंधन सिखाया। शाखा कोषाध्यक्ष अरुण सूद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्टेशनरी प्रदान की गयी। प्रेरक अध्यापकों को पट्टिका पहना कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सदस्य बिंदु शर्मा,संजय महेश्वरी,विभिन्न स्कूलों के अध्यापक, प्रिंसिपल,संरक्षक विशेष रूप से पधारे

Sunday, 10 May 2026

वेद प्रचार मंडल: प्राचार्यों एवं शिक्षकों की एक बैठक आयोजित

Roshan Lal Arya WhatsApp on Sunday10th May 2026 at 09:44 AM Regarding Vedic Event at Mandi Gobindgarh 

मंडी गोबिंदगढ़ में हुआ विशेष आयोजन 


मंडी गोबिंदगढ
:10 मई, 2026: (मीडिया लिंक टीम//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज में वेद प्रचार मंडल के तत्वावधान में प्राचार्यों एवं शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु मूल्य-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की मेज़बानी गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज द्वारा की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री रोशन लाल आर्य, संस्थापक एवं प्रांतीय महासचिव वेद प्रचार मंडल पंजाब ने की। उन्होंने वेद प्रचार मंडल के उद्देश्य एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित शिक्षाविदों को विद्यार्थियों में नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उनकी टीम सदस्य श्रीमती रमन ओबरॉय भी बैठक में उपस्थित रहीं तथा शिक्षा को नैतिक एवं मूल्य-आधारित शिक्षण से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की॥

बैठक में 29 विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आगामी भाषण प्रतियोगिता तथा अन्य मूल्य-आधारित अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताओं के आयोजन संबंधी विस्तृत चर्चा की गई, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल एवं मूल्य-आधारित सोच का विकास करना है। यह निर्णय लिया गया कि उक्त प्रतियोगिताएँ जुलाई 2026 में आयोजित की जाएंगी, जिनकी तिथियों एवं विस्तृत कार्यक्रम की सूचना शीघ्र जारी की जाएगी।

बैठक के दौरान वेद प्रचार मंडल के अंतर्गत गतिविधियों के सुचारु संचालन हेतु पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया।

डॉ. नीना सेठ पजनी, प्राचार्य, गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज को मंडी गोबिंदगढ़ एवं खन्ना क्षेत्र का अध्यक्ष चुना गया, जबकि डॉ. पवन कुमार, प्राचार्य, ए.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

डॉ. नीरू अरोड़ा, प्राचार्य, गोबिंदगढ़ पब्लिक स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़; श्री संजीव थोर, प्राचार्य, एसएनएएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़;श्रीमती अर्चना गुप्ता, प्राचार्य, एसडी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़; तथा श्री नीरज, प्राचार्य, डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खन्ना को उपाध्यक्ष चुना गया।

श्रीमती रितु सिंह, प्राचार्य, एसएनएएस मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़ को सचिव नियुक्त किया गया। श्रीमती रविंदर कौर, प्राचार्य, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शामशपुर; डॉ. आर. के. शर्मा, प्राचार्य, सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अमलोह; श्रीमती रजनी वर्मा, प्राचार्य, हिंदी पुत्री पाठशाला, खन्ना; तथा श्रीमती रितु सूद, प्राचार्य, एमजीसीएएस मॉडल हाई स्कूल, खन्ना को संयुक्त सचिव चुना गया।

विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया, जिनमें डॉ. वैशाली मित्तल, श्री वरिंदर वराइच, श्री वरिंदर कुमार, श्रीमती सुमिता खुल्लर, सरदार बलजिंदर सिंह, सुश्री नीतिका, श्रीमती आशिमा, आभा मल्होत्रा, श्री मंदीप सिंह, शवनीत कौर तथा नीरू महावर शामिल रहे।

समिति के गठन के उपरांत श्री रोशन लाल आर्य एवं श्रीमती रमन ओबरॉय ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को सम्मानित करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दीं।

अंत में उपस्थित सदस्यों ने डॉ. नीना सेठ पजनी के सफल आयोजन एवं युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों तथा चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रयासों की सराहना की। साथ ही श्री रोशन लाल आर्य के प्रेरणादायक मार्गदर्शन एवं मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति समर्पण की भी विशेष प्रशंसा की गई।