Tuesday, 10 January 2023

शास्त्री नगर स्थित कृष्णा मंदिर में किया गया मेडिकल कैंप का आयोजन

Tuesday: 10th January 2023 at 5:36 PM

विभिन्न थ्रेपियों के आचार्य डा. लोकेश ने की मरीज़ों की गहन जांच  

लुधियाना: 10 जनवरी 2023: (संजय सूद//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

आयुर्वेद, रेकी और नैचरोथरेपी के आचार्य डॉक्टर लोकेश द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन शास्त्री नगर स्थित कृष्णा मंदिर में किया गया! इस मेडिकल कैंप में  23 मरीजों ने परामर्श किया। यह मेडिकल कैंप मधुमेह, लिवर, किडनी, डायलिसिस और कैंसर के भारी जोखिम रोगीयों के लिए आयोजित किया गया था। आज की दुनिया में उच्च जोखिम डायलसिसिस और महत्वपूर्ण  देखभाल बहुत महंगी हो गयी है। 

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब लोग इसे वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यह नि:शुल्क मेडिकल कैंप इसी तरह के जरूरतमंदों की मदद करते हैं।  इस अवसर पर कृष्णा मंदिर से तरसेम लाल गुप्ता, सतीश जैन एवं सभी टीम सदस्यों ने अधिक से अधिक मरीज़ों को फायदा पहुँचाने के मकसद से सक्रिय सहयोग दिया। 

इस अवसर पर नरेश धिगान, अर्जुन धिगान, कलकी जन सेवा से जतिन शर्मा और नरेश शर्मा ने पूर्ण रूप से सहयोग किया। इस मोके पर अचार्य डॉक्टर लोकेश ने बताया कि यह मेडिकल कैंप हर महीने के पहले और तीसरे रविवार को लगाया जायेगा। 

Thursday, 15 December 2022

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भी किया धर्मचेतना वाहन यात्रा का स्वागत

ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज का अवतरण दिवस मनाया  


भोपाल
: 15 दिसंबर 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धार्मिक प्रवृति के राजनीतिज्ञ हैं। सत्ता सुख के साथ साथ चलते हुए साधना के मार्ग को कभी नहीं भूलते। जहां भी कभी धर्मकर्म की कोई बात हो वहां मुख्यमंत्री चौहान अवश्य ही पहुंचने के प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्रह्मलीन श्री 1008 बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा का भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ स्वागत किया। शिवराज ने ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस पर सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा का बहुत ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जब ब्रह्मलीन श्री 1008 बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर नगर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा का 74 बंगले क्षेत्र में पहुंचने पर स्वागत किया तो भक्तजन बहुत बड़ी संख्या में वहां पहुंचे हुए थे।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा संत हिरदाराम नगर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए करुणाधाम आश्रम तक पहुंची। यात्रा के स्वामी दयानंद नगर में पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बी-8 निवास पर इस यात्रा का बहुत ही श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यात्रा वाहन में सुसज्जित ब्रह्मलीन श्री बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज की प्रतिमा पर पुष्प वर्षा भी की गई। इस पुष्प से बहुत ही अलौकिक अनुभूति का अहसास हो रहा था। फूलों की सौगंध ने दिव्यता से भरा माहौल भी बनाया हुआ था। उन्होंने ब्रह्मलीन श्री बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के 94वें जन्म-दिवस के अवसर पर इस यात्रा के उद्देश्य को पावन बताते हुए महाराज जी के योगदान का स्मरण किया। भक्तजन बहुत बड़ी संख्या में मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ब्रह्मलीन श्री बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के सुपुत्र और करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर गुरूदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। गुरूदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज ने मुख्यमंत्री को तुलसी का पौधा भेंट किया।

इस यादगारी और शुभ अवसर पर श्री चौहान की पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने भी गुरुदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज की धर्मपत्नी और गुरुमाता श्रीमती ममता शांडिल्य का पुष्पों से स्वागत किया।

विधायक कृष्णा गौर सहित जन-प्रतिनिधि और नागरिक इस धर्मकर्म के आयोजन में पूरी श्रद्धा के साथ उपस्थित थे। आम जनता से जुड़े वर्गों का भी सैलाब सा ही उम्दा हुआ था। सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त और नागरिक शामिल हुए। लोगों ने इस धार्मिक आयोजन से धर्मकर्म का सन्देश प्राप्त करके अंतर्मन के लिए एक विशेष उपलब्धि हासिल की। 


Tuesday, 13 December 2022

जया किशोरी की श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 Tuesday: 13th December 2022 at 18:23 IST

कर्म मार्ग पर ईमानदारी से चल कर, कर सकते हैं परमेश्वर के दर्शन : मुख्यमंत्री श्री चौहान

हरदा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के 133 नव-दम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद


भोपाल
: मंगलवार, 13 दिसम्बर  2022: (कार्तिका सिंह//मध्यप्रदेश स्क्रीन)::

जब सत्ता पर बैठे लोग भी धर्मकर्म में रूचि दिखाते हैं तो अम्म जनमानस भी धर्मकर्म की तरफ रुचित होने लगता है। एक बार फिर से इस बात का अहसास हो रहा था-श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में जहाँ जानी मानी कथा वाचिका जाया किशोरी जी की कथा का विशेष आयोजन था। इस कथा के आयोजन में समाज भलाई के बहुत से कार्य भी किए गए। 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान हरदा में विख्यात कथा-वाचिका जया किशोरी की सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन में शामिल हुए। कथा समापन पर मुख्यमंत्री ने 133 कन्याओं के मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुए सामूहिक विवाह के नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में कथा के आयोजक किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा, स्थानीय सांसद श्री डी.डी. उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा‍कि परम पिता परमेश्वर को प्राप्त करने के लिये धर्मशास्त्र में भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग बताये गये हैं। हम सभी बिना फल की इच्छा किये अपने कार्य पूरी कर्त्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कर ईश्वरीय मार्ग पर चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर- मरीजों का इलाज, शिक्षक-बच्चों की पढ़ाई और अधिकारी एवं नागरिक अपने कर्त्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन कर समाज की बेहतरी के लिये अपना योगदान दें। इसीसे प्रदेश का कल्याण होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनता के अनुरोध पर सुनाया भजन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कथा स्थल पर उपस्थित धर्मप्रेमियों के अनुरोध पर ‘‘राम नाम सुखदायी’’ और ‘‘हरे राम हरे राम’’ भजन गाया। श्रोता मंत्रमुग्ध होकर मुख्यमंत्री के गाये भजनों पर झूमते नजर आये।

 बृजेन्द्र शर्मा/ अलूने


Tuesday, 1 November 2022

राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता का शुभारंभ

 Bhopal: Monday 31st October 2022 at 20:19 IST

योग प्रतियोगिता, स्पर्धा का नहीं, साधना का विषय है:डॉ. वार्ष्णेय

भोपाल: सोमवार, 31अक्टूबर 2022: (कार्तिका सिंह//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

योग से पूरी की पूरी ज़िंदगी संवर जाती है। तन और मन दोनों संतुलित रहते हुए बेहद शक्तिशाली भी बन जाते हैं। योग के लाभ जितने भी गिनवाएं जाएं कम हैं। योग केफायदों को देखते हुए ही मध्यप्रदेश में भी योग साधना के विशेष üप्रशिक्षण का भी प्रबंध किया गया। 

जाने माने संस्थान महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एवं राज्य स्तरीय शासकीय योग प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल द्वारा प्रथम योग क्लबों के लिए प्रथम राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता का शुभारंभ डॉ. अशोक वार्ष्णेय राष्ट्रीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती एवं संस्थान के चेयरमेन एवं राज्य योग आयोग के उपाध्यक्ष श्री भरत बैरागी ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नृत्य योग, कलाओं से परिपूर्ण पहली प्रस्तुति शिव आराधना की आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ग्वालियर संभाग की छात्राओं ने दी।

इस सुअवसर पर डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि योग केवल शारीरिक क्रिया नहीं है, यह मन और शरीर को जोड़ने की क्रिया है। योग सम्पूर्ण विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मनुष्य की दिनचर्या में योग भोजन की तरह अनिवार्य बनता जा रहा है। यह यम से समाधि तक की वैज्ञानिक क्रिया है। योग एनर्जी लेस से एनर्जी मैन भी बनाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को उनकी तरह अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योग मनुष्य का स्वभाव बन जाना चाहिए। उपस्थित छात्र/छात्राओं को भी नियमित योग अभ्यास करने को कहा। उन्होंने कहा कि योग क्वालिटी ऑफ लाइफ बनाता है। योग प्रतियोगिता एवं स्पर्धा का विषय नहीं, साधना का विषय है।

विशेष बात यह भी रही कि इस कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री बैरागी ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीनतम अनूठी विधा योग हमें विरासत में मिली है। योग से हमें नई पीढ़ी का चरित्र-निर्माण करना है। उन्होंने खगोल का उदाहरण देते हुए उज्जयिनी की वेधशाला की वर्षों पूर्व योग साधना से हमारे पूर्वजों ने स्थापना कर दी थी। 

उन्होंने भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण एवं आदिशंकराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि म.प्र. से ही नया इतिहास लिखा जा रहा है। उसी क्रम में एक और नया अध्याय हम योग साधक इन योग प्रतियोगिताओं का आयोजन कर लिखने जा रहे हैं। प्रतियोगिता में 45 जिलों से 400 छात्र/छात्राएँ एवं 110 कोच, जिलायोग प्रभारी एवं निर्णायकों द्वारा अंडर- 14,17,19 के बालक बालिकाओं के समूह वर्ग की योग रिदमिक, आर्टिस्टिक की प्रतियोगिताएँ 2 नवम्बर 2022 तक सम्पन्न की जायेंगी।

आभार प्रदर्शन निदेशक, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान श्री प्रभात राज तिवारी ने किया। कुल मिला कर यह एक यादगारी आयोजन रहा। शामिल होने वाले सभी लोग योग के संबंध में विशेष अनुभव और ज्ञान ले कर घर लौटे। 

 राजेश दाहिमा


Tuesday, 25 October 2022

क्यूं बनी सवाल उठाती फिल्म "सामान"? एक नज़रिया यह भी है!

 क्या हम सचमुच ही हत्यारे हैं?     कैसे हुआ हमारा पत्तन? 


लुधियाना
: 24 अक्टूबर 2022: (मीडिया लिंक रविंद्र//आराधना टाईम्ज़)::  
दिवाली का त्यौहार है तो दिवाली की बात ही करेंगे लेकिन एक सवाल आड़े आ रहा है। सवाल से पहले उस नौजवान की बात जिसने अपनी एक छोटी सी फिल्म के ज़रिए यह सवाल किया है। सम्राट सिंह नाम का यह नौजवान लगातार दिन रात सोचता रहा और मेहनत करता रहा तांकि पूरे समाज को हत्या के पाप से रोका  बचाया जा सके। फिर उसे लगा कि यह समाज कभी सुधरने वाला नहीं। वह निराश भी हुआ लेकिन उसने फिर हिम्मत जुटाई और सोचा चलो जितने लोग बच पाएं उतने ही सही। मैं सूर्य नहीं बन सकता तो दीपक ही सही। लेकिन जहां जितने रास्ते तक रौशनी कर सकूंवहां तक रौशनी तो करनी है।

उसका सवाल भी यही है कि जानेअनजानेहम अपने ही लोगों के हत्यारे तो नहीं बन गए? भगवान राम जी के अयोध्या आगमन की खुशियां मनाते मनाते कहीं हमें किस अज्ञात मायावी ने राक्षस तो नहीं बना दिया? हम खुद ही अपनों के  हत्यारे क्यूं और कैसे बन गए? हम धर्म के नाम पर अधर्म के मार्ग पर कैसे बढ़ने लगे? हमारे हाथ अपनों  से कैसे रंगे गए?  

समाज को झंकझौरने वाला सवाल करती इस फिल्म की मेकिंग की भी एक लम्बी कहानी है लेकिन इसकी चर्चा फिर कभी किसी अलग पोस्ट में जल्दी ही। सबसे पहले आप फिल्म देख लीजिए। शायद आप भविष्य में अब उस तरह की हत्यायें करना बंद कर दें जो हम  सभी मिलजुल कर बड़ी शान  ही जा रहे हैं। 

सम्राट का मानना है कि जिन जिन की हत्याएं भी हमसे हुई हैं उनकी बद दुआएं और उनके श्राप हमारा पीछा कर रहे हैं। हमारी कभी मुक्ति न होगी। हमारी मुक्ति कहीं पर भी न होगी। हमें कभी सुख न मिलेगा। एक ही रास्ता शेष शायद। बस अगर हम अब भी रुक जाएं। अभी  भी हत्या का यह सिलसिला बंद कर दें तो शायद बात बन जाए। अब भी क्षमा मांग लें तो शायद कुछ तर्पण भी हो सके। तर्पण हुए बिना  जन्मांतरों तक की भटकत और बेचैनी बनी रहेगी।  डाक्टर के पास नहीं होगा। खुद  पाप धोने होंगें। 

सारी विस्तृत चर्चा हम बहुत जल्द किसी अलग पोस्ट में करेंगे लेकिन फ़िलहाल आप फिल्म देख लीजिए बस यहां क्लिक करके। फिल्म मेकर सम्राट सिंह धर्म कर्म के साथ साथ इतिहास का भी ज्ञाता है और आधुनिक विज्ञान का भी। इसलिए उसकी फिल्मों और कथाओं में कुछ मिश्रित से प्रभाव भी महसूस होते है। कई बार बात बहुत ही गहरी चली भी जाती है।  उड़ान भी लगता है जैसे क्षितिज के पार चली गई हो। फिर भी उसमें गहरा मकसद  होता है। टीम के साथ उसका सम्पर्क बना रहता है।  वह अपने तन, मन और आत्मा में तारतम्य बनाए रखता है। 

इस ऊंची उड़ान को ज़मीन पर लाना भी तो एक कला है न जिसमें उसका परिवार और टीम पूरा सहयोग करते हैं।इस फिल्म से आपको उसे समझने में  सहायता मिलेगी। उसका संवेदना से भरा मानवीय दृष्टिकोण समझना आसान हो जाएगा। उसकी अन्य फिल्मों को समझना  भी सरल हो जाएगा। जल्द ही हम उसकी अन्य फिल्मों की चर्चा भी करेंगे।


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Tuesday, 18 October 2022

वार्षिक जप-प्रयोग तथा अस्सू का मेला श्रद्धा और आस्था से लगा

होती रही प्रेम, ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिकता के रंगों की अमृत वर्षा 

सतगुरु दलीप सिंह जी  गुरु के अवतरण की ज़रूरत और अहमियत 

*जब तक गुरु अवतार धारण करके नहीं आते तब तक मार्गदर्शन भी नहीं 

*तब तक गुरुवाणी को भी समझा नहीं जा सकता  

श्री गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब, डेरा बाबा तरसेम सिंह में  दीवान 


डेरा कार सेवा बाबा तरसेम सिंह/उत्तराखंड: 17  अक्टूबर 2022:(गुरमीत सग्गु//आराधना टाईम्ज़)::  

प्रत्येक बरस की तरह इस वर्ष भी सतगुरु दलीप सिंह जी की छत्रछाया में नामधारी संगत द्वारा रखे गए  40 दिन के वार्षिक जप-प्रयोग (सिमरन साधना) के उपरांत दो दिनों का अस्सू का मेला; आपसी एकता, प्रेम, ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग बिखेरता हुआ सम्पन्न हुआ। 
इस दौरान अनुशासन के नियमों का भी पूरी तरह से पालन किया गया और प्रत्येक प्रोग्राम को लाइव टेलेकास्ट कर, दूर बैठी संगतों तक संचारित किया गया। वर्णनयोग्य है कि नामधारी पंथ के सृजनहार सतगुरु राम सिंह जी द्वारा दर्शाये गए दिशा-निर्देश अनुसार चलते हुए, नामधारी सिक्ख प्रत्येक वर्ष जप-प्रयोग के आयोजन द्वारा अपने जीवन को गुरु वाणी अनुसार जीने तथा इस पर दृढ रहने का अभ्यास करते हैं। इस दौरान अमृत वेले से लेकर शाम तक लगभग  8-9 घण्टे परमात्मा के साथ जुड़कर, एकाग्रचित हो कर सेवा-सिमरन, कथा-कीर्तन, गुरु इतिहास की जानकारी लेते हुए एक आदर्श जीवन जीने के गुण सीखते हैं। इस समागम में विशेष रूप से सतगुरु दलीप सिंह जी ने विदेश से लाईव दर्शन देकर अपने प्रवचनों से निहाल किया। आपने संगत को गुरुवाणी आशय अनुसार चलते हुए अपने परिवारिक व समाजिक जीवन सुखी रखने एवं आदर्श जीवन जीने के तरीके बताते हुए एक दूसरे से मीठा बोलने, क्षमा करने, विनम्रता जैसे गुण धारण करने, किसी को बुरा न कहने एवं स्त्रियों को मंदा न कहने भाव शुभ कर्म करने की भी शिक्षा दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सतगुरु नानक देव जी ने "आसा की वार" में लिखा है कि जीवन में पूर्ण सतगुरु बड़े सौभाग्य से मिलते हैं और सतगुरु ही हमारे जीवन में अज्ञान का अँधेरा दूर कर सकता है तथा सतगुरु के चरण कमलों से जुड़ कर जीवन का पार उतारा हो सकता है। आपने गुरुवाणी और गुरु को भिन्न बताया और कहा कि जब तक गुरु अवतार धारण करके नहीं आते, गुरुवाणी को समझा नहीं समझा जा सकता, क्योंकि गुरुवाणी तो गुरु जी के मुखवाक से उच्चारी हुई है। इसके साथ ही आपने कहा कि नामधारी सतगुरु राम सिंह जी को हमेशा याद रखने को कहा क्योंकि उन्होंने हमें गुरुवाणी के साथ जोड़ा एवं शुभ कर्म करने लगाया। 

40 दिन लगातार चलता हुआ यह कार्यक्रम प्रतिदिन आनन्द और सकारात्मक-ऊर्जा प्रदान करता रहा।  इन दिनों में वातावरण को शुद्ध करने लिए हवन आदि भी मर्यादा अनुसार किए गए। इस अवसर पर गुरमत मर्यादा अनुसार,  गुरुवाणी के पाठों के भोग डाले गए एवं गुरु का अतूट लंगर वितरित किया। इस शुभ अवसर पर कथा- कीर्तन एवं नाम-वाणी का प्रवाह चला। यह सारा कार्यक्रम गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब, डेरा कार सेवा बाबा तरसेम सिंह / उत्तराखंड कमेटी के सहयोग से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सूबा भगत सिंह जी बहेड़ी, जथेदार  कवि पंजाब सिंह पंजाब, सूबा तरसेम सिंह जी इंग्लैंड, सूबा रतन सिंह जी, सूबा अमरीक  सिंह जी, जत्थेदार संत करतार सिंह नशहरे वाले, जत्थेदार अमरीक सिंह, जत्थेदार अवतार सिंह, जत्थेदार गोपाल सिंह, जत्थेदार कृपा सिंह, सूबा दर्शन सिंह जी, गुरमीत सग्गु दिल्ली, जत्थेदार मनमोहन सिंह जी,  ब्लॉक प्रमुख खटीमा रणजीत सिंह नामधारी, साधु सिंह नामधारी, संत कुलतार सिंह नामधारी, सुरेंदर सिंह नामधारी, राजपाल जी उपाध्यक्ष किसान आयोग उत्तराखण्ड, सरदार सुखदेव सिंह नामधारी बाजपुर, बलदेव सिंह नामधारी बाजपुर, एवं उनका जथा एवं कुछ खास शख्सियतों ने शामूलियत की

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Wednesday, 5 October 2022

लुधियाना में भी धूमधाम से मनाया गया दशहरा

 Wednesday 5th October 2022 at 08:31 PM

 पुड्डा ग्राउंड में हुआ दशहरे का यादगारी उत्सव  

श्री राम लीला कमेटी सिविल लाइन की ओर से किए गए थे विशेष प्रबंध 


लुधियाना
: 5 अक्टूबर 2022: (संजय//आराधना टाईम्ज़)::

लोगों की अपेक्षायों और उम्मीदों पर पूरा उतरते हुए इस बार भी श्री राम लीला कमेटी रजि सिविल लाइन और श्री शिव शक्ति मंदिर वृंदावन रोड द्वारा दशहरे के सुअवसर पर विशेष प्रबंध किए गए थे। हर बारीकी की तरफ ध्यान दिया गया था। सुरक्षा और ट्रैफिक सहित सब कुछ बहुत अच्छा रहा। 

दशहरा उत्सव  पुरानी कचहरी वाली जगह पुड्डा  ग्राउंड में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। दशहरा उत्सव का शुभारंभ  श्री शिव शक्ति मंदिर वृंदावन रोड से प्रभु राम जी की भव्य रथ यात्रा के साथ हुआ। यह रथ यात्रा श्री शिव शक्ति मंदिर से शुरू होकर कैलाश सिनेमा चौक, दमोरिया पुल से होती हुई पुड्डा ग्राउंड जाकर समाप्त हुई। इस रथयात्रा में राम सेना, रावण सेना, हनुमान सेना और शूर्पणखा की झांकी देखने योग्य थी। 

इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर दंडी स्वामी देवा दित्यानंद सरस्वती जी महाराज, राम शरणम राम पार्क के प्रमुख  अश्विनी बेदी, ड्रीमलैंड कॉलोनी हैबोवाल से बाबा मीना शाह, विधायक मदन लाल बग्गा, सरदार दलजीत सिंह ग्रेवाल, मेयर सरदार बलकार सिंह संधू, डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, शाम लाल सपरा, बलवीर गुप्ता, पूर्व पार्षद हेमराज अग्रवाल, पंजाब प्रभारी जीवन गुप्ता, प्रवीण बांसल, अनिल सरीन, एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा बाँबी, राकेश कपूर, बॉबी जिंदल, सैंचूरी निट से राजेश ढ़ाड़ा, विक्रम सिद्धू , पुष्पेंद्र सिंगल, संवेदना ट्रस्ट से हेमंत सूद, कानतेंदु शर्मा, रजत सूद, पवन शर्मा, ओम प्रकाश त्रिपाठी, जीवन धवन, शहीद सुखदेव थापर से के परिवार से  अशोक थापर, समाज सेवक के के सूरी, संजय सूरी, संजय थापर, गोल्डी सभरवाल, बी जे पी नेता गुरदीप सिंह गोशा, डॉक्टर शिवा, मुकेश चढ्ढा, भाजपा नेत्री नीरू मित्तल, विरेश विज, अभिषेक मरवाहा, एस के गर्ग, संजय गुप्ता, आदि उपस्थित हुए। आए हुए सभी मुख्य मेहमानों को श्री राम लीला कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। 

इस मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी जलाए गए। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के चेयरमैन विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी, वाइस चेयरमैन सुभाष गुप्ता, प्रधान कीमत राय सिकरी, सचिव सुमन गुप्ता, सीनियर उपप्रधान हरीश सग्गड़, वाइस चेयरमैन राजेश कश्यप,  महासचिव डॉक्टर एम एस चौहान, सचिव चंद्रमोहन खुराना, वित्त सचिव विश्वजीत सेठी, महासचिव सुनील मेहरा, सलाहकार संत कुमार अनेजा,  सचिव राजेश भनोट, चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल खन्ना,  कैशियर राजेंद्र शर्मा, सचिव प्रवीण शर्मा, विकास जिंदल, राजीव शर्मा, संगठन मंत्री अश्विनी महाजन, आशु शर्मा, गुरदीप सिंह भोगल, उप प्रधान संजीव सिंगला, हरकेश मित्तल, डिंपी मक्कड़ , योगेश मैनी , पंकज सेठी , आयुष अग्रवाल , प्रिंस शर्मा , राजीव कांसल , सचिव व  प्रेस प्रवीण शर्मा , राजन, सनी वासन, करण कपूर, सुमन वर्मा, नरेश जेठी,  कपिश बांसल, तजिंदर वशिष्ठ,  विक्रम आनंद, प्रवीण गोयल, अमित गुप्ता, अभय सहोता, राजन बांसल, अंकुर सग्गड़, रंजन धीर, बृज भूषण शर्मा, मेला प्रमुख गौरव कालिया, सम्राट शर्मा, करण मेहरा, अजय सोंधी, राजपाल दिवाकर, विकास टुहान, पवन खरबंदा, मुकेश कुमार आदि उपस्थित थे। 

कुल मिलाकर आयोजन इस बार भी यादगारी रहा। इसके साथ ही अगले वर्ष के आयोजन को और अविकसित करने के लिए भी विचार विमर्श हुआ। 

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