Sunday, 7 November 2021

भगवान श्री परशुराम मंदिर में लगा फ्री आर्थो कैंप

 7th November 2021 at 6:56 PM WhatsApp

  मेडिकल कैंप में हुई 100 लोगों की हुई जांच  

कैंप में शिरकत करने पर मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू का स्वागत करते व
सिरोपा भेंट करके उन्हें सम्मानित करते मंदिर कमेटी के पदाधिकारी 


मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू ने किया कैंप का उदघाटन

मंदिर प्रबंधकों के कार्याे की सराहना की

इलाज करवाने वाले मरीज बोले आगे भी लगना चाहिए ऐसा फ्री कैंप

मोहाली: 7 नवंबर 2021:(गुरजीत सिंह बिल्ला//आराधना टाईम्ज़)::

फेस-9 के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित भगवान श्री परशुराम मंदिर एवं धर्मशाला में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रीड़ की हड्डी और सरवाईकल जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए एक फ्री अर्थो कैंप का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू ने रिबन काट कर किया। 

इस कैंप के दौरान श्री ब्रहामण सभा और मोयाल सभा मोहाली के प्रधान वी.के वैद, सरप्रस्त रोमेश दत्त, सरप्रस्त शिव शरन कुमार,उपाध्यक्ष जसविंदर शर्मा , सीनियर उपाध्यक्ष नवलकिशोर शर्मा, गोपाल कृष्ण,चेयरमैन राजीव दत्त, रिशी राज, के के छिब्बर, मनमोहन दादा, बलदेव राज वशिष्ट, यशपाल अगिनहोत्री, श्री ब्रहामण सभा मोहाली महिला संकीर्तन मंडल अध्यक्ष मैडम हेमा गैरोला, कमलेश राज, वरिंदर शर्मा, प्रवीन शर्मा, अरूण वैद, कृष्ण शर्मा,हनीत,टोनी, ओम प्रकाश, गुरमेल सिंह सियाण, बॉबी शंकर, राजेश कुमार अपने परिवार सहित और मंदिर के पुजारी अमित मिश्रा,अशोक कुमार भाट,ऊमेश द्विवेदी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में पहुंचे मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्वू ने श्री ब्रहामण सभा मोहाली और भगवान श्री परशुराम मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों के कार्यो की सराहना की और मंदिर के विकास कार्यो में पहले की तरह आगे भी अनुदान देने की बात कही। इस दौरान उनके साथ विक्टर भी उपस्थित थे। 

मंदिर प्रबंधकों की ओर से दोनों अतिथियों को गुलदस्ता भेंट करके स्वागत किया गया और उनको सिरोपा भेंट करके सम्मानित किया गया। इस दौरान श्री ब्रहामण सभा के प्रधान वी.के वैद ने मंदिर के कार्यो के बारें में मुख्यातिथि को विस्तारपूर्वक अवगत करवाया और श्री सिद्वू परिवार का मंदिर के विकास कार्यो में अहम योगदान बताया। 

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि कैंप में लगभग 1०० के करीब लोगों का इलाज किया गया और यह कैंप सुबह 1० बजे से लेकर शाम 5 बजे तक चलता रहा। वहीं कैंप में इलाज करवाने आए मरीजों का कहना था कि इस तरह के कैंप अधिक से अधिक लगाए जाने चाहिए और वह मंदिर कमेटी प्रबंधकों से अपील करते हैं कि भविष्य में भी इस तरह का कैंप लगाया जाए। इस दौरान कैंप को सफल बनाने में मैडम हेमा गैरोला एवम उनकी महिला मंडल जिसमें पुष्पा शर्मा,सुधा,गीतांश, कुसुमा,सुशीला, वेद बाला, लीला शर्मा, गीता शर्मा, पूनम शर्मा,मुस्कान वैद ,साधना वैद,मालती देवी,ममता शर्मा,लता,खुश्बू सहित अन्य महिलाओं ने कैंप को सफल बनाने में अपना अहम योगदान दिया।

Saturday, 6 November 2021

भगवान परशुराम मंदिर में गोवर्धन पूजा पूरी आस्था से हुई

विश्वकर्मा दिवस भी पूरी श्रद्वा-भावना एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया


मोहाली
: 6 नवंबर 2021: (गुरजीत सिंह बिल्ला//आराधना टाईम्ज़)::

मोहाली के फेस-9 औद्योगिक क्षेत्र में उपस्थित  श्री भगवान परशुराम मंदिर एवम धर्मशाला में मंदिर के प्रबंधकों और श्रद्वालुओं की ओर से शुक्रवार को गोवर्धन पूजा और विश्वकर्मा दिवस बड़ी श्रद्वा-भावना एवम उत्साहपूवर्क मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में एक विशाल धार्मिक कार्यक्र म का आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में श्रद्वालुओं और मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना भी की। कार्यक्रम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए मंदिर के प्रमुख्य सेवादार और श्री ब्रहामण सभा मोहाली के प्रधान रिटायर्ड एसपी वी.के. वैद, सरप्रस्त रोमेश दत्त, सरप्रस्त शिव शरन कुमार,उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह शर्मा ने बताया कि मंदिर में यह पहली बार हुआ है कि एक कार्यक्रम दो साथ करवाए गए। उन्होंने बताया कि मंदिर में आज गोवर्धन पूजा भी की गई और बाद में विश्वकर्मा दिवस भी मनाया गया। उन्होंने बताया कि जब से मंदिर में विश्वकर्मा जी की मूर्ति स्थापित की गई तब से आज यह बाबा विश्वकर्मा का पहला कार्यक्रम था जिसको लेकर श्रद्वालुओं और मंदिर कमेटी पदाधिकारियों में काफी उत्साह था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सुबह पहले पूजा-अर्चना की गई उसके बाद विशाल हवन यज्ञ तैयार करवाया गया जिसमें सभी श्रद्वालुओं ने मंदिर के मुख्य पुजारियों के मंत्रोच्चारण के साथ हवन भी किया। वी.के वैद ने बताया कि इसके बाद सभी श्रद्वालुओं को चाय पकौड़े का लंगर वितरित किया गया और उसके बाद कढ़ी-चावल का अटूट लंगर लगाया गया। कार्यक्रम में इस दौरान गोपाल कृष्ण,चेयरमैन राजीव दत्त, केके छिब्बर, पार्षद जसवीर सिंह मणकू,पार्षद प्रमोद मित्रा, मनमोहन दादा, बलदेव राज वशिष्ट, यशपाल अगिनहोत्री, श्री ब्रहामण सभा मोहाली महिला संकीर्तन मंडल अध्यक्ष मैडम हेमा गैरोला, कमलेश राज, वरिंदर शर्मा, प्रवीन शर्मा, अरूण वैद, कृष्ण शर्मा,गुरमीत सिंह चेयरमैन बीसी सेल, विनोद वैद,कृष्ण कुमार कंबाला, कृष्ण कुमार सैक्टर-66, नवल किशोर शर्मा,हनीत,टोनी, ओम प्रकाश, गुरमीत सिंह सियाण, बॉबी शंकर, राजेश कुमार अपने परिवार सहित  और मंदिर के पुजारी अमित मिश्रा,अशोक कुमार भाट,ऊमेश द्विवेदी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

महिला मंडल के  कीर्तन से मंदिर हुआ भक्तिभोर

मोहाली: उक्त कार्यक्रम के दौरान मंहिला मंडल संर्कीतन मडली की ओर से मंडल अध्यक्षता मैडम हेमा गौरोला की देख-रेख में कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें पूरा मंदिर भक्तिभोर हो गया और संगतों को गुणगान करके निहाल किया गया है। इस दौरान मैडम हेमा गैरोला ने बताया कि मंदिर में संकीर्तन के दौरान पुष्पा शर्मा,सुधा,गीतांश, कुसुमा,सुशीला, वेद बाला, लीला शर्मा, गीता शर्मा, पूनम शर्मा,मुस्कान वैद ,साधना वैद,मालती देवी,ममता शर्मा,लता,खुश्बू सहित अन्य महिला श्रद्वालुओं ने शिरकत किया।

7 नवंबर को लगेगा मुफ्त मंदिर में कैंप

मोहाली। मंदिर प्रबंधकों ने बताया कि 7 नवंबर यानि कल रविवार को श्री भगवान परशुराम मंदिर में रीढ़ की हड्डी और सरवाईकल के माहिर डाक्टर की ओर से मुफ्त कैंप का आयोजन किया जा रहा है जो कि सुबह 1० बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलेगा। उन्होंने बताया कि कैंप का उद्घाटन पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्वू करेंगें।  


फोटो कैप्शन: मंदिर में आयोजित गौवर्धन पूजा, विश्वकर्मा पूजा में शिरकत करते श्रद्वालु एवम मंदिर कमेटी के पदाधिकारी ।

Saturday, 9 October 2021

पांचवां विशाल भगवती जागरण आज

साडी आवाज नवी सोच ग्रुप की ओर से  कराया गया विशेष आयोजन        

लुधियाना: 9 अक्टूबर 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

मौसम में तब्दीली की दस्तक होते ही सुबह और शाम के वक्त सर्दियों की ठंडक भी महसूस होनी शुरू हो गई। गर्मियों के झुलसा देने वाली धुप से राहत बहुत अच्छी लग रही है। साथ ही त्योहारों का मौसम भी आ गया है। जागरण के आयोजन भी ज़ोर पकड़ने लगे हैं। मां की ज्योति को लोग बहुत ही आस्था से ले आकर आते हैं। बहुत ही श्रद्धा से नतमस्तक होते हैं। अपने घरों में फेरी डलवाते हैं। फिर स्थापना करते हैं। जागरण के वक्त सभी लोग पूजन और कीर्तन करते हैं। आज ऐसा ही एक यादगारी आयोजन होने जा रहा है समराला चौंक क्षेत्र के नज़दीक। 

साडी आवाज नवी सोच ग्रुप की ओर से पांचवां विशाल भगवती जागरण महाराजा रणजीत सिंह पार्क गली नंबर-5 शिंगार सिनेमा रोड पर बड़ी धूमधाम से करवाया जा रहा है। जागरण के उपलक्ष में आज महामाई की जोत ज्वाला जी से लाई गई। महामाई की ज्योत को ढोल नगाढों और बैंड बाजों के साथ महामाई के जागरण स्थल पर लाया गया। इस ज्योति का गली मोहल्ला निवासियों की ओर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। आज रात्रि जागरण में टी सीरीज गायक सुनील हीर एंड पार्टी और मीनू चावला एंड पार्टी द्वारा महामाई का गुणगान किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रुप के मनमोहन कुमार , रोबिन सिंगला , गौरव गुप्ता , मन्नू , मोहित कुमार , विक्की आहूजा , संजय सूद आदि उपस्थित थे। इलाके के लोगों में इसे लेकर बहुत ही उत्साह है। 

आप भी आमंत्रित हैं इस जागरण में। आएं और जागरण में नतमस्तक हो कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करें। मां की कृपा और मां का प्रसाद ज़िंदगी भी बदल देते हैं और किस्मत की लकीरें भी। इसलिए आना न भूलें। स्वयं भी आएं। परिवार को भी लाएं। पड़ोस को भी बताएं। मिलजुल कर प्रेम के साथ दिल से आवाज़ देते हुए जय माता दी गाएं और गम को और दूर भगाएं। बहुत कुछ मिलेगा मां के दरबार से। बस आ कर ज़रा सिर तो झुका कर देखें। एक जैकारा तो लगा कर देखें। मां खुशियों से झोली भर देगी। 

Tuesday, 5 October 2021

उन्होंने मेरे जीवन को कीर्तन से भर दिया--चरणजीत सिंह हीरा

Sunday 3rd October 2021 10:17 PM

स्मृतियों के झरोखों से झांकते हुए जोधपुरी जी के अंर्तमन की झलक

सोशल मीडिया: 5 अक्टूबर 2021 (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::


जिन दिनों कॉलर टयून, हैलो टयून, रिंग टोन जैसे रिवाज नए नए चले थे उन दिनों गीतों का बोलबाला था। फिर धीरे धीरे भजन भी आए। गुरुबाणी शब्दों सेट हुआ था भाई सुरिंदर सिंह जोधपुरी जी के शब्दों से। सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हुआ था उनका गया शब्द "हरि जीउ निमाणिआ तू माणु---" जब कठिन वक्त अत है। मुसीबतें आती हैं तब सबसे पहले वही लोग छोड़ जाते हैं जिन पर सबसे से ज़्यादा गहरा विश्वास और प्रेम होता है। दुनिया जब नकार देती है तन मन की पीड़ा और बढ़ जाती है---उस समय यह शब्द भी बहुत हौंसला देता है और भगवन के साथ जोड़ता है। गुरु के कीर्तन को घर घर पहुँचाने वाले भाई सुरिंदर सिंह जोधपुरी जी ने अपने परिवार सहित खुद भी बहुत सी मुसीबतों का सामना किया। अफ़सोस उन की कुर्बानियों की कभी चर्चा नहीं हुई। वह स्वयं भी भगवन के रंग में मगन रहने वाले थे। बहुत कुछ था जो उनके साथ चला गया लेकिन कीर्तन का अनमोल खज़ाना, अपने गायन की अनमोल निधि वह चरणजीत सिंह हीरा जी को दे गए। उन्होंने एक आलेख फेसबुक पर भी पोस्ट किया तीन अक्टूबर 2021 की रात्रि को 10:17 पर। यह आलेख जोधपुरी जी के उस अंतर्मन की थोड़ी सी झलक देता है जिसकी चमक उनके चेहरे पर सदैव रही। स्वार्थों भरी दुनिया में उनकी मासुमियत भी बरकरार रही। एक दिव्यता उनकी शख्सियत में थी। पढ़िए आप स्वयं ही पढ़िए चरणजीत सिंह हीरा जी की वह पोस्ट। जिनमें कीर्तन की बात के साथ साथ इस रूहानी मिलन की बातें भी हैं। जो बताती हैं कि आजकल भी ऐसे मिलन होते हैं। --रेक्टर कथूरिया

इस वीडियो में है अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की कुछ यादें, कुछ तस्वीरें, कुछ वीडियो क्लिप। यही है आजकल यादों को संभालने का सिलसिला। 

अगर किसी ने जोधपुरी जी का कीर्तन सुनने के रस लिया हैं। तो मैंने उस कीर्तन करने का स्वाद चखा है।
मैंने उनका ज़हन पिया है। उनकी चेतना की गहराइयों को जाना है जिससे कीर्तन उत्पन्न होता है। वो गहराई जहां भीतर का अनंत आकाश शुरू होता है।
इसलिए मुझे किसी और का कीर्तन बहुत पसंद नहीं है।
उन्होंने मेरे जीवन को कीर्तन से भर दिया। कीर्तन-मय कर दिया।
चरणजीत सिंह हीरा 
जो भी राजनीति या सांसारिक कारण से उनके साथ रहे हैं। भले वह बाहर बाहर ही रहे पाए लेकिन मुझे खुशी है कि मैं उनके साथ उनके अंदर की इतनी गहराई से जुड़ा।
1995-96 के आसपास जब हम उन्हें फ़ोन करते थे। जब कभी भी वह दिल्ली में मॉडल टाउन के पास किसी एक भारी शरीर वाले गुरसिख के घर पर ठहरते थे।
फोन पर वे मुझे मज़ाक में चिढ़ाते थे, "की हाल है Mr. हीरा आंनद गुणी गहिरा ?" शायद मजाक में ही सही मुझे वह कीर्तन का वरदान दे गए।
उन दिनों में ही मैंने कीर्तन करना थोड़ा थोड़ा इज़ात कर लिया था। रकाब गंज गुरुद्वारा में मेरे पिता जी ने उनसे कहा कि यह भी कीर्तन भी लेता है। ओर आपके शब्द गाता है।
और उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और कहा, "बेटा, तुम्हें बहुत मेहनत करनी है, बहुत मेहनत करनी है।"
और एक बार रेलवे कॉलोनी रानी बाग में उनका कीर्तन हुआ। और कीर्तन के बाद, उनसे बात करते हुए, सहज में अपने हाथ को बातों बातों में ऊपर कर रहे थे और मैं अपना हाथ नीचे कर रहा था । मेरे हाथ में जेल पेन था । जो उनके हाथ में ज़ोर से लगा।
एक बार जब हम जगाद्री कीर्तन दरबार में मिले, तो मैं उनके पैर छूने लगा तो उन्होंने मेरे कंधे पकड़ लिए और कहा, "चलो, अच्छा है, कोई तो मुझे गाने वाला हुआ।"
उनके साथ मेरा रिश्ता इतना गहरा है कि या तो वे जानते थे या मैं। इस कीर्तन दात के लिए मुझे चुनने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। अंदर ही अंदर सारा हस्तांतरण कर दिया।
मुझे इतना अपना बनाने के लिए धन्यवाद। इतना अपना जो दूसरों को कभी नहीं पता नही चल पाएगा।
बिछड़ी रूह को कोट कोट नमन एवं श्रद्धांजलि।
चरणजीत सिंह "हीरा"


Tuesday, 31 August 2021

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2021

Tuesday: 31st August 2021 at 05:01 PM

 दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा–‘संभवामि युगे युगे' 

लुधियाना: 31 अगस्त 2021: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

कोविड वैश्विक महामारी के इस संघर्ष पूर्ण दौर मे, जहां हर ओर लोग आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याओं, मानसिक तनाव अथवा पारिवारिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं , वहां आध्यतामिकता ही मानवता को संतोष व धीरज प्रदान करने का एक मात्र उपाय है। अध्यात्म के द्वारा ही एक  व्यक्ति किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों से सहजता से बाहर निकल सकता है। यह एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य है जिसे समय-समय पर हमारे संतों महापुरुषों ने मानव जाती को याद कराया है। आज भी , दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी , दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान [DJJS] के संस्थापक एवं संचालक , लोगों को न केवल अध्यात्म के महत्व से परिचित करवा रहे हैं अपितु  इसके सार को मानव के आंतरिक जगत में ‘ब्रह्मज्ञान ‘- आत्म साक्षात्कार का सनातन विज्ञान के द्वारा प्रयोगात्मक ढंग से प्रकट भी कर रहे हैं ।

विश्व भर के असंख्य लोगों की आध्यात्मिक तृप्ति हेतु, डी.जे.जे.एस. ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2021 के शुभ अवसर पर ‘संभावमी युगे युगे’ विषय पर आधारित एक विशेष सामाजिक-सांस्कृतिक-आध्यात्मिक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया। उक्त विषय श्रीमद् भगवत गीता मे बताए गए भगवान श्री कृष्ण के सार्वभौमिक उद्घोष- ‘पवित्र आत्माओं के कल्याण व अधर्मियों के विनाश हेतु मैं धरती पर अवतार लूँगा’ पर आधारित था। इस भव्य ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रसारण डी.जे.जे.एस. यूट्यूब चैनल के माध्यम से 29 और 30 अगस्त को क्रमशः दो एपिसोडों - भाग 1 और भाग 2 मे किया गया एवं सम्पूर्ण कार्यक्रम का पुनः प्रसारण जन्माष्टमी की रात्री यानि 30 अगस्त, 2021 को रात 9 बजे से मध्यरात्रि 12 [IST] तक किया गया। करोड़ों लोगों ने यूट्यूब के माध्यम से घर बैठे ही इस दिव्य कार्यक्रम का लाभ उठाया। साथ ही इन दो दिनों मे दिन मे कई कई बार सोशल मीडिया ऐप ट्विटर पर #DJJSJamashtami व #SambhavamiYugeYuge  हैशटेग ट्रेंडिंग में रहे। संस्थान के मन्त्रमुग्ध कर देने वाले संगीत व नृत्यनाटिकाओं को इंस्टाग्राम रील्स मे भी खूब सराहा गया।           

इस आयोजन में न केवल श्री कृष्ण को लेकर समाज में फैली मनगढ़ंत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर किया गया बल्कि यह भी समझाया गया कि जन्माष्टमी का पर्व केवल दही-हांडी, उपवास या सजावटी झांकी तक ही सीमित नहीं है। बल्कि यह भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाओं को आत्मसात करने और उनके दिखाए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का पर्व है। क्यों श्री कृष्ण का अवतार लेना एक उत्सव है? श्री कृष्ण की शाश्वत चेतना आज भी आपके जीवन को किस प्रकार दिव्य बना सकती हैं ? क्या आप केवल श्रीकृष्ण में विश्वास करते हैं या उनकी आज्ञा भी मानते हैं ? जन्माष्टमी के मूल पहलुओं को उजागर करते हुए इन सभी प्रश्नों के उत्तरों को विभिन्न माध्यमों से दिया गया। कार्यक्रम में जगतगुरु भगवान श्री कृष्ण को भक्तिमय वंदन अर्पित किया गया। श्रीमद्भगवत गीता में निहित आध्यात्मिक रत्नों को प्रस्तुत किया गया। श्री कृष्ण की जीवन गाथाओं को ज्ञानवर्धक नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से रखा गया एवं विद्वान प्रचारकों के द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं का विश्लेषण किया गया।

भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को प्रदत्त ‘गीता-ज्ञान’; भगवान विष्णु के दो द्वार पाल ‘जय-विजय’ की गाथा जिन्हें अहंकार के वशीभूत धर्म पथ को त्यागने के कारण शाप मिला; मीराबाई जी की भक्ति को दर्शाती ‘प्यारे दर्शन दीजो’ आदि रोमांचक नाट्य कार्यशालाएं; ‘केशव माधव’ व ‘गुरु वंदना’ पर नृत्य नाटिकाएँ अथवा श्री कृष्ण की मंगल आरती इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। इन सभी प्रस्तुतियों का सबसे  विशेष पक्ष इनमे निहित सेवा भावना थी। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम मे भाग लेने वाले सभी कलाकारों में कोई भी इस कला मे पारंगत, नाम, प्रसिद्धि व पैसे के लिए काम करने वाला पेड-प्रॉफेश्नल नहीं था अपितु ये सभी युवा दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के निस्वार्थ, समर्पित, जागृत ब्रह्मज्ञानी शिष्य थे; जिन्होंने समाज कल्याण की भावना से प्रेरित होकर इस कार्यक्रम मे अपना सर्वस्व लगाया। प्रत्येक प्रस्तुति दिव्य उत्साह व ऊर्जा से परिपूर्ण रही क्योंकि प्रस्तुति के पहले सभी कलाकार ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान साधना करते। इस कार्यक्रम में मंच पर एक उच्च दर्जे का अनुशासन देखा गया, युगल प्रस्तुतियों में जो युगल [couples] इन नाट्य प्रस्तुतियों में देखे गए वो वास्तविक जीवन में भी  विवाहित हैं।

यह कार्यक्रम जिसे विश्व भर से असंख्य दर्शकों ने घर बैठे ही देखा, इसे व्यापक मीडिया कवरेज और सभी से सराहना प्राप्त हुई।

यद्यपि संस्थान तीन दशकों से अधिक समय से बड़े पैमाने पर जन्माष्टमी कार्यक्रम आयोजित कर रहा है परंतु यह कार्यक्रम सबसे खास और अनूठा था क्यूँकि डी.जे.जे.एस. की 350 से अधिक विश्वव्यापी शाखाओं से दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के सभी आयु वर्ग के हजारों शिष्य, अपने घरों से बाहर आए और स्कूलों, कॉलेजों, विश्व विद्यालयों, मंदिरों, मॉल, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में, COVID प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया गया। इस दिव्य कार्यक्रम  ने न केवल 'वसुदेव कुटुम्बकम’ की भावना को जागृत किया बल्कि इसे वास्तविक रूप मे साकार भी कर दिखाया । सुप्रसिद्ध कॉफी शॉप चेंन कैफे कॉफ़ी डे [सी.सी.डी] के देश भर मे लगभग 75 सेंटर्स मे बढ़ चढ़ कर कार्यक्रम का डिजिटल विज्ञापनों द्वारा प्रचार हुआ। इतना ही नहीं, दुनिया भर के स्थानीय मीडिया ने भी अपने संबंधित समाचार चैनलों और समाचार पत्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम का प्रचार किया। इसके साथ साथ, अहमदाबाद के सुप्रषिद्ध कर्णावती क्लब व राजपथ क्लब और साथ ही बिहार, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर दराज़ के इलाकों में कार्यक्रम की सामुदायिक डिजिटल स्क्रीनिंग भी की गयी।

बड़ी संख्या में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रभावशाली और दिग्गज व्यक्तित्व जैसे कि बॉलीवुड अभिनेता और प्रसिद्ध हस्ति - श्री अखिलेंद्र मिश्र जिन्हें क्रूर सिंह के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है; नेशनल सिंगिंग रियलिटी शो 'वॉयस ऑफ इंडिया किड्स' विजेता - सुश्री निष्ठा शर्मा; श्री संजय तलवार जी (एम एल ए लुधियाना), श्री श्याम सुंदर मल्होत्रा जी (सीनियर डिप्टी मेयर लुधियाना), श्री कमल चेटली लुधियाना (नेशनल वाईस प्रेजिडेंट शिरोमणि अकाली दल), श्री प्रवीण डंग जी (प्रेजिडेंट हिन्दू न्याय पीठ पंजाब), श्री रजनीश धीमान जी (एग्जीक्यूटिव मेंबर बीजेपी पंजाब), श्री मदन लाल चोपड़ा जी (चेयरमैन सनातन धर्म महोत्सव कमेटी लुधियाना), श्री दिनेश मरवाहा जी (प्रेजिडेंट श्री राम लीला कमेटी दरेसी ग्राउंड लुधियाना); प्रसिद्ध लेखक और पत्रकार- श्री संदीप देव; प्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री दीपक राजा और श्री मणि लहरी; भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री सुश्री स्मृति कश्यप; डब्लू.डब्लू.ई. चैंपियन द ग्रेट खली; मंत्री पंजाब श्री बलबीर सिंह सिद्धू; कई अन्य लोगों ने डी.जे.जे.एस. जन्माष्टमी को अपने सोशल मीडिया हैंडल के साथ-साथ वीडियो संदेश द्वारा बढ़ावा दिया और आयोजन को एक शानदार सफलता दिलाई।

डी.जे.जे.एस. एक अलाभकारी सामाजिक-आध्यात्मिक संगठन है जो विश्व स्तर पर नौ-आयामी सामाजिक सुधार और कल्याण कार्यक्रमों – लिंग समानता, शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, नशीली दवाओं के दुरुपयोग उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय गाय नस्ल सुधार और संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विकलांगों और कैदियों के सशक्तिकरण के साथ-साथ कॉर्पोरेट क्षेत्र और युवाओं के सशक्तिकरण, के माध्यम से सार्वभौमिक भाईचारे और शांति की स्थापना के लिए काम कर रहा है। 

जन्माष्टमी पर परिवहन मंत्री राजपूत ने मंदिर ट्रस्ट को दी 5 लाख की राशि

 Tuesday: 31st August 2021 at 15:19 PM

 जन्माष्टमी के पावन अवसर पर परिवहन मंत्री ने दी शुभकामनाएँ 


भोपाल
: मंगलवार: 31 अगस्त 2021: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में श्री गोवर्धन मंदिर पहुँचकर यादव समुदाय द्वारा आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन किया और उपस्थित जन-समुदाय को अपनी शुभकामनाएँ दीं। अपने जन्मोत्सव की बधाई लेते हुए उन्होंने कहा कि मेरा नाम भी गोविंद शायद इसीलिए रखा गया कि मेरा जन्म भी जन्माष्टमी के दिन हुआ था। इस अवसर पर उन्होंने श्री गोवर्धन मंदिर ट्रस्ट को 5 लाख रूपये की राशि मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए भेंट स्वरूप प्रदान की।

बच्चों को बांटे फल व खिलौने

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत जन्मदिन के अवसर पर घरौंदा आश्रम पहुँचे जहाँ उन्होंने बच्चों को फल मिठाईयाँ, खिलौने तथा चॉकलेट वितरित किया।

बुंदेली परंपरा से हुआ भव्य स्वागत

राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत का जन्मदिन बुंदेली परंपरा से मनाया गया। मंत्री श्री राजपूत ने उन सभी लागों के प्रति आभाग माना, जो जन्माष्टमी कार्यक्रम और उनके जन्मदिन पर शामिल हुए। इस अवसर पर बुंदेली नृत्य आकर्षक प्रस्तुति हुई।

Wednesday, 4 August 2021

प्रेम हो, शायरी हो या भक्ति--सावन बहुत गहरे अर्थ रखता है

 बहुत महत्वपूर्ण हैं सावन के सोमवार और दिन त्यौहार 


लुधियाना: 4 अगस्त 2021: (मीडिया लिंक रविंद्र//आराधना टाईम्ज़)::

आप ने कभी ध्यान दिया कि प्रेम करने वाले लोग और शायरी में डूबे रहने वाले शायर वर्ग से जुड़े लोग सावन के महीने को इतना महत्व क्यूं देते हैं। शायद ही कोई शायर या शायरा हो जिसे सावन पर कुछ न लिखा हो। शायद ही को हो जिसने सावन में झूम के न देखा हो। "आया सावन झूम" के नाम की फिल्म आई थी सन 1969 में। बहुत से नाज़ुक मोड़ों से भरी हुई फिल्म ज़िंदगी की झलक दिखती है। धर्मेंद्र और आशा पारेख की जोड़ी पर फिल्माई गई इस फिल्म का टाईटल सांग था बेहद लोकप्रिय हुआ गीत आया सावन झूम के... इस गीत के बोल सावन का दृश्य सामने ला देते हैं मौसम का भी, तन का भी और मन का भी। देखिए ज़रा गीत की एक झलक:

बदरा छाए के झूले पड़ गए हाए

के मेले लग गये मच गई धूम रे

के आया सावन हो ओ ओ झूमके

इसी गीत की कुछ पंक्तियाँ हैं:हैं जो बिरहा की बात भी बहुत ही खूबसूरती से करती हैं। देखिए इनका भी एक रंग:

जाने किसको किसकी

याद आई के चली पुरवाई 

गीत में इन दोनों छोटी सी पंक्तियों को कम से कम दो बार बोलै जाता है जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और सुनने वाले को याद और पुरवाई का संबंध भी कुछ कुछ समझ आने लगता है। इसे समझ क्र सावन महीने के जादू का अहसास होना शुरू होता है। आगे की पंक्तियाँ भी देखिए:

जाने किस बिरहन का

मन तरसा के पानी बरसा

हो ओ हो ओ

जब मन में बिरहा का दर्द महसूस होने लगता है तब वो धीरे धीर जा कर एक गहरी पीड़ा में महसूस होता है। एक तड़प से उठने लगती है। उस तड़प के चलते ही मन सोचता है बस एक  झलक मिल जाए उसकी। इधर गर्मी के बुरे हाल में तन भी तड़पता है-काश बरसात आ जाए। काश कुछ बूँदें धरती पर आ गिरें। उस वट फुहार मिल जाए तो लगता है बेहद आनंद मिल गया। यही तड़प और यही आनंद बन जाता है जब और गहरा तब बात चलती है भगवान की तरफ। साडी तड़पन तब उस भगवान की तरफ रुख कर लेती है। ऐसे में शिव शंकर भोलेनाथ मन को तीव्रता से लुभाते हैं। जब कोई आश्रय नज़र नहीं आता तब भोले शंकर  की आशा ही मन में जागती है। कहते हैं जिसने सावन के महीने में इस तड़पन को गले लगा लिया उस ने बहुत हद तक भगवान शिव शंकर की नज़दीकियों के अनुभव को भी पा लिया। ज़िंदगी में हर कदम पर मुश्किलें हैं, मुसीबतें हैं यह बात शिव शंकर के गले में पड़े सांप ध्यान से बार बार देख कर ही समझ आ सकती है। जीवन विष से भरा है इस सत्य का अहसास नीलकंठ के नज़दीक हो कर ही मन में उतरेगा। यह भस्म ही सिंगार है इसका पता भी शिव पूजा से ही चलता है। शिव की पूजा ज़िन्दगी के जिस गहरे ज्ञान को देती है उसे किताबों से नहीं पाया जा सकता। 

नटराज का पूजन कलाकार भी यूं ही नहीं करते। बहुत गहरे अर्थ हैं इसके भी। प्रेम प्यार और शायरी का रंग भी शिव पूजा से ही समझ आता है। इसी तरह इस महीने का अर्थात सावन का आध्यात्मिक रंग भी बहुत गहरा है। केवल धर्म कर्म की बात नहीं इसके वैज्ञानिक पहलु भी काफी हैं। फ़िलहाल चर्चा करते हैं धार्मिक क्षेत्र की। 

सावन का महीना पंचांग के अनुसार इस बरस 25 जुलाई 2021 को आरंभ हुआ था। बहुत इंतज़ार के बाद 26 जुलाई 2021 को सावन का पहला सोमवार था। लोग इसकी इंतज़ार बहुत शिद्द्त से करते हैं। पंचांग की गणना के अनुसार सावन के महीने का समापन 22 अगस्त 2021 को हो जाएगा। इस लिए बहुत कम दिन बाकी हैं इस ख़ास महीने के। क्र लो पूजा पथ दिल से। बहुत से लोगों के मन की मुरादें पूरी करते हुए यह महीना समाप्त होने की तरफ बढ़ रहा है। । दिलचस्प है कि इस दिन रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा का पर्व भी होगा।

गौरतलब है कि भगवान शिव शंभू के प्रिय मास श्रावण या सावन का वक़्त गुज़रता जा रहा है। पावन श्रावण मास में भगवान शिव और उनके परिवार की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धर्म शास्त्रों के मुताबिक हर वर्ष सावन माह में भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत ही फलदायी होता है , इसके बहुत से गहरे लाभ मिलते हैं। शायद यही कारण है कि सावन में अधिकतर लोग रुद्राभिषेक कराते हैं। उल्लेखनीय है कि सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माह माना जाता है। आज हम आपको संक्षिप्त में कुछ रहस्य बताने जा रहे हैं कि और क्या क्या खूबियां हैं इस सावन महीने में। 

जैसा कि आप जानते ही होंगें कि हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण मास का प्रारंभ आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के समापन के साथ होता है। कैलेंडर की गणना बहुत वैज्ञानिक होती है। इसके गहरे अर्थ होते हैं। इसी कैलेंडर पद्धति और प्रणाली के मुताबिक सावन माह इस का 5वां महीना होता है। इस वर्ष सावन का महीना 25 जुलाई दिन रविवार को प्रारंभ हुआ। इसका समापन अब 22 अगस्त दिन रविवार को होगा। 

सावन सोमवार व्रत  इस वर्ष अर्थात 2021 में भी विधिवत रखे जाएंगे। किस्मत वाले ही रख पाते हैं इस उपवास को। सभी को इसका महत्व भी समझ में नहीं आता या कोई न कोई समस्या खड़ी हो जाती है। उपवास का संकल्प पूरा हो इसके लिए  चाहिए साथ ही शिव  भी। अकेला संकल्प अहंकार भी उतपन्न क्र सकता है। 

सावन महीने में हर दिन पावन माना जाता है लेकिन सोमवार का दिन विशेष होता है। सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस वार सावन में 04 सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। पहला सावन सोमवार व्रत 26 जुलाई को, दूसरा सावन सोमवार व्रत 02 अगस्त को, तीसरा सावन सोमवार व्रत 09 अगस्त को और चौथा सावन सोमवार व्रत 16 अगस्त को है। तारीखें आपको बता दिन हैं अब आपका मन इस तरफ आए यह भगवान् शिव की इच्छा से ही होगा। उसका पूजन ही लाभ देगा। 

इसी तरह  इस वर्ष मंगला गौरी व्रत भी रखे जाने हैं। इनका भी बहुत लाभ मिलता है। 

पहला मंगला गौरी व्रत: 27 जुलाई

दूसरा मंगला गौरी व्रत: 03 अगस्त

तीसरा मंगला गौरी व्रत: 10 अगस्त

चौथा मंगला गौरी व्रत: 17 अगस्त

सावन मास की अमावस्या या श्रावण अमावस्या-2021 इस बार 08 अगस्त, दिन रविवार को आ रही है। इसी तरह  सावन मास की पूर्णिमा या श्रावण पूर्णिमा 2021 इस  बार 22 अगस्त, रविवार को आएगी। आपके जीबन में यह महीना हरियाली भी लाए, खुशहाली भी लाए। यही कामना है। ॐ नमः शिवाय।