Saturday, 6 August 2022

हरप्रीत कौर प्रीत ने बताई आध्यत्मिक अनुभवों की कुछ बातें

 ठाकुर दलीप सिंह जी के 69वें प्रकाश पर्व पर विशेष 


लुधियाना: 5 अगस्त 2022: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

भगवान है या नहीं! है तो किस रूप में है! मिलेगा तो कहां मिलेगा! इन सभी सवालों की जवाब किसी नास्तिक या तर्कशील के लिए निरथर्क हो सकते हैं लेकिन अध्यात्म की दुनिया में इन सवालों के जवाब बहुत बार बहुत से लोगों ने ढूंढे हैं। उन्होंने अपने अपने इष्ट के दर्शन कई कई बार किए हैं। स्वामी विवेकानंद जैसा नास्तिक और तर्कशील व्यक्ति भी जब सवाली रामकृष्ण परमहंस के सनिग्ध्य में आया तो हैरान रह गया। विवेकानंद इन बातों को आसानी से मानने वालों में नहीं था। उसने सीधा सवाल भी किया क्या आप ने भगवान देखा है? जवाब भी इसी तरह का सीधा था स्वामीरामकृष्ण परमहंस ने कहा हां बिलकुल देखा है और तुम्हे भी प्रतक्ष्य दिखा सकता हूँ। स्वामी राम कृष्ण परमहंस  न केवल स्वयं मां काली के दर्शन करते थे बल्कि उन्होंने स्वामी विवेकानंद को भी मां काली के दर्शन करवाए। स्वामी रामकृष्ण परमहंस तो मां से बातें भी करते थे और उन्हें  भोजन भी करवाते थे। यह सब केवल अतीत में नहीं था। आज भी आज ऐसे सिद्ध पुरुष मिल जाते हैं। बहुत सिउ कहानियां हमारे पास हैं लेकिन उनकी चर्चा फिर कभी सही। आज बात करते हैं हरप्रीत कौर प्रीत की जिसकी बातें मधुर भी हैं, रहस्यमय भी बहुत कुछ नया बताने वाली भी और ऑंखें खोलने वाली भी।  

दुनिया की बहुत सी आम लड़कियों की तरह हरप्रीत कौर भी सी लड़की ही थी। नामधारी परिवार था इसलिए घर का माहौल सात्विक था। नाम बाणी और कीर्तन का परवाह किसी न किसी बहाने चलता रहता। नामधारी लाईफ स्टाईल के मुताबिक सफेद रंग की पौशाक उसे दिव्यता प्रदान करती।  जब आंखें बंद करके अरदास में जुड़ती तो लगता किसी और ही दुनिया से आई है। सफेद वस्त्रों में दिव्यता का संदेश देती कोई परी है शायद। वस्त्रों की सफेदी जीवनभर स्वयं को बेदाग़ रखने का संकल्प समरण करवाती रहती है। वह कैसे "एक जोत दो रूप" बनी इसकी भी एक दिलचस्प कहानी है। बिलकुल सच्ची कहानी। 

बहुत पूछने पर वह कहती यह तो मेरा रूहानी खज़ाना है। पूरी तरह व्यकितिगत और गोपनीय। इसे सबसे शेयर  नहीं कर सकती। इससे अध्यात्म की शक्ति क्षीण होने लगती है। इंसान चमत्कारों में उलझ जाता है। ऋद्धियां   सिद्धियां उसे भगवान के सच्चे मार्ग से भटका देती हैं इस लिए इस पर प्लीज़ कुछ मत पूछो। फिर कोई  बात निकालनी पड़ती है। बार बार गुजारिशों करनी पड़ती है पर हरप्रीत कौर प्रीत बस एक झलक की बात बताने को राज़ी हो जाती है।  साथ ही चेतावनी भी देती है ऐसी बातें न किसी से पूछा करो न ही बताया करो। इन अनुभवों को पूरी तरह गुप्त रखने से ही फायदा होता है। भगवान और उसकी दुनिया की झलक आम बातों में आती ही नहीं। जब भगवान चाहते हैं कि दुनिया तक कोई बात पहुंचानी है तो भगवान इसका माहौल भी स्वयं ही तैयार करते हैं। किस के ज़रिए सारी बात कहनी है उसका चुनाव भी भगवान स्वयं करते हैं। मुझे भगवान के विधिविधान में दख्ल देने का कोई अधिकार ही नहीं। जब जब ठाकुर जी कृपा करते हैं तब तब ही मैं कुछ कर या कह पाती हूं। बार बार ज़ोर देने पर वह राज़ी होती है संक्षिप्त सी चर्चा के लिए। वह बताती है जबकी बात है वह वक्त था जब नामधारी समाज के गुरु की ज़िम्मेदारी सतिगुरु जगजीत सिंह जी के चरणों में थी। 

समय तेज़ी से गुज़रता जा रहा था। सतिगुरु जगजीत सिंह जी का शरीर कमज़ोर होता होता क्षीण होता जा रहा था। सतगुरु जगजीत सिंह जी के शरीर छोड़ने के कुछ महीने पहले ही मुझे सपने में उनके दर्शन हुए। इस दर्शन में ही  सतिगुरु जगजीत सिंह जी वो मेरा हाथ किसी और को पकड़ा कर खुद दूर चले गए।  मैं अचंभित थी।  भी थी। कुछ उलझन भी बढ़ गई थी। कौन है वह जिसके हाथों में सतिगिरु जगजीत सिंह मेरा हाथ पकड़ा कर स्वयं  गए हैं। कुछ समझ नहीं आ रहा था। एक दिन खबर आई सतिगुरु जगजीत सिंह जी सचमुच हम सभी को छोड़ कर इस लोक से उस लोक में चले गए हैं। सब अख़बारों  वह नहीं रहे। तब मुझे स्वप्न समझ आने लगा। 

जब गुरु जी शरीर छोड़ कर सचमुच चले गए। तब से उस अज्ञात चेहरे की " मक्खन शाह लुभाने" की तरह तलाश करने लगी। किसको पकड़ाया हाथ? कुछ समझ न आता।  हर पल आंखों में आंसू बहते रहते थे। उस बिरहा के पलों में दर्द शायरी लिखने की आदत पढ़ गई।  मुझे शायरी।   घरेलू लड़की से लेखिका बन गई। मैं उस वक्त भी नहीं जानती थी कि भगवान लीला कर रहे हैं। वास्तव में मुझे  यह दर्द और निखारने के लिए दिया गया था। इस बिरहा के दर्द  दुनिया  करना शुरू कर दिया। इसी तरह दो महीने बीत गए। मुझे अपने नए सदगुरु के दीदार नहीं हुए। मुझे लगता सदगुरु मेरे साथ लुकाछिपी का कोई खेल रहे हैं। हैं। आसपास ही हैं लेकिन दिखाई नहीं दे रहे हैं। 

फिर संकेत मिला नए सदगुरु ठाकुर दलीप सिंह जी ही हैं लेकिन एक बार भी उनके दीदार नहीं हुए। मेरी तड़प शिखर छूने लगी। जहां वो जाते थे, मैं भी वहीँ मिलने के लिए जाती लेकिन मेरे पहुंचने से पहले ही वह कहीं ओर रवाना हो जाते थे। मुझे गुस्सा भी आता। खीझ भी आती लेकिन अंत में केवल आँखों में आंसू ही बचते। फिर किसी अनुभवी साधक ने बताया किस्मत वाली हो। यह आंसू बिना नसीब के कहां  मिलते हैं।  बस इसी तरह काफी देर  चलता रहा। दीवानगी जैसी हालत बन गई। इंतज़ार हर पल रहने लगी। फिर मेरे इंतजार की भी इंतहा हो गई। कहीं से कुछ खबर मिली तो मैं उन्हें मिलने उत्तर प्रदेश स्थित एक गांव में चली गई। वहां पर भी दर्शन तो हुए पर प्यास नही मिट रही थी। उन्हें अपनी बिरहा का हाल सुनाने के लिए  स्टेज पर समय ले लिया। उनकी याद में जो बिरहा के गीत लिखे थे। रोते रोते स्टेज पर ही सुना आई। फिर ठाकुर जी ख़ुद भी वैराग में आ गए। सारा पंडाल ही आंसू बहाने लगा था। शयद मेरी विनती सुन ली गई थी। मेरी तड़प देख। मेरे आंसू उस दर पर कबूल हो गए थे। 

फिर ठाकुर जी से विनती कर चरणों में सीस रख बिरहा शांत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। तबसे ठाकुर जी ने बांह पकड़ी है " जीवन जीने की कला उन्होंने ही सिखाई है"। मुझमें जो भी है गुण उन्ही के हैं। उस वक्त अहसास हुआ-

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लगूं पाए। 

बलिहारी गुर आपने, जिन गोविंद दियो मिलाए।।

उसके बाद बहुत कुछ हुआ। बहुत से करिश्मे हुए। बहुत से चमत्कार भी हुए। मैंने तो हैरान होना भी छोड़ दिया। बस एक दर्शक की भांति देखती जाती। मैं किसी काबिल नहीं थी लेकिन ठाकुर जी ने अपनी कृपा से मेरे ही हाथों  बहुत से काम करवाए।  आ जाते हैं। गला है।  लगती है। हम भी कुछ पल रुक जाते हैं। जल्द ही हम कोशिश करेंगे अन्य बातें ही आपके सामने ला सकें अपनी किसी नई पोस्ट में। जिनमें होगी बहुत से दिव्य चमत्कारों और करिश्मों  की बात जो आपको भी हैरान कर देगी। --कार्तिका सिंह 

Tuesday, 19 July 2022

श्री श्याम मासिक संकीर्तन मंडल की ओर से एक और प्रयास

बहुत ही श्रद्धा व आस्था से हुआ 48वें मासिक संकीर्तन का आयोजन  


लुधियाना: 19 जुलाई 2022: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़) :

श्री श्याम मासिक कीर्तन मंडल की ओर से श्याम बाबा का 48 वा मासिक कीर्तन का आयोजन श्याम बाबा की अध्यक्षता में उपकार नगर स्थित पाहवा धर्मशाला में किया गया। इस कीर्तन की सेवा प्रेम कुमार अग्रवाल और रोहित अग्रवाल परिवार द्वारा ली गई। इसमें श्याम बाबा जी के भजनों का गुणगान लुधियाना से हेमंत अग्रवाल और बरेली से निर्मल शर्मा द्वारा किया गया। 

इसमें भजन गायक हेमंत अग्रवाल ने भजन हारे के सहारे आजा तेरा दास पुकारे आजा और निर्मल शर्मा ने भजन झोली भर दे रे श्याम झोली भर दे, दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे से गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया ! इस दौरान परिवार द्वारा श्याम बाबा को छप्पन भोग लगाये गये ! श्रावण का महीना शुरू हो गया है इसी के उपलक्ष्य में संकीर्तन की समाप्ति पर परिवार द्वारा महा आरती भी की गई।

महाआरती सेवा संघ द्वारा पंडित विशाल शास्त्री,आशीष वर्मा और प्रिंस शर्मा  टीम द्वारा महाआरती की गई ! इस अवसर पर प्रेम कुमार अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, हितेन अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, शाह  जी सेवा ट्रस्ट से मनी शाह जी, विशाल कालड़ा ,अमित जैन,शेखर सेतिया, अंशुल अग्रवाल, परबत कुमार,अमर जीत, अभिषेक, निशान, श्री श्याम मासिक कीर्तन मंडल उमेश बजाज, संजय अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, विनोद गोयल , अरुण कुमार जैन, योगेश जैन, हरीश गर्ग, विशाल अरोड़ा, पंकज सिंगला, विशाल अग्रवाल, गौरव गुप्ता, मनीष गुप्ता, मंगल गुप्ता आदि उपस्थित थे।

आचार्य डा. लोकेश की देखरेख में तेज़ी जारी है आरोग्य अभियान

18th July 2022 at 07:01 PM                            Updated 19th July 2022 at 08:00 AM 

महासती प्रवेश माला जैन चैरिटेबल अस्पताल में नि:शुल्क शिविर

लुधियाना: 18 जुलाई 2022: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

न जल बिन गुज़ारा है, न ही भोजन के बिना और न ही सांस लिए बिना लेकिन हवा, पानी और भोजन सभी कुछ प्रदूषित है। ऐसे में हर दिन नई नई बिमारियाँ सामने आ रही हैं। लोगों के लिए आरोग्य एक सपना बन कर रह गया है। हर घर में और कुछ हो या न हो लेकिन दवायों का डिब्बा ज़रूर मिल जाता है। इस नाज़ुक स्थिति में निराशा का अंधेरा घिरता ही जा रहा है। निराशा के इस अंधेरे में रौशनी की किरण बन कर आए हैं आचार्य लोकेश। लीवर, हार्ट, किडनी, शूगर, बीपी, कमर दर्द कैसी गंभीर समस्याओं के लिए पीड़ा रहित निदान ले कर। बस कुछ दिन का इलाज और सारी उम्र आरोग्य का आनन्द। इसी मकसद को लेकर एक विशेष मेडिकल शिविर का आयोजन किया गया।   

महासती प्रवेश माला जैन चैरिटेबल अस्पताल में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन बहुत से मरीज़ों के लिए आरोग्य की सौगात ले कर आया।  इसके साथ ही आरोग्य के इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए महासती प्रवेश माला जैन चैरिटेबल हॉस्पिटल मोती नगर आचार्य डॉ. लोकेश की अध्यक्षता में नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाता है।यहां से ट्रेनिंग पाए लोग भी जनसेवा के इस मिशन को आगे बढ़ाते हैं।  

आज के इस कैंप में 100 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। इस अवसर पर आचार्य लोकेश ने कहा कि भविष्य में भी।  इस कैंप में 100 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। इस अवसर पर आचार्य लोकेश ने कहा कि भविष्य में भी समय-समय पर इस तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे। यहां 10वीं या 12वीं पास लड़के-लड़कियों के लिए आचार्य डॉ.समय-समय पर इस तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे। यहां 10वीं या 12वीं पास लड़के-लड़कियों के योग चिकित्सा ध्यान आयुर्वेद पंचकर्म प्राकृतिक चिकित्सा रेकी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी उपलब्ध... प्रत्येक रविवार को नि:शुल्क प्रशिक्षण एवं उपचार शिविर का आयोजन प्राकृतिक चिकित्सा स्वास्थ्य संस्थान लुधियाना द्वारा किया जा रहा है।फायदा उठाना चाहें तो आप भी सम्पर्क कर सकते हैं। 

Wednesday, 29 June 2022

1 जुलाई को लुधियाना में विशाल रथयात्रा

  30 जून को विशेष तैयारी बैठक वीबी बिल्डर्स में 


लुधियाना: 29 जून 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

लगातार कई दशकों से लोकप्रिय होती आ रही भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियां फिर से ज़ोरों पर हैं। इस बार विशाल रथ यात्रा पहली जुलाई को सांय चार बजे आरम्भ होगी। इस संबंध में तयारी कमेटी की मीटिंग में सभी आस्थावान भक्तों और मीडिया कर्मियों को विशेष तौर पर बुलाया गया है। धर्मकर्म की कवरेज से जुड़े पत्रकार विशेष तौर पर सादर आमंत्रित हैं। यह विशेष मीटिंग 30 जून दिन वीरवार को वीबी बिल्डर्स में होगी। फवारा चौंक के निकट स्थित इस जगह पर होने वाली मीटिंग में रथयात्रा से संबंधित विचार विमर्श होगा और आवश्यक फैसलों के साथ साथ अन्य बातें भी विचारणीय रहेंगी। 

यहां सभी को फिर दे याद दिलाना आवश्यक लगता है कि इस्कॉन व भगवान जगन्नाथ कमेटी के तत्वाधान में 1 जुलाई दिन शुक्रवार को श्री दुर्गा माता मंदिर जगराओ पुल से 4 बजे विशाल रथयात्रा निकाली जाएगी। इस भव्य उत्सव को लेकर इस्कॉन व भगवान जगन्नाथ कमेटी की एक विशेष मीटिंग फव्वारा चौक नजदीक वीबी बिल्डर्स में दोपहर 1 बजे होगी। मीटिंग पश्चात लंच होगा। छप्पन भोग विशेष रुप से आने वाले भक्तों को मिलेगा। कृपा सभी मीडिया कर्मी सादर आमंत्रित है। यह निवेदन जगन्नाथ सेवक संजीव सूद बांका ने विशेष तौर पर किया है। 

Wednesday, 22 June 2022

नारी भोग की वस्तु नहीं योग का अवतार है-दिव्य ज्योति जागृति संस्थान

 22nd June 2022 at 3:02 PM

 कैलाश नगर आश्रम में हुआ महिलाओं के लिए विशेष योग आयोजन  


लुधियाना
: 22 जून 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

योग की लोकप्रियता दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। ऐसे ट्रेंड और माहौल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने एक विशेष शिविर आयोजित किया जिसमें महिलाओं के लिए योग के गहरे गुर सिखाए गए। 

दिव्य ज्योति जागृती संस्थान के सामाजिक प्रकल्प संतुलन के तहत अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में कैलाश नगर आश्रम में एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया | जिसमें विभिन्न प्रकार के योगासन जैसे भुजंगासन, नौकासन, तितली आसन, गौमुख आसन, वृक्ष आसन, धनुरासन, वीरभद्र आसन एवं अनुलोम विलोम, कपाल भाती, नाड़ी शोधन आदि प्राणायाम करवाए गये और इन सभी आसनों एवं प्राणयाम के विभिन्न लाभों के बारे में बताया |

इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए साध्वी वीरेशा भारती जी ने बताया कि प्राचीन भारतीय ज्ञान में योग बहुत अधिक महत्व रखता है । यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का एक उत्तम साधन है बल्कि मनुष्यों को मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर कारगर पद्धति को  प्रदान करता है । योग की उत्पत्ति ऋषि पतंजलि द्वारा दिए गए “पतंजलि योग सूत्र " से हुई है । योग , जैसा कि नाम से ही समझ आ जाता है की एक ऐसी पद्धिति है जिससे शरीर , मन , और आत्मा में समरसता की स्थापना की जा सके । यह न केवल शरीर को स्वस्थ , लचीला और विषाणुओ के विरुद्ध प्रतिरक्षा प्रदान करता है , बल्कि हमारे मन को भी एकाग्रता एंव तदनुसार कार्य करने के लिए भी मार्गदर्शन करता है । 

साध्वी जी ने योग के महत्व को बताते हुए कहा कि शिव संहिता में मुख्यतः 84 प्रकार के  योगासनों का वर्णन हैं जिन्हें हर वर्ग का व्यक्ति कर सकता है | प्रत्येक व्यक्ति को शारीरिक एंव मानसिक स्वास्थ्य को प्राप्त करने के लिए हर रोज योग करना चाहिए |

Friday, 3 June 2022

विश्वास फाउंडेशन के कैंप में किया 78 युवाओं ने रक्तदान

3rd June  2022 at  4:27 PM

 गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक सेक्टर 26 पंचकूला में हुआ विशेष आयोजन 

पंचकूला: 3 जून 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो):: 

गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक सेक्टर 26,  व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा पंचकूला द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर कॉलेज के हॉल में रक्तदान शिविर लगाया। शिविर में भारतीय स्टेट बैंक सेक्टर 26 के ब्रांच मैनेजर श्री वेंकटेश ने भी सहयोग किया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की सचिव श्रीमती सविता अग्रवाल ने भी रक्तदताओं का हौंसला बढ़ाया व रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। भीषण गर्मियों की वजह से अस्पतालों में भारी मात्रा में रक्त की कमी चल रही है इसी को देखते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान करने में कॉलेज के छात्र बढ़ चढ़ कर आगे आए।    

विश्वास फाउंडेशन की महासचिव साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि शिविर का उद्घाटन मुख्यातिथि कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभागहरियाणा के महानिदेशक श्री रमेश चंद्र बिधान (आईएएस) व कॉलेज के प्रिंसिपल दलजीत जी के करकमलों द्वारा रक्तदताओं को बैज लगाकर किया। ब्लड बैंक जीएमएसएच सेक्टर 16 चंडीगढ़ की टीम ने डॉक्टर सिमरजीत कौर गिल की देखरेख में 78 यूनिट्स रक्त एकत्रित किया। डॉक्टरों द्वारा को किन्ही कारणों की वजह से रक्तदान करने के लिए मना कर दिया गया। शिविर को सफल बनाने में कॉलेज के स्टाफ ने खूब प्रयास किया।

श्री रमेश चंद्र बिधान ने बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है। रक्तदान के कारण कोई कमजोरी नहीं आतीबल्कि सभी को 90 दिन में एक बार अवश्य ही रक्तदान करना चाहिए। इससे जरूरतमंदों को मदद मिलती है साथ ही शरीर स्वस्थ रहता है। रक्तदान जैसा पुनीत काम सबसे बड़ी सेवा में आता है। रक्त ही एकमात्र ऐसा पदार्थ है जिसका निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं किया जा सकता।

कॉलेज के प्रिंसिपल दलजीत जी ने बताया कि केवल स्वयं अपनी मर्जी से रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान करने से ही रक्त की कमी पूरी की जा सकती है। पहले रक्तदान जब जरूरत होती थी तब किया जाता था। अब तो कई लोग ऐसे भी हैंजो जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर भी रक्तदान करते हैं। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान हैजिससे मनुष्य ना जाति देखता है ना धर्म देखता। यह मनुष्य के लिए जीवन का सबसे पुनीत कार्य है। रक्तदान करके ही हम जरूरतमंदों की जान बचा सकते हैं।

इस रक्तदान शिविर में आये सभी क्तदानियों को प्रशंसा पत्र व गिफ्ट देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर गंभीर सिंह व विश्वास फाउंडेशन से मुलखराज मनोचा, सुनीता मनोचा, शत्रुघन कुमार, विशाल कुवर, नीरज यादव व अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।


Wednesday, 1 June 2022

हमें आपकी इंतज़ार है

 कृपया दिव्य लोक के जिज्ञासुयों की तलाश आसान कीजिए  


सारा जहां तुम्हारा
: 01 जून 2022: (आराधना  टाईम्ज़ डेस्क टीम)::

विज्ञान तरक्की कर रहा है। नई से नई तकनीक हर तरह का सुख सुविधा प्रदान करने के सक्षम होती जा रही है लेकिन इस सब के बावजूद मानव के जीवन में आनन्द खोता चला जाता रहा है। उसके जीवन में सुख, चैन, सकून दिन प्रति दिन कम होता जा रहा है। 

आप अध्यात्म के जिस मार्ग पर हैं उस पर चल कर आज भी अभूत सी संभावनाएं हैं। उस राह पर सच्चा अलौकिक आनंद मिल सकता है लेकिन इस मार्ग पर भी बहुत से लोग है  जिनमें सच्चे लोगों की पहचान करना नामुमकिन नहीं तो मुश्किल ज़रूर है। ऐसे में आप हमें सहयोग दे सकते हैं। हम सभी अच्छे लोगों को आम जनता के सामने लाने के लिए प्रयासशील हैं।  

हमें बहुत ही ख़ुशी होगी यदि आप अपने सम्बन्ध में संक्षिप्त विवरण, तस्वीरें, आपने आगामी आयोजनों के कार्यक्रम और ज़िंदगी व मृत्यु के सम्बन्ध में अपने विचार भेजने//भिजवाने का कष्ट कर सकें। हम उन्हें अपने इस लोकप्रिय मीडिया में निशुल्क प्रकाशित करेंगे। इसके साथ ही आपके शिविर आयोजित करने करवाने में भी आपके सहयोगी बनेंगे। इसके साथ ही आपसे वीडियो भेंट रिकार्ड करने का प्रस्ताव भी अपनी संचालन समिति की बैठक में रखेंगे। कृपया अपना मोब्बईल नंबर//वटसप नंबर और इमेल इत्यादि भी अवश्य भेजें। --कार्तिका सिंह 

Karthika Singh 

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