Tuesday, 31 August 2021

जन्माष्टमी पर परिवहन मंत्री राजपूत ने मंदिर ट्रस्ट को दी 5 लाख की राशि

 Tuesday: 31st August 2021 at 15:19 PM

 जन्माष्टमी के पावन अवसर पर परिवहन मंत्री ने दी शुभकामनाएँ 


भोपाल
: मंगलवार: 31 अगस्त 2021: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में श्री गोवर्धन मंदिर पहुँचकर यादव समुदाय द्वारा आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन किया और उपस्थित जन-समुदाय को अपनी शुभकामनाएँ दीं। अपने जन्मोत्सव की बधाई लेते हुए उन्होंने कहा कि मेरा नाम भी गोविंद शायद इसीलिए रखा गया कि मेरा जन्म भी जन्माष्टमी के दिन हुआ था। इस अवसर पर उन्होंने श्री गोवर्धन मंदिर ट्रस्ट को 5 लाख रूपये की राशि मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए भेंट स्वरूप प्रदान की।

बच्चों को बांटे फल व खिलौने

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत जन्मदिन के अवसर पर घरौंदा आश्रम पहुँचे जहाँ उन्होंने बच्चों को फल मिठाईयाँ, खिलौने तथा चॉकलेट वितरित किया।

बुंदेली परंपरा से हुआ भव्य स्वागत

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत का जन्मदिन बुंदेली परंपरा से मनाया गया। मंत्री श्री राजपूत ने उन सभी लागों के प्रति आभाग माना, जो जन्माष्टमी कार्यक्रम और उनके जन्मदिन पर शामिल हुए। इस अवसर पर बुंदेली नृत्य आकर्षक प्रस्तुति हुई।

Wednesday, 4 August 2021

प्रेम हो, शायरी हो या भक्ति--सावन बहुत गहरे अर्थ रखता है

 बहुत महत्वपूर्ण हैं सावन के सोमवार और दिन त्यौहार 


लुधियाना: 4 अगस्त 2021: (मीडिया लिंक रविंद्र//आराधना टाईम्ज़)::

आप ने कभी ध्यान दिया कि प्रेम करने वाले लोग और शायरी में डूबे रहने वाले शायर वर्ग से जुड़े लोग सावन के महीने को इतना महत्व क्यूं देते हैं। शायद ही कोई शायर या शायरा हो जिसे सावन पर कुछ न लिखा हो। शायद ही को हो जिसने सावन में झूम के न देखा हो। "आया सावन झूम" के नाम की फिल्म आई थी सन 1969 में। बहुत से नाज़ुक मोड़ों से भरी हुई फिल्म ज़िंदगी की झलक दिखती है। धर्मेंद्र और आशा पारेख की जोड़ी पर फिल्माई गई इस फिल्म का टाईटल सांग था बेहद लोकप्रिय हुआ गीत आया सावन झूम के... इस गीत के बोल सावन का दृश्य सामने ला देते हैं मौसम का भी, तन का भी और मन का भी। देखिए ज़रा गीत की एक झलक:

बदरा छाए के झूले पड़ गए हाए

के मेले लग गये मच गई धूम रे

के आया सावन हो ओ ओ झूमके

इसी गीत की कुछ पंक्तियाँ हैं:हैं जो बिरहा की बात भी बहुत ही खूबसूरती से करती हैं। देखिए इनका भी एक रंग:

जाने किसको किसकी

याद आई के चली पुरवाई 

गीत में इन दोनों छोटी सी पंक्तियों को कम से कम दो बार बोलै जाता है जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और सुनने वाले को याद और पुरवाई का संबंध भी कुछ कुछ समझ आने लगता है। इसे समझ क्र सावन महीने के जादू का अहसास होना शुरू होता है। आगे की पंक्तियाँ भी देखिए:

जाने किस बिरहन का

मन तरसा के पानी बरसा

हो ओ हो ओ

जब मन में बिरहा का दर्द महसूस होने लगता है तब वो धीरे धीर जा कर एक गहरी पीड़ा में महसूस होता है। एक तड़प से उठने लगती है। उस तड़प के चलते ही मन सोचता है बस एक  झलक मिल जाए उसकी। इधर गर्मी के बुरे हाल में तन भी तड़पता है-काश बरसात आ जाए। काश कुछ बूँदें धरती पर आ गिरें। उस वट फुहार मिल जाए तो लगता है बेहद आनंद मिल गया। यही तड़प और यही आनंद बन जाता है जब और गहरा तब बात चलती है भगवान की तरफ। साडी तड़पन तब उस भगवान की तरफ रुख कर लेती है। ऐसे में शिव शंकर भोलेनाथ मन को तीव्रता से लुभाते हैं। जब कोई आश्रय नज़र नहीं आता तब भोले शंकर  की आशा ही मन में जागती है। कहते हैं जिसने सावन के महीने में इस तड़पन को गले लगा लिया उस ने बहुत हद तक भगवान शिव शंकर की नज़दीकियों के अनुभव को भी पा लिया। ज़िंदगी में हर कदम पर मुश्किलें हैं, मुसीबतें हैं यह बात शिव शंकर के गले में पड़े सांप ध्यान से बार बार देख कर ही समझ आ सकती है। जीवन विष से भरा है इस सत्य का अहसास नीलकंठ के नज़दीक हो कर ही मन में उतरेगा। यह भस्म ही सिंगार है इसका पता भी शिव पूजा से ही चलता है। शिव की पूजा ज़िन्दगी के जिस गहरे ज्ञान को देती है उसे किताबों से नहीं पाया जा सकता। 

नटराज का पूजन कलाकार भी यूं ही नहीं करते। बहुत गहरे अर्थ हैं इसके भी। प्रेम प्यार और शायरी का रंग भी शिव पूजा से ही समझ आता है। इसी तरह इस महीने का अर्थात सावन का आध्यात्मिक रंग भी बहुत गहरा है। केवल धर्म कर्म की बात नहीं इसके वैज्ञानिक पहलु भी काफी हैं। फ़िलहाल चर्चा करते हैं धार्मिक क्षेत्र की। 

सावन का महीना पंचांग के अनुसार इस बरस 25 जुलाई 2021 को आरंभ हुआ था। बहुत इंतज़ार के बाद 26 जुलाई 2021 को सावन का पहला सोमवार था। लोग इसकी इंतज़ार बहुत शिद्द्त से करते हैं। पंचांग की गणना के अनुसार सावन के महीने का समापन 22 अगस्त 2021 को हो जाएगा। इस लिए बहुत कम दिन बाकी हैं इस ख़ास महीने के। क्र लो पूजा पथ दिल से। बहुत से लोगों के मन की मुरादें पूरी करते हुए यह महीना समाप्त होने की तरफ बढ़ रहा है। । दिलचस्प है कि इस दिन रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा का पर्व भी होगा।

गौरतलब है कि भगवान शिव शंभू के प्रिय मास श्रावण या सावन का वक़्त गुज़रता जा रहा है। पावन श्रावण मास में भगवान शिव और उनके परिवार की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धर्म शास्त्रों के मुताबिक हर वर्ष सावन माह में भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत ही फलदायी होता है , इसके बहुत से गहरे लाभ मिलते हैं। शायद यही कारण है कि सावन में अधिकतर लोग रुद्राभिषेक कराते हैं। उल्लेखनीय है कि सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माह माना जाता है। आज हम आपको संक्षिप्त में कुछ रहस्य बताने जा रहे हैं कि और क्या क्या खूबियां हैं इस सावन महीने में। 

जैसा कि आप जानते ही होंगें कि हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण मास का प्रारंभ आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के समापन के साथ होता है। कैलेंडर की गणना बहुत वैज्ञानिक होती है। इसके गहरे अर्थ होते हैं। इसी कैलेंडर पद्धति और प्रणाली के मुताबिक सावन माह इस का 5वां महीना होता है। इस वर्ष सावन का महीना 25 जुलाई दिन रविवार को प्रारंभ हुआ। इसका समापन अब 22 अगस्त दिन रविवार को होगा। 

सावन सोमवार व्रत  इस वर्ष अर्थात 2021 में भी विधिवत रखे जाएंगे। किस्मत वाले ही रख पाते हैं इस उपवास को। सभी को इसका महत्व भी समझ में नहीं आता या कोई न कोई समस्या खड़ी हो जाती है। उपवास का संकल्प पूरा हो इसके लिए  चाहिए साथ ही शिव  भी। अकेला संकल्प अहंकार भी उतपन्न क्र सकता है। 

सावन महीने में हर दिन पावन माना जाता है लेकिन सोमवार का दिन विशेष होता है। सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस वार सावन में 04 सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। पहला सावन सोमवार व्रत 26 जुलाई को, दूसरा सावन सोमवार व्रत 02 अगस्त को, तीसरा सावन सोमवार व्रत 09 अगस्त को और चौथा सावन सोमवार व्रत 16 अगस्त को है। तारीखें आपको बता दिन हैं अब आपका मन इस तरफ आए यह भगवान् शिव की इच्छा से ही होगा। उसका पूजन ही लाभ देगा। 

इसी तरह  इस वर्ष मंगला गौरी व्रत भी रखे जाने हैं। इनका भी बहुत लाभ मिलता है। 

पहला मंगला गौरी व्रत: 27 जुलाई

दूसरा मंगला गौरी व्रत: 03 अगस्त

तीसरा मंगला गौरी व्रत: 10 अगस्त

चौथा मंगला गौरी व्रत: 17 अगस्त

सावन मास की अमावस्या या श्रावण अमावस्या-2021 इस बार 08 अगस्त, दिन रविवार को आ रही है। इसी तरह  सावन मास की पूर्णिमा या श्रावण पूर्णिमा 2021 इस  बार 22 अगस्त, रविवार को आएगी। आपके जीबन में यह महीना हरियाली भी लाए, खुशहाली भी लाए। यही कामना है। ॐ नमः शिवाय। 

Sunday, 11 July 2021

माता मनसा देवी परिसर में लगा साप्ताहिक रक्तदान शिविर

11th July 2021 at 5:22 PM
 49 श्रद्धालुओं ने किया माता के चरणों में उत्साह से रक्तदान 


पंचकूला: 11 जुलाई 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::
विश्वास फाउंडेशन, श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी डिस्ट्रिक्ट ब्रांच पंचकूला की  तरफ से आज एक संयुक्त रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह साप्ताहिक रक्तदान शिविर रविवार को माता मनसा देवी परिसर में सत्संग भवन हॉल के पास वाले पार्क में लगाया गया। इस शिविर में 49 रक्तदानियों ने बहुत ही उत्साह के साथ माता के चरणों में रक्तदान किया। शिविर में मास्क, सोशल डिस्टैन्सिंग व सैनीटाईजेशन का खास ध्यान रखा गया। ब्लड बैंक एम केयर हॉस्पिटल ब्लड सेंटर वीआईपी रोड़ जीरकपुर टीम ने डॉक्टर गौरव की मौजूदगी में रक्त एकत्रित किया। गौरतलब है कि दान किया गया यह रक्त बहुत सी बिमारियों का शिकार मरीज़ों की जान बचाने के काम आता है। 

इस मौके पर विश्वास फाउंडेशन की महासचिव साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि रक्तदान करने से शरीर में कमज़ोरी आती है। रक्तदान के कारण कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि सभी को 90 दिन में एक बार अवश्य ही रक्तदान करना चाहिए। इससे जरूरतमंदों को मदद मिलती है साथ ही शरीर स्वस्थ रहता है। रक्तदान जैसा पुनीत काम सबसे बड़ी सेवा में आता है।

इस रक्तदान शिविर में आये सभी रक्तदानियों को प्रशंसा पत्र, मास्क, साबुन, स्मृति चिन्ह व गिफ्ट देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर विश्वास फाउंडेशन से अविनाश शर्मा, वर्षा शर्मा, पवन मनचन्दा, हर्ष मनचन्दा, सुरेश कुमार, संजय सिंह व अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।

Monday, 5 July 2021

महिला सशक्तिकरण में नामधारी समाज का विशेष योगदान

5th July 2021 at 4:35 PM

धर्म के क्षेत्र में है यह क्रन्तिकारी कदम और अन्यों के बहुत बड़ी सीख 

नई दिल्ली: 5 जुलाई 2021: (*प्रीति सिंह//आराधना टाईम्ज़):: 
महिला सशक्तिकरण के प्रेरणा स्रोत माता चंद कौर जी 
आज के समय में
हम सभी महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं और महिलाओं को उच्च स्थान देने का वायदा भी करते हैं। वहीं नामधारी समाज ने कुछ ऐसा उदाहरण हम सभी के समक्ष पेश किया, जिससे समाज में वास्तविक रूप में महिलाओं को उच्च दर्जा व सम्मान लगातार मिल रहा है। नामधारी सिखों ने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी तथा उच्चयोग (सर्वोच्च) स्थान व सम्मान को सुनिश्चित करने की एक विशेष मुहिम शुरू की है। जिसके अंतर्गत पुरुष प्रधान क्षेत्रों में महिलाओं का प्रवेश सुनिश्चित किया जा रहा है।
अप्रैल 2021 में नामधारी समाज के मुखी सतगुरु दलीप सिंह जी ने एक अनूठी पहल की, जिसमें उन्होंने पूर्ण रूप से नामधारी सिंघनियों (महिलाओं) को पुरुषों के तुल्य बैठने, पाठ करने, मंच संचालन, अरदास, अमृतपान, हवन-यज्ञ आदि ऐसे कई कार्यो में उच्च स्थान ही नहीं बल्कि संपूर्ण होला मोहल्ला कार्यक्रम का संचालन नामधारी सिंघनियों (महिलाओं) द्वारा करवाया गया। इस अवसर पर विवाह के लिए आनंद कारज की रस्में, अरदास, हवन-यज्ञ, लंगर बनाने से लेकर अमृतपान व अमृत बनाने आदि का कार्य संपन्न किया।
होला महल्ला कार्यक्रम में आनंद कारज (लावां) का उच्चारण नामधारी सिंघनियों (महिलाओं) द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में से किया गया तथा श्री दसम ग्रंथ साहिब जी में से होला महल्ला कार्यक्रम में भोग के श्लोक आदि सभी रीति-रिवाज महिलाओं ने संपन्न किए, जबकि ये सभी कार्य अभी तक सिंघ पुरुष ही करते थे। ये सभी परिवर्तन समाज में एक नई परंपरा का सूत्रपात करेंगे।
नामधारी सिख समुदाय ने अनूठी पहल शुरू करके पुरुषों द्वारा अमृतपान तथा अमृत बनाने का कार्य भी महिलाओं द्वारा शुरू करवाया जबकि सिखों की अन्य संप्रदायों में यह कार्य अभी तक पुरुषों द्वारा ही किया जाता है यहां तक कि तख्त श्री हजूर साहिल (नांदेड) में तो अभी तक स्त्रियों को अमृतपान नहीं करवाते।
सामान्यत: सिख पंथ में आज भी विवाह (आनंद कारज) से जुड़ी थार्मिक रीति-रिवाजों को गुरुद्वारे में तैनात कुछ पुरुषों द्वारा ही किया जाता है तथा महिलाओं की भागीदारी नाम मात्र भी नहीं रहती। जबकि, नामधारी पंथ ने अपने समुदाय में आनंद कारज की रीतियों में सिंघनियों (महिलाओं) को अधिकार  प्रदान किया गया, जो कि महिला सशक्तिकरण में एक नया मील पत्थर साबित होगा।
धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं में महिलाओं को सक्रिय भागीदारी के साथ ही नामधारी संप्रदाय ने सामाजिक क्षेत्रों में भी महिलाओं की हिस्सेदारी को सुदृढ़ किया है।
हमेशा से ही नामधारी गुरु साहिबानो एवं विशेष रूप से वर्तमान सतगुरु दलीप सिंह जी ने नामधारी संगत को बुद्धिजीवी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बहुत सी ऐसी नई बातें बताईं, जिससे आने वाले समाज में महिलाओं के प्रति लोगों के मनोभाव, बुद्धिमता व सोच में बदलाव आएगा।
समाज का उद्धार तभी होता है जब किसी भी धार्मिक स्थलों पर धर्मगुरु कुछ ऐसे उदाहरण देते हैं जिससे लोगों की सोच को एक नई दिशा मिलती है। महिला सशक्त तभी कहलाती है जब समाज उसे पूर्ण रूप से स्वीकारता है।
नामधारी समाज महिला सशक्तिकरण वाले इस परिवर्तन को सहर्ष एवं पूर्णतया स्वीकार किया है। जो कि अपने आप में बहुत बड़ी बात हैं व कठिन हैं। क्योकि, समाज में परिवर्तन लाना जहां कठिन है वहां समाज द्वारा पुरातन परंपरा से निकलकर नई सोच तथा नई परंपरा को अपनाना और भी कठिन हैं। परंतु, नामधारियों ने अपने गुरु के आदेश को मानते हुए, महिला सशक्तिकरण को सहर्ष स्वीकार किया है। जो आश्चर्य जनक तथा प्रसन्नता की बात है।                                                                ---*प्रीति सिंह
*प्रीति सिंह विश्व सत्संग सभा, दिल्ली की प्रधान है और ऐसे विषयों पर लिखती रहती है 

Friday, 21 May 2021

पशुपति और वीरेश्वर की पूजा में क्या अंतर है?

संघर्ष के बिना जय नहीं मिलती-आनंदमार्ग 

चंडीगढ़//खरड़: 21 मई 2021: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::
आनंदमार्ग वास्तव में एक ऐसी साधना पद्धति देता है जिसमें शामिल होने वाले साधक दुनिया से पलायन नहीं करते बल्कि हर चुनौती का सामना  करते हैं चाहे वह कितनी ही बड़ी क्यूं न हो।  आनंदमार्ग का हर संदेश गहरा ज्ञान देता है। आज का संदेश लिया गया है दादा सत्यजीत आनंद के एक संदेश में से जो उन्होंने वाटसअप पर भेजा।  

वे मनुष्य जब साधना के पथ पर आते हैं, तब उन पर चारों तरफ से बाधा-विपत्तियाँ आती हैं। घर के सदस्य बाधा डालते हैं, बन्धु-बान्धव भी बाधा डालते हैं। अनेक तरह से अनेक प्रकार की बाधाएं आती हैं और वह साहस के साथ उनसे संघर्ष करता चला जाता है, लडता रहता है। लडे बिना तो जय मिलती नहीं। बिना लडे ही कभी किसी को जय मिलती है? अब यही जो लडाई है, इसे कौन लडता है? जो वीर है वही लडाई करता है, उसमें पशुभाव नहीं रहता, उस समय उसमें रहता है 'वीरभाव' | उस समय वह परमात्मा को 'वीरेश्वर कहकर पुकारता है | वह कहता है-'हे परमपुरुष! मैं वीर हूँ, तुम वीरेश्वर हो' इस अवस्था में साधक के इष्ट 'पशुपति' नहीं रहे, वे बन गए 'वीरेश्वर' वीरभाव, सदा प्राप्य क्रमेण देवता भवेत्' वह साधक अब पशु नहीं है और इस वीरभाव में जब वह प्रतिष्ठित हो जाता है, तो किसी पाप व किसी अनाचार को सहन नहीं कर सकता, तब वह स्वाभाविक रुप से अन्याय नहीं करता, अन्याय सहन भी नहीं करता, उसका यह एक स्वभाव बन जाता है। 

श्री श्रीआनंदमूर्तिजी 

'आनन्द वचनामृतम्', "सहज धर्म", पृष्ठ- 40 , चतुर्थ, पंचम और षष्ठ खण्ड

🌹बाबा नाम केवलम्🌹

आपको आनंदमार्ग के ये संक्षिप्त विचार कैसे लगे अवश्य बताएं। आनंदमार्ग से जुड़ने के इच्छुक अपने नज़दीकी जागृति  केंद्र  के साथ सम्पर्क कर सकते हैं। 

विश्वास फाउंडेशन का कोरोना को हराने का प्रयास सराहनीय

21st May 2021 at 3:44 PM

मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा इससे वातावरण की शुद्धता भी होगी 


पंचकूला
:21 मई 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

कभी सोचा न था कि कोरोना युग आएगा। सांस लेते वक़्त भी डॉ और अपराध का बोध होगा। अपनों से दुरी बना कर रखनी पड़ेगी। नाक और मुँह पर मास्क लगाने पड़ेंगे। कुछ वर्ष पहले अगर इस तरह की बात भी की जाती तो लोग इसे  और बुरी तरह मज़ाक उड़ाते। अब जबकि यह हमारे वक़्तों की एक हकीकत बन चुकी है तो इसे स्वीकार किये बिना कोई रास्ता भी नहीं। अब कोविड/कोरोना के खिलाफ चल रहे युद्ध में सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए विश्वास फाउंडेशन, पंचकूला ने कोरोना महामारी के इन कठिन दिनों में वातावरण की शुद्धता के लिए जड़ी-बूटियों वाले मिक्सचर से शहर के सेक्टरों में "हर्बल धूनी की आहूति" के लिए जागरूकता का आगाज किया है। इससे पर्यावरण शुद्ध होगा। सांस लेने लायक हवा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। 

अपने इस इस मकसद को पूरा करने के लिए विशवास फाउंडेशन ने एक अभियान चलाया है। पंचकूला में इसका शुभारम्भ बहुत सराहा गया। आज शुक्रवार को बीकेएम विश्वास स्कूल कैंपस से मेयर कुलभूषण गोयल ने झंडी दिखाकर सेक्टर 9, 10, 11, 12, 17 और 18 के लिए तीन टीमों को रवाना करके जागरुकता कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने वातावरण की शुद्धता के लिए विश्वास फाउंडेशन के प्रयास को खुले शब्दों में सराहा। इससे आम जनता में भी स्वस्थ हवा और सुरक्षित सांस को ले कर आत्म वोइश्वास में वृद्धि हुई। 

इस मौके पर विश्वास फाउंडेशन की जनरल सेक्रेटरी साध्वी नीलिमा विश्वास ने कहा कि वातावरण में फैले कोरोना संक्रमण के अंशों को कम करने की कोशिश की गई है। मकसद पंचकूलावासियों की भी भागीदारी बढे। लोग भी घरों व मोहल्लों में हवन करें और धूनी यात्रा निकालें। कोरोना महामारी की दूसरी लहर हवा के जरिए ही संक्रमण फैला रही, ऐसा सरकार और वैज्ञानिकों ने कहा है, सो वातावरण की शुद्धता से भी संक्रमण को कम करने की कोशिश होनी चाहिए। इस अवसर पर सेक्टर 9 शिवा मार्किट के प्रेजिडेंट सुरिंदर कुमार बंसल, विश्वास फाउंडेशन से रजनीश सिंगला, आशीष सिंगला, श्यामसुन्दर साहनी, सविता साहनी, मुलखराज मनोचा, सुनीता मनोचा, अविनाश शर्मा, वर्षा शर्मा, राजिंदर गुलाटी व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

Thursday, 20 May 2021

कोविड/कोरोना के युग में विश्वास फाउंडेशन की नई पहल

मीडियाकर्मियों में बांटे सेनेटाइजर व अन्य जरूरी बूस्टर


पंचकूला
20 मई 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़):: 

विश्वास फाउंडेशन की ओर से जारी कोरोना महामारी के इन कठिन दिनों में सेवा कार्यों की कड़ी में आज वीरवार 20 मई को पंचकूला में मीडियाकर्मियों को मास्क, सेनेटाइजर और अन्य जरूरी बूस्टर दिए। ये वो फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स हैं जो रोजाना अपनी जान जोखिम में डाल कर शहरवासियों को देश-प्रदेश व शहर भर की खबरों से रूबरू करवाते हैं। 

इन सब कोरोना वारियर्स जो कि विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों से जुड़े हुए हैं, को आज बीकेएम विश्वास स्कूल सेक्टर 9 में बुलाकर किट्स दी गईं। विश्वास फाउंडेशन की जनरल सेक्रेटरी साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि हरेक किट में 10 मास्क, सेनेटाइजर, मल्टी विटामिन, जूस और अन्य जरूरी चीजें दी गई। इस कोरोना काल में पत्रकार निस्वार्थ सेवा में जुटे हुए हैं और अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को मौजूदा हालातों के अलावा शहर की प्रमुख खबरों से भी अवगत करवा रहे हैं, इसलिए विश्वास फाउंडेशन ने फैसला किया कि पत्रकारों को उनकी सुरक्षा एवं कोरोना संकट में बचाए रखने के लिए यह विशेष किट प्रदान की जाए। सभी के प्रति संस्था की ओर से आभार भी जताया गया जो ये लोग हर दिन अपनी जान की परवाह किए बिना देश व समाज के लिए काम कर रहे हैं। साध्वी नीलिमा विश्वास ने कहा कि पत्रकार रोजाना सैकड़ों लोगों के संपर्क में आते हैं, इसलिए उन्हें अपनी सावधानी विशेष तौर पर रखनी चाहिए। विश्वास फाउंडेशन की ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए कोविड-19 मेडिसन किट तैयार की गई है, जोकि सभी लोगों को जिन्हें कोरोना संक्रमण है, उन्हें फ्री दी जाएगी। इस किट में बुखार की दवा, एंटीबायोटिक, मल्टीविटामिन, एंटी एलर्जिक, विटामिन सी, जिंक समेत कई दवाएं हैं। जिसको भी जरूरत हो वो बीकेएम विश्वास स्कूल सेक्टर 9 पंचकूला में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आकर इन दवाइयों की किट प्राप्त कर सकते हैं। इस किट का कोई भी शुल्क नहीं है, सभी के लिए निशुल्क/फ्री है।