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Thursday, 7 September 2023

बस भगवान कृष्ण का संदेश याद रखिए हर संकट आपसे हार जाएगा

भगवान कृष्ण हर संकट का सामना सहजता से करना सिखाते हैं


लुधियाना
: 6 सितम्बर 2023: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

यूं तो जन्माष्टमी एक हिन्दू त्यौहार के तौर पर ही जाना और मनाया जाता है लेकिन वास्तव में यह सारे  विभाजन हम लोगों ने ही बनाए और मज़बूत किए हैं जबकि वास्तव में धर्म की स्थापना के लिए आने वाले महापुरुषों का उपदेश सभी के लिए फायदेमंद होता है। जीवन की गहराइयां इन्हीं उपदेशों से समझ में आती हैं। धर्म कोई भी हो उसका मर्म बहुत गहरा होता है।   

बहुत से अन्य त्योहारों की तरह जन्माष्टमी हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पूरी तरह से विलक्षण भी है। जन्म के साथ ही संघर्षों भरे जीवन के सत्य  है यह त्योहार। केवल जन्माष्टमी के पावन त्यौहार से ही हमें समझ में आता और समरण आने लगता है कि भगवान श्री कृष्ण तो जन्म के समय ही  मुसीबतों से घिरे हुए थे। इन मुश्किलों ने काफी देर तक उनका पीछा भी नहीं छोड़ा लेकिन इसके बावजूद वह हर संकट का सामना मुस्कराते हुए बहादुरी से करते हैं। 

यह ख़ास त्यौहार है जिसके आते और जाने की रात में ही मौसमी तब्दीली शुरू समझी जाती है। गर्मी का प्रकोप भी मंद पड़ना है। कुछ ही दिनों के बाद आने वाली गुलाबी ठंडक एक खास अहसास भी कराएगी। जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। मुसीबतें भी मामूली नहीं थी। कंस सगा मामा ही तो था लेकिन हत्या पर उतारू था। आज हमारा कोई अपना अगर ज़रा सा भी हमारे खिलाफ हो जाए तो हम समझते हैं न जाने कौन सा पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन भगवान् श्री कृष्ण ने बाकायदा एक जंग लड़ी अन्याय के खिलाफ। अत्याचार के खिलाफ। राजशाही के खिलाफ। 

आज हम में से कितने लोग हैं जो अपने बेगानी के रिश्ते को दरकिनार कर के गलत को गलत कहने की हिम्मत जुटा पाते हैं? भगवान श्री कृष्ण का जीवन और उपदेश हमें विपरीत प्रस्थितियों में भी हंसना, मुस्कराना, हिम्मत बनाए रखना और इन विपरीत हालात के साथ पूरी शक्ति से टकराना सिखाता है। 

आसान नहीं है भगवान कृष्ण का भक्त बन जाना। कालिया नाग आज भी ज़हर जैसी खतरनाक मुसीबतों का ही प्रतीक है। तस्वीर बहुत कुछ बताती और सिखाती है। उस कालिया नाग के फन पर नाचना आना चाहिए अगर जीवन जीना है तो।  हालत को अपने वश में करना सीखना होगा। भगवान श्री कृष्ण की हर बात बहुत कुछ सिखाती है। जीवन के गहन सत्यों से रूबरू करवाती है। 

जन्माष्टमी की रात्रि को लोग व्रत और उपवास रखते हैं-इसका भी गहरा अर्थ है। उपवास से ही भक्ति, आस्था, चेतना और हिम्मत का सामंजस्य बना रहता है। इसी से एक शक्ति जगती है। मदहोशी की नींद से जाग कर ही सम्भव हैं भगवान कृष्ण के दर्शन। इस लिए मध्यरात्रि में जब जन्म का समय आता है तो उस वक्त तक पूरी तरह से सतर्कता के साथ जागना, प्रेम के साथ जागना आम तौर पर सभी के लिए सम्भव नहीं रहता। बहुत कठिन होता है कुछ घंटों का ही यह जागरण लेकिन अगर आस्था, श्रद्धा और विधि से कर लिए जाए तो शक्ति की अनुभूति भी देता है। 

यह परम्परा भी है कि जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, उस समय मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना की जाती है। उस समय घंटियां बहुत मधुरता से सुनाई देती हैं। इस पूजा अर्चना और सेलिब्रेशन का भी बाकायदा एक विज्ञान है। जब अंतर्मन में जाग्रति आती है। किसी महान शक्ति की अनुभूति होती है और विराटता के दर्शन होते हैं तो संगीत सुनाई देने लगता है। घंटियां सी बजने लगती हैं। वास्तव में अगर आस्था और हसरद्दा सच में है तो आपके अंतर्मन में भी वही सब अनुभव होने लगेगा। बेशक आप मंदिर में न भी हों पर अगर वह आस्था और श्रद्धा नहीं है तो फिर मंदिर में बैठ कर भी शायद वो बात न बने। 

जन्माष्टमी के दिन लोग श्रीकृष्ण की कथाएँ सुनते हैं, भजन-कीर्तन में शामिल होते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं। बच्चे श्रीकृष्ण के वेश में सजकर उनकी लीलाओं का अनुकरण करते हैं। यह सब हमारे अंतर्मन में एक सात्विक शख्सियत के निर्माण की प्रक्रिया का ही भाग होता है। इसका असर पूरे समाज के नव निर्माण तक पहुंचता है। इन्हीं छोटे छोटे कदमों से मिलने लगती हैं बड़ी बड़ी उपलब्धियां। 

इसी अवसर पर एक प्रमुख परंपरा 'दही-हांडी' की भी होती है, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र में प्रसिद्ध है लेकिन अब तो पंजाब में  लोकप्रिय होती जा रही है। इसमें एक ऊंचाई पर दही भरी मटकी (हांडी) टांग दी जाती है और युवक टोलियाँ उसे तोड़ने का प्रयास करते हैं। यह प्रसंग श्रीकृष्ण की माखन चोर लीला को प्रस्तुत करता है। बात केवल माखन चोरी की तो नहीं है। यह भी बेहद महत्वपूर संकट है कि ज़िंदगी में सफलता का माखन आसानी से नीचे बैठे बिठाए नहीं मिलता। उसके लिए संघर्ष की भी ज़रूरत होती है और साथियों के सहयोग की भी। तब बनती है बात। सफलता के लिए संघर्ष का ही संदेश है यह रस्म भी। 

दिलचस्प बात है कि जन्माष्टमी भारतीय संस्कृति में श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संदेश और उनकी लीलाओं की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है। यह त्योहार विशेष रूप से भक्ति, प्रेम और समर्पण की भावना के साथ मनाया जाता है। बांसुरी और सुदर्शन चक्र के दरम्यान का समन्यव भगवन कृष्ण की बातों को गहराई से समझ कर ही समझा जा सकता है। ये प्रतीक बेहद अनमोल हैं। 

Tuesday, 4 October 2022

सज गया है आस्था का केंद्र भगवान महाकालेश्वर का आंगन

Tuesday 4th October 2022 at 08:32 PM

अभिभूत होगी भक्त जनता, बनेगा एक नया गौरवशाली इतिहास

*इस विशेष लेख में है विस्तृत जानकारी मंदिर के भव्य दर्शन पर 

*प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को करेंगे ‘महाकाल लोक’ का लोकार्पण, 

*‘महाकाल लोक’ में हैं 190 मूर्तियां 

*सबसे लम्बी चित्रित दीवार कराती है अलौकिक सी अनुभूति 

*भगवान शिव से जुड़ी कथाओं का मिलेगा अभूतपूर्व वर्णन  


उज्जैन: 04 अक्टूबर 2022: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क):: 

श्री महाकालेश्वर मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। लाखों भक्त  यहां पहुंच कर दर्शन पाना अपना सौभाग्य समझते हैं। बिना महाकाल की कृपा यहाँ पहुंचना है भी नामुमकिन सा ही। इस मंदिर का एक नया रूप बन कर अब तैयार है। इस नए रूप से मंदिर का एक एक पहलू देखने वाला बन जाएगा। 

द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान महाकालेश्वर न केवल देश-प्रदेश, बल्कि विश्व में प्रसिद्ध हैं। लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष भगवान महाकालेश्वर की एक झलक पाने के लिये एकत्रित होते हैं। मोक्षदायी सप्तपुरियों में से एक अवन्तिका में विराजित हैं भगवान महाकाल। भगवान शिव से जुड़ी कथाओं, ज्ञान, भक्तिभाव और तन-मन शिवमय हो सके, इसके लिये ही बनाया गया है ‘महाकाल लोक’।

शासन द्वारा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिये हर तरह की सुविधा का बंदोबस्त किया गया है। महाकाल लोक का लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर को किया जायेगा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बनारस के कॉरिडोर की तर्ज पर उज्जैन में भी इसी तरह का विकास करने के बारे में संकल्प लिया और यह संकल्प अब पूर्ण हो चुका है। महाकाल लोक श्री महाकाल महाराज विकास योजना के प्रथम चरण के अन्तर्गत निर्मित हुआ है। वर्ष 2023 तक इस प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण के कार्य भी पूर्ण हो जाने की पूरी-पूरी संभावना है। आगामी 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री द्वारा महाकाल लोक आम श्रद्धालुओं के लिये खोल दिया जायेगा।

महाकाल लोक की अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये है। महाकाल लोक पहुंचने के लिये चार भुजाओं वाले महाकाल ओवर ब्रिज से होकर त्रिवेणी संग्रहालय जाना होता है। संग्रहालय के ठीक सामने लगभग 450 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग शेड के ऊपर सोलर पैनल लगाये गये हैं।

पार्किंग के ठीक सामने पिनाक द्वार है और उसके समीप स्थित है त्रिवेणी संग्रहालय। महाकाल लोक में प्रवेश करने के पहले नन्दी द्वार बनाया गया है। द्वार के बाहरी हिस्से में भगवान गणेश के दर्शन होते हैं। प्रवेश द्वार पर विशाल नन्दी की प्रतिमा बनाई गई है, जो कि अत्यन्त आकर्षक लगती है। इन्हें निहारते हुए महाकाल लोक में प्रवेश होता है। उल्लेखनीय है कि महाकाल लोक 900 मीटर लम्बे क्षेत्र में निर्मित किया गया है। महाकाल लोक के दाहिनी तरफ कमल ताल, शिव स्तंभ, सप्तऋषि परिसर, पब्लिक प्लाजा और नवग्रह परिसर बनाये गये हैं। यहां पर बैठक व्यवस्था की गई है। पास ही में कमल ताल है, जहां 25 फीट ऊंची शिव की प्रतिमा बनाई गई है। 

लोटस पोंड, ओपन एयर थिएटर तथा लेकफ्रंट एरिया और ई-रिक्शा व आकस्मिक वाहनों हेतु मार्ग भी पूर्ण हो चुका है। बड़े रूद्र सागर की झील में स्वच्छ पानी भरा जायेगा और यह सुनिश्चित किया गया है कि इस झील में गन्दा पानी बिल्कुल न मिलने पाये।

महाकाल लोक में बनी प्रतिमाएं, फव्वारे और आसपास की हरियाली आकर्षित करती है। कोबल्ड स्टोन की रोड क्रॉसिंग के जरिये पदयात्रियों की कनेक्टिविटी विकसित की गई है। पैदल चलते हुए शिव, देवी और श्रीकृष्ण से जुड़ी प्रतिमाएं नजर आती हैं। चित्रों के नीचे सम्बन्धित कथाएं भी अंकित की गई हैं। क्यूआर कोर्ड भी बनाये गये हैं, जिन्हें मोबाइल से स्केन कर कथा सुनी जा सकती है। इनमें शिव बारात का आकर्षक चित्रण किया गया है। एक शिल्प में कैलाश पर्वत को रावण ने उठा रखा है। कैलाश पर शिव परिवार भी विराजित है। एक शिल्प में देवी की नृत्य मुद्रा बनाई गई है।

सप्तऋषि परिसर में ऋषियों की विशाल प्रतिमाओं के दर्शन के साथ उनके बारे में आवश्यक जानकारी दी गई है। त्रिपुरासुर वध का चित्रण विशाल शिल्प में किया गया है। यहां रथ पर सवार भगवान शिव त्रिपुरासुर का वध कर रहे हैं।

पिनाक द्वार उनके लिये है जो सीधे मन्दिर में प्रवेश करना चाहते हैं। यह पौराणिक रूद्र सागर का घाट है। रूद्र सागर में लाईट एण्ड साउण्ड शो, लेजर शो और वाटर कर्टन शो दिखाये जायेंगे।

पूरे कॉरिडोर में देश की सबसे लम्बी भित्ति चित्र वाली दीवार है। इस दीवार पर पत्थरों पर शिव कथाएं उकेरी गई हैं। महाकाल लोक दो हिस्सों में बना है। एक तरफ पैदल पथ और दूसरी तरफ ईकार्ट पथ। बच्चे, वृद्ध, दिव्यांग और महिलाओं के लिये ईकार्ट की व्यवस्था नि:शुल्क की गई है। दोनों पथ के बीच 108 शिवस्तंभ शिव की विभिन्न मुद्राओं सहित निर्मित हैं, जो अलग ही छटा बिखेर रहे हैं। यह स्तंभ साधारण नहीं है, हर स्तंभ पर शिव की नृत्य मुद्रा अंकित है। इन्हीं पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये हैं।

महाकाल लोक में शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनाया गया है, जहां फूल, प्रसाद से लेकर धर्म और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं की दुकानें हैं। कॉम्पलेक्स के समीप फेसिलिटी सेन्टर क्रमांक-2 स्थित है, जहां जूते, चप्पल और बैग जमा करने की व्यवस्था की गई है। समीप ही शौचालय और नाश्ते तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।

महाकाल लोक में देश का पहला नाईट गार्डन बनाया गया है, जहां दिन में भी रात्रि का एहसास होता है। गोलाकार नाईट गार्डन के बीच शिव की विशाल ध्यानमग्न प्रतिमा बनाई गई है। इसके ठीक सामने के हिस्से में नीलकंठ परिसर है। लगभग 20 एकड़ में फैले महाकाल लोक में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। रात्रि के समय जब मूर्तियों और म्युरल्स पर रोशनी पड़ती है तो पूरा लोक स्वर्णिम आभा से चमकने लगता है। 

(तस्वीर और जानकारी मोदीनामा से साभार)

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Sunday, 7 November 2021

भगवान श्री परशुराम मंदिर में लगा फ्री आर्थो कैंप

 7th November 2021 at 6:56 PM WhatsApp

  मेडिकल कैंप में हुई 100 लोगों की हुई जांच  

कैंप में शिरकत करने पर मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू का स्वागत करते व
सिरोपा भेंट करके उन्हें सम्मानित करते मंदिर कमेटी के पदाधिकारी 


मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू ने किया कैंप का उदघाटन

मंदिर प्रबंधकों के कार्याे की सराहना की

इलाज करवाने वाले मरीज बोले आगे भी लगना चाहिए ऐसा फ्री कैंप

मोहाली: 7 नवंबर 2021:(गुरजीत सिंह बिल्ला//आराधना टाईम्ज़)::

फेस-9 के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित भगवान श्री परशुराम मंदिर एवं धर्मशाला में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रीड़ की हड्डी और सरवाईकल जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए एक फ्री अर्थो कैंप का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू ने रिबन काट कर किया। 

इस कैंप के दौरान श्री ब्रहामण सभा और मोयाल सभा मोहाली के प्रधान वी.के वैद, सरप्रस्त रोमेश दत्त, सरप्रस्त शिव शरन कुमार,उपाध्यक्ष जसविंदर शर्मा , सीनियर उपाध्यक्ष नवलकिशोर शर्मा, गोपाल कृष्ण,चेयरमैन राजीव दत्त, रिशी राज, के के छिब्बर, मनमोहन दादा, बलदेव राज वशिष्ट, यशपाल अगिनहोत्री, श्री ब्रहामण सभा मोहाली महिला संकीर्तन मंडल अध्यक्ष मैडम हेमा गैरोला, कमलेश राज, वरिंदर शर्मा, प्रवीन शर्मा, अरूण वैद, कृष्ण शर्मा,हनीत,टोनी, ओम प्रकाश, गुरमेल सिंह सियाण, बॉबी शंकर, राजेश कुमार अपने परिवार सहित और मंदिर के पुजारी अमित मिश्रा,अशोक कुमार भाट,ऊमेश द्विवेदी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में पहुंचे मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू ने श्री ब्रहामण सभा मोहाली और भगवान श्री परशुराम मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों के कार्यो की सराहना की और मंदिर के विकास कार्यो में पहले की तरह आगे भी अनुदान देने की बात कही। इस दौरान उनके साथ विक्टर भी उपस्थित थे। 

मंदिर प्रबंधकों की ओर से दोनों अतिथियों को गुलदस्ता भेंट करके स्वागत किया गया और उनको सिरोपा भेंट करके सम्मानित किया गया। इस दौरान श्री ब्रहामण सभा के प्रधान वी.के वैद ने मंदिर के कार्यो के बारें में मुख्यातिथि को विस्तारपूर्वक अवगत करवाया और श्री सिद्वू परिवार का मंदिर के विकास कार्यो में अहम योगदान बताया। 

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि कैंप में लगभग 1०० के करीब लोगों का इलाज किया गया और यह कैंप सुबह 1० बजे से लेकर शाम 5 बजे तक चलता रहा। वहीं कैंप में इलाज करवाने आए मरीजों का कहना था कि इस तरह के कैंप अधिक से अधिक लगाए जाने चाहिए और वह मंदिर कमेटी प्रबंधकों से अपील करते हैं कि भविष्य में भी इस तरह का कैंप लगाया जाए। इस दौरान कैंप को सफल बनाने में मैडम हेमा गैरोला एवम उनकी महिला मंडल जिसमें पुष्पा शर्मा,सुधा,गीतांश, कुसुमा,सुशीला, वेद बाला, लीला शर्मा, गीता शर्मा, पूनम शर्मा,मुस्कान वैद ,साधना वैद,मालती देवी,ममता शर्मा,लता,खुश्बू सहित अन्य महिलाओं ने कैंप को सफल बनाने में अपना अहम योगदान दिया।

Saturday, 6 November 2021

भगवान परशुराम मंदिर में गोवर्धन पूजा पूरी आस्था से हुई

विश्वकर्मा दिवस भी पूरी श्रद्वा-भावना एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया


मोहाली
: 6 नवंबर 2021: (गुरजीत सिंह बिल्ला//आराधना टाईम्ज़)::

मोहाली के फेस-9 औद्योगिक क्षेत्र में उपस्थित  श्री भगवान परशुराम मंदिर एवम धर्मशाला में मंदिर के प्रबंधकों और श्रद्वालुओं की ओर से शुक्रवार को गोवर्धन पूजा और विश्वकर्मा दिवस बड़ी श्रद्वा-भावना एवम उत्साहपूवर्क मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में एक विशाल धार्मिक कार्यक्र म का आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में श्रद्वालुओं और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना भी की। कार्यक्रम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए मंदिर के प्रमुख्य सेवादार और श्री ब्रहामण सभा मोहाली के प्रधान रिटायर्ड एसपी वी.के. वैद, सरप्रस्त रोमेश दत्त, सरप्रस्त शिव शरन कुमार,उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह शर्मा ने बताया कि मंदिर में यह पहली बार हुआ है कि एक कार्यक्रम दो साथ करवाए गए। उन्होंने बताया कि मंदिर में आज गोवर्धन पूजा भी की गई और बाद में विश्वकर्मा दिवस भी मनाया गया। उन्होंने बताया कि जब से मंदिर में विश्वकर्मा जी की मूर्ति स्थापित की गई तब से आज यह बाबा विश्वकर्मा का पहला कार्यक्रम था जिसको लेकर श्रद्वालुओं और मंदिर कमेटी पदाधिकारियों में काफी उत्साह था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सुबह पहले पूजा-अर्चना की गई उसके बाद विशाल हवन यज्ञ तैयार करवाया गया जिसमें सभी श्रद्वालुओं ने मंदिर के मुख्य पुजारियों के मंत्रोच्चारण के साथ हवन भी किया। वी.के वैद ने बताया कि इसके बाद सभी श्रद्वालुओं को चाय पकौड़े का लंगर वितरित किया गया और उसके बाद कढ़ी-चावल का अटूट लंगर लगाया गया। कार्यक्रम में इस दौरान गोपाल कृष्ण,चेयरमैन राजीव दत्त, केके छिब्बर, पार्षद जसवीर सिंह मणकू,पार्षद प्रमोद मित्रा, मनमोहन दादा, बलदेव राज वशिष्ट, यशपाल अगिनहोत्री, श्री ब्रहामण सभा मोहाली महिला संकीर्तन मंडल अध्यक्ष मैडम हेमा गैरोला, कमलेश राज, वरिंदर शर्मा, प्रवीन शर्मा, अरूण वैद, कृष्ण शर्मा,गुरमीत सिंह चेयरमैन बीसी सेल, विनोद वैद,कृष्ण कुमार कंबाला, कृष्ण कुमार सैक्टर-66, नवल किशोर शर्मा,हनीत,टोनी, ओम प्रकाश, गुरमीत सिंह सियाण, बॉबी शंकर, राजेश कुमार अपने परिवार सहित  और मंदिर के पुजारी अमित मिश्रा,अशोक कुमार भाट,ऊमेश द्विवेदी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

महिला मंडल के  कीर्तन से मंदिर हुआ भक्तिभोर

मोहाली: उक्त कार्यक्रम के दौरान मंहिला मंडल संर्कीतन मडली की ओर से मंडल अध्यक्षता मैडम हेमा गौरोला की देख-रेख में कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें पूरा मंदिर भक्तिभोर हो गया और संगतों को गुणगान करके निहाल किया गया है। इस दौरान मैडम हेमा गैरोला ने बताया कि मंदिर में संकीर्तन के दौरान पुष्पा शर्मा,सुधा,गीतांश, कुसुमा,सुशीला, वेद बाला, लीला शर्मा, गीता शर्मा, पूनम शर्मा,मुस्कान वैद ,साधना वैद,मालती देवी,ममता शर्मा,लता,खुश्बू सहित अन्य महिला श्रद्वालुओं ने शिरकत किया।

7 नवंबर को लगेगा मुफ्त मंदिर में कैंप

मोहाली। मंदिर प्रबंधकों ने बताया कि 7 नवंबर यानि कल रविवार को श्री भगवान परशुराम मंदिर में रीढ़ की हड्डी और सरवाईकल के माहिर डाक्टर की ओर से मुफ्त कैंप का आयोजन किया जा रहा है जो कि सुबह 1० बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलेगा। उन्होंने बताया कि कैंप का उद्घाटन पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्वू करेंगें।  


फोटो कैप्शन: मंदिर में आयोजित गौवर्धन पूजा, विश्वकर्मा पूजा में शिरकत करते श्रद्वालु एवम मंदिर कमेटी के पदाधिकारी ।

Tuesday, 31 August 2021

जन्माष्टमी पर परिवहन मंत्री राजपूत ने मंदिर ट्रस्ट को दी 5 लाख की राशि

 Tuesday: 31st August 2021 at 15:19 PM

 जन्माष्टमी के पावन अवसर पर परिवहन मंत्री ने दी शुभकामनाएँ 


भोपाल
: मंगलवार: 31 अगस्त 2021: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में श्री गोवर्धन मंदिर पहुँचकर यादव समुदाय द्वारा आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन किया और उपस्थित जन-समुदाय को अपनी शुभकामनाएँ दीं। अपने जन्मोत्सव की बधाई लेते हुए उन्होंने कहा कि मेरा नाम भी गोविंद शायद इसीलिए रखा गया कि मेरा जन्म भी जन्माष्टमी के दिन हुआ था। इस अवसर पर उन्होंने श्री गोवर्धन मंदिर ट्रस्ट को 5 लाख रूपये की राशि मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए भेंट स्वरूप प्रदान की।

बच्चों को बांटे फल व खिलौने

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत जन्मदिन के अवसर पर घरौंदा आश्रम पहुँचे जहाँ उन्होंने बच्चों को फल मिठाईयाँ, खिलौने तथा चॉकलेट वितरित किया।

बुंदेली परंपरा से हुआ भव्य स्वागत

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत का जन्मदिन बुंदेली परंपरा से मनाया गया। मंत्री श्री राजपूत ने उन सभी लागों के प्रति आभाग माना, जो जन्माष्टमी कार्यक्रम और उनके जन्मदिन पर शामिल हुए। इस अवसर पर बुंदेली नृत्य आकर्षक प्रस्तुति हुई।

Tuesday, 20 October 2020

बीजेपी टीम ने मंदिर जा कर लिया आशीर्वाद

20th October 2020 at 6:21 PM

 कैलाश नगर मंडल की नवनियुक्त टीम हुई नतमस्तक  


लुधियाना
: 20 अक्टूबर 2020: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::
तेज़ी से बढ़ रही नास्तिकता और स्वार्थपूर्ण जीवन शैली के बावजूद अभी भी बहुत से लोग और बहुत वर्ग हैं जो अपने कर्मों लिए भगवान का आशीर्वाद आवश्यक समझते हैं। इन्हीं आस्तिक वर्गों में शामिल हैं भारतीय जनता पार्टी के कई लोग। इस तरह के गिनेचुने धार्मिक लोगों की आस्था आज भी यही है कि सच्ची शक्ति और सच्ची सत्ता केवल भगवान हैं। भगवत कृपा के बिना कुछ भी कर सकना सम्भव ही नहीं।  इसी विश्वास को ले कर वे लोग भगवान का आशीर्वाद लेना बेहद आवश्यक समझते हैं। 
भाजपा कैलाश नगर मंडल की एक बैठक मंडल के प्रधान रोमी मल्होत्रा की अध्यक्षता में नूरवाला रोड पर रोमी मल्होत्रा के दफ्तर में हुयी ! इस बैठक में मंडल प्रभारी जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र मकोल,भाजपा के सीनियर नेता डा. सतीश कुमार व शिव पूरी मंडल के प्रभारी, नर्गेश्वर महादेव मंदिर के प्रधान लकी शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए। कैलाश नगर मंडल की नवनियुक्त टीम ने मंडल के प्रधान रोमी मल्होत्रा के नेतृत्व में नर्गेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने के बाद नर्गेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य स्वामी शिवानंद जी महाराज जी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लियाऔर मंडल की टीम ने नतमस्तक होकर जीवन में श्रेष्ठ कामना को लेकर आशीवार्द लिया। नर्गेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य स्वामी शिवानंद जी महाराज जी ने योगेंद्र मकोल, डॉ सतीश कुमार, लकी शर्मा, रोमी मल्होत्रा व नवनियुक्त पूरी मंडल की टीम को सन्मानित किया।  
  इस मौके पर नवनियुक्त मंडल महामंत्री-राकेश नागपाल, रंजीत सिंह नीटा, उपाध्यक्ष-रवि अग्रवाल, प्रेम सिंह खेड़ा, हरविंदर लाली,रमन शोरी, सचिव जय प्रकाश,नीलम टंडन, पवन अरोड़ा, यस कुमर, विनीत तिवारी, मंजीत कौर, संतोष कुमार, परवीन कुमारी, गोविंद द्रिवेदी, सूरत जैन  इत्यादि भी बैठक में उपस्थित रहे। 

Saturday, 6 May 2017

राष्ट्रपति श्री बद्रीनाथ धाम में

 राष्ट्रपति को देख आस्था की लहर में आया और उत्साह 
The PresidenSht, ri Pranab Mukherjee at the Sri Badrinath Temple, at Badrinath, in Chamoli District, Uttarakhand on May 06, 2017.                                                    (PIB photo)