Monday, 5 July 2021

महिला सशक्तिकरण में नामधारी समाज का विशेष योगदान

5th July 2021 at 4:35 PM

धर्म के क्षेत्र में है यह क्रन्तिकारी कदम और अन्यों के बहुत बड़ी सीख 

नई दिल्ली: 5 जुलाई 2021: (*प्रीति सिंह//आराधना टाईम्ज़):: 
महिला सशक्तिकरण के प्रेरणा स्रोत माता चंद कौर जी 
आज के समय में
हम सभी महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं और महिलाओं को उच्च स्थान देने का वायदा भी करते हैं। वहीं नामधारी समाज ने कुछ ऐसा उदाहरण हम सभी के समक्ष पेश किया, जिससे समाज में वास्तविक रूप में महिलाओं को उच्च दर्जा व सम्मान लगातार मिल रहा है। नामधारी सिखों ने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी तथा उच्चयोग (सर्वोच्च) स्थान व सम्मान को सुनिश्चित करने की एक विशेष मुहिम शुरू की है। जिसके अंतर्गत पुरुष प्रधान क्षेत्रों में महिलाओं का प्रवेश सुनिश्चित किया जा रहा है।
अप्रैल 2021 में नामधारी समाज के मुखी सतगुरु दलीप सिंह जी ने एक अनूठी पहल की, जिसमें उन्होंने पूर्ण रूप से नामधारी सिंघनियों (महिलाओं) को पुरुषों के तुल्य बैठने, पाठ करने, मंच संचालन, अरदास, अमृतपान, हवन-यज्ञ आदि ऐसे कई कार्यो में उच्च स्थान ही नहीं बल्कि संपूर्ण होला मोहल्ला कार्यक्रम का संचालन नामधारी सिंघनियों (महिलाओं) द्वारा करवाया गया। इस अवसर पर विवाह के लिए आनंद कारज की रस्में, अरदास, हवन-यज्ञ, लंगर बनाने से लेकर अमृतपान व अमृत बनाने आदि का कार्य संपन्न किया।
होला महल्ला कार्यक्रम में आनंद कारज (लावां) का उच्चारण नामधारी सिंघनियों (महिलाओं) द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में से किया गया तथा श्री दसम ग्रंथ साहिब जी में से होला महल्ला कार्यक्रम में भोग के श्लोक आदि सभी रीति-रिवाज महिलाओं ने संपन्न किए, जबकि ये सभी कार्य अभी तक सिंघ पुरुष ही करते थे। ये सभी परिवर्तन समाज में एक नई परंपरा का सूत्रपात करेंगे।
नामधारी सिख समुदाय ने अनूठी पहल शुरू करके पुरुषों द्वारा अमृतपान तथा अमृत बनाने का कार्य भी महिलाओं द्वारा शुरू करवाया जबकि सिखों की अन्य संप्रदायों में यह कार्य अभी तक पुरुषों द्वारा ही किया जाता है यहां तक कि तख्त श्री हजूर साहिल (नांदेड) में तो अभी तक स्त्रियों को अमृतपान नहीं करवाते।
सामान्यत: सिख पंथ में आज भी विवाह (आनंद कारज) से जुड़ी थार्मिक रीति-रिवाजों को गुरुद्वारे में तैनात कुछ पुरुषों द्वारा ही किया जाता है तथा महिलाओं की भागीदारी नाम मात्र भी नहीं रहती। जबकि, नामधारी पंथ ने अपने समुदाय में आनंद कारज की रीतियों में सिंघनियों (महिलाओं) को अधिकार  प्रदान किया गया, जो कि महिला सशक्तिकरण में एक नया मील पत्थर साबित होगा।
धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं में महिलाओं को सक्रिय भागीदारी के साथ ही नामधारी संप्रदाय ने सामाजिक क्षेत्रों में भी महिलाओं की हिस्सेदारी को सुदृढ़ किया है।
हमेशा से ही नामधारी गुरु साहिबानो एवं विशेष रूप से वर्तमान सतगुरु दलीप सिंह जी ने नामधारी संगत को बुद्धिजीवी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बहुत सी ऐसी नई बातें बताईं, जिससे आने वाले समाज में महिलाओं के प्रति लोगों के मनोभाव, बुद्धिमता व सोच में बदलाव आएगा।
समाज का उद्धार तभी होता है जब किसी भी धार्मिक स्थलों पर धर्मगुरु कुछ ऐसे उदाहरण देते हैं जिससे लोगों की सोच को एक नई दिशा मिलती है। महिला सशक्त तभी कहलाती है जब समाज उसे पूर्ण रूप से स्वीकारता है।
नामधारी समाज महिला सशक्तिकरण वाले इस परिवर्तन को सहर्ष एवं पूर्णतया स्वीकार किया है। जो कि अपने आप में बहुत बड़ी बात हैं व कठिन हैं। क्योकि, समाज में परिवर्तन लाना जहां कठिन है वहां समाज द्वारा पुरातन परंपरा से निकलकर नई सोच तथा नई परंपरा को अपनाना और भी कठिन हैं। परंतु, नामधारियों ने अपने गुरु के आदेश को मानते हुए, महिला सशक्तिकरण को सहर्ष स्वीकार किया है। जो आश्चर्य जनक तथा प्रसन्नता की बात है।                                                                ---*प्रीति सिंह
*प्रीति सिंह विश्व सत्संग सभा, दिल्ली की प्रधान है और ऐसे विषयों पर लिखती रहती है 

Friday, 21 May 2021

पशुपति और वीरेश्वर की पूजा में क्या अंतर है?

संघर्ष के बिना जय नहीं मिलती-आनंदमार्ग 

चंडीगढ़//खरड़: 21 मई 2021: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::
आनंदमार्ग वास्तव में एक ऐसी साधना पद्धति देता है जिसमें शामिल होने वाले साधक दुनिया से पलायन नहीं करते बल्कि हर चुनौती का सामना  करते हैं चाहे वह कितनी ही बड़ी क्यूं न हो।  आनंदमार्ग का हर संदेश गहरा ज्ञान देता है। आज का संदेश लिया गया है दादा सत्यजीत आनंद के एक संदेश में से जो उन्होंने वाटसअप पर भेजा।  

वे मनुष्य जब साधना के पथ पर आते हैं, तब उन पर चारों तरफ से बाधा-विपत्तियाँ आती हैं। घर के सदस्य बाधा डालते हैं, बन्धु-बान्धव भी बाधा डालते हैं। अनेक तरह से अनेक प्रकार की बाधाएं आती हैं और वह साहस के साथ उनसे संघर्ष करता चला जाता है, लडता रहता है। लडे बिना तो जय मिलती नहीं। बिना लडे ही कभी किसी को जय मिलती है? अब यही जो लडाई है, इसे कौन लडता है? जो वीर है वही लडाई करता है, उसमें पशुभाव नहीं रहता, उस समय उसमें रहता है 'वीरभाव' | उस समय वह परमात्मा को 'वीरेश्वर कहकर पुकारता है | वह कहता है-'हे परमपुरुष! मैं वीर हूँ, तुम वीरेश्वर हो' इस अवस्था में साधक के इष्ट 'पशुपति' नहीं रहे, वे बन गए 'वीरेश्वर' वीरभाव, सदा प्राप्य क्रमेण देवता भवेत्' वह साधक अब पशु नहीं है और इस वीरभाव में जब वह प्रतिष्ठित हो जाता है, तो किसी पाप व किसी अनाचार को सहन नहीं कर सकता, तब वह स्वाभाविक रुप से अन्याय नहीं करता, अन्याय सहन भी नहीं करता, उसका यह एक स्वभाव बन जाता है। 

श्री श्रीआनंदमूर्तिजी 

'आनन्द वचनामृतम्', "सहज धर्म", पृष्ठ- 40 , चतुर्थ, पंचम और षष्ठ खण्ड

🌹बाबा नाम केवलम्🌹

आपको आनंदमार्ग के ये संक्षिप्त विचार कैसे लगे अवश्य बताएं। आनंदमार्ग से जुड़ने के इच्छुक अपने नज़दीकी जागृति  केंद्र  के साथ सम्पर्क कर सकते हैं। 

विश्वास फाउंडेशन का कोरोना को हराने का प्रयास सराहनीय

21st May 2021 at 3:44 PM

मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा इससे वातावरण की शुद्धता भी होगी 


पंचकूला
:21 मई 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

कभी सोचा न था कि कोरोना युग आएगा। सांस लेते वक़्त भी डॉ और अपराध का बोध होगा। अपनों से दुरी बना कर रखनी पड़ेगी। नाक और मुँह पर मास्क लगाने पड़ेंगे। कुछ वर्ष पहले अगर इस तरह की बात भी की जाती तो लोग इसे  और बुरी तरह मज़ाक उड़ाते। अब जबकि यह हमारे वक़्तों की एक हकीकत बन चुकी है तो इसे स्वीकार किये बिना कोई रास्ता भी नहीं। अब कोविड/कोरोना के खिलाफ चल रहे युद्ध में सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए विश्वास फाउंडेशन, पंचकूला ने कोरोना महामारी के इन कठिन दिनों में वातावरण की शुद्धता के लिए जड़ी-बूटियों वाले मिक्सचर से शहर के सेक्टरों में "हर्बल धूनी की आहूति" के लिए जागरूकता का आगाज किया है। इससे पर्यावरण शुद्ध होगा। सांस लेने लायक हवा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। 

अपने इस इस मकसद को पूरा करने के लिए विशवास फाउंडेशन ने एक अभियान चलाया है। पंचकूला में इसका शुभारम्भ बहुत सराहा गया। आज शुक्रवार को बीकेएम विश्वास स्कूल कैंपस से मेयर कुलभूषण गोयल ने झंडी दिखाकर सेक्टर 9, 10, 11, 12, 17 और 18 के लिए तीन टीमों को रवाना करके जागरुकता कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने वातावरण की शुद्धता के लिए विश्वास फाउंडेशन के प्रयास को खुले शब्दों में सराहा। इससे आम जनता में भी स्वस्थ हवा और सुरक्षित सांस को ले कर आत्म वोइश्वास में वृद्धि हुई। 

इस मौके पर विश्वास फाउंडेशन की जनरल सेक्रेटरी साध्वी नीलिमा विश्वास ने कहा कि वातावरण में फैले कोरोना संक्रमण के अंशों को कम करने की कोशिश की गई है। मकसद पंचकूलावासियों की भी भागीदारी बढे। लोग भी घरों व मोहल्लों में हवन करें और धूनी यात्रा निकालें। कोरोना महामारी की दूसरी लहर हवा के जरिए ही संक्रमण फैला रही, ऐसा सरकार और वैज्ञानिकों ने कहा है, सो वातावरण की शुद्धता से भी संक्रमण को कम करने की कोशिश होनी चाहिए। इस अवसर पर सेक्टर 9 शिवा मार्किट के प्रेजिडेंट सुरिंदर कुमार बंसल, विश्वास फाउंडेशन से रजनीश सिंगला, आशीष सिंगला, श्यामसुन्दर साहनी, सविता साहनी, मुलखराज मनोचा, सुनीता मनोचा, अविनाश शर्मा, वर्षा शर्मा, राजिंदर गुलाटी व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

Thursday, 20 May 2021

कोविड/कोरोना के युग में विश्वास फाउंडेशन की नई पहल

मीडियाकर्मियों में बांटे सेनेटाइजर व अन्य जरूरी बूस्टर


पंचकूला
20 मई 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़):: 

विश्वास फाउंडेशन की ओर से जारी कोरोना महामारी के इन कठिन दिनों में सेवा कार्यों की कड़ी में आज वीरवार 20 मई को पंचकूला में मीडियाकर्मियों को मास्क, सेनेटाइजर और अन्य जरूरी बूस्टर दिए। ये वो फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स हैं जो रोजाना अपनी जान जोखिम में डाल कर शहरवासियों को देश-प्रदेश व शहर भर की खबरों से रूबरू करवाते हैं। 

इन सब कोरोना वारियर्स जो कि विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों से जुड़े हुए हैं, को आज बीकेएम विश्वास स्कूल सेक्टर 9 में बुलाकर किट्स दी गईं। विश्वास फाउंडेशन की जनरल सेक्रेटरी साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि हरेक किट में 10 मास्क, सेनेटाइजर, मल्टी विटामिन, जूस और अन्य जरूरी चीजें दी गई। इस कोरोना काल में पत्रकार निस्वार्थ सेवा में जुटे हुए हैं और अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को मौजूदा हालातों के अलावा शहर की प्रमुख खबरों से भी अवगत करवा रहे हैं, इसलिए विश्वास फाउंडेशन ने फैसला किया कि पत्रकारों को उनकी सुरक्षा एवं कोरोना संकट में बचाए रखने के लिए यह विशेष किट प्रदान की जाए। सभी के प्रति संस्था की ओर से आभार भी जताया गया जो ये लोग हर दिन अपनी जान की परवाह किए बिना देश व समाज के लिए काम कर रहे हैं। साध्वी नीलिमा विश्वास ने कहा कि पत्रकार रोजाना सैकड़ों लोगों के संपर्क में आते हैं, इसलिए उन्हें अपनी सावधानी विशेष तौर पर रखनी चाहिए। विश्वास फाउंडेशन की ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए कोविड-19 मेडिसन किट तैयार की गई है, जोकि सभी लोगों को जिन्हें कोरोना संक्रमण है, उन्हें फ्री दी जाएगी। इस किट में बुखार की दवा, एंटीबायोटिक, मल्टीविटामिन, एंटी एलर्जिक, विटामिन सी, जिंक समेत कई दवाएं हैं। जिसको भी जरूरत हो वो बीकेएम विश्वास स्कूल सेक्टर 9 पंचकूला में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आकर इन दवाइयों की किट प्राप्त कर सकते हैं। इस किट का कोई भी शुल्क नहीं है, सभी के लिए निशुल्क/फ्री है।

Monday, 19 April 2021

कोविड की रोकथाम के लिए निःशुल्क टीकाकरण कैंप का आयोजन

ज़रूरतमंद लोगों को सुविधा देने के लिए लायन्ज़ क्लब का प्रयास 


लुधियाना
: 19 अप्रैल 2021: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

अगर बहुत से लोग लापरवाह हैं और बढ़ते हुए कोरोना के बावजूद इसकी रोकथाम को अग्रसर नहीं हैं तो बहुत से लोग इस साड़ी स्थिति को ले कर चिंतित भी हैं। ये लोग कोरोना को हराने के लिए एक साथ बहुस्तरीय लड़ाई लड़  रहे हैं। इनका मकसद जहां कोरोना के बढ़ते हुए खतरे की चेतना जगाना है वहीं उन जरूतमंद लोगों तक कोरोना रोकथाम की वैक्सीनेशन  पहुंचाना भी है  वजह से इसे नहीं लगवा पा रहे हैं।  गौरतलब है सरकारी अस्पतालों को  मध्यवर्गीय लोग भी सकारत्मक ढंग  और प्राइवेट अस्पतालों में एक बार वेक्सिनेशन प्रति व्यक्ति कम ढाई  रूपये लगते हैं।  छोटी छोटी समस्याओं को देखते हुए बहुत से समाजिक संगठन  टीकाकरण  निःशुल्क कैंप लगवा रहे हैं। इन्हीं में से एक है लायन्ज़ क्लब। 

अफवाहों की धुंध को चीरते हुए लायन्ज़ क्लब ने लुधियाना के लायन्ज़ भवन में कोविड वेक्सिनेशन लगाने का निशुल्क कैंप आयोजित किया। इंजेक्शन लगवाने आये लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए क्लब  सदस्य और वरिष्ठ पदधिकारी आखिर तक मौजूद रहे। 

लायनज़ क्लब इंटरनेशनल के उदेश्यों को ध्यान में  हुए शहीद ऊधम सिंह नगर में स्थित लायनज़ भवन के परिसर में यह कैंप डा पी के वर्मा की देखरेख में आयोजित हुआ। इस मौके पर आधार कार्ड चैक कर के ४५ वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वेक्सिनेशन  इंजेक्शन लगाया गया। कोवेक्सिन 182 लोगों को पहली  18 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई। इस अवसर पर लायन एस के सूद प्रोजेक्ट चेयरमैन के तौर पर और और लायन सुशील गुप्ता सह चेयरमैन के तौर पर अपना योगदान दिया। 

लायन एस पी शर्मा ने क्लब की उपलब्धियों  के बारे में बताते हुए कहा कि  लायन्ज़ क्लब के लोग हमेशां समाज सेवा में अग्रसर रहते हैं। कोविड के बढ़ते हुए कहर को देखते हुए इस तरह के कैंप का आयोजन हमारा कर्तव्य भी था। 

लायन सुंदर, लायन निकेश गर्ग, लायन जी एस कालड़ा, लायन दवेंद्र गुप्ता और अन्य लोग सक्रिय रहे कैंप  बनाते रहे। दूसरी खुराक का कैंप 30 मई को लगाया जायेगा। 

इस कैंप में 84 वर्षीय वृद्धा आशा रानी का जोश और उत्साह देखने वाला था। इस तरह अन्य लोग भी बहुत उत्साहित रहे। लायन हर गोपाल ने आये हुए आभार भी व्यक्त किया। 

Monday, 5 April 2021

होला मोहल्ला पर जीवन नगर में हुए विशेष आयोजन

सतगुरु दलीप सिंह ने बताया समाज को मज़बूत बनाने का गुर 

*सतगुरु दलीप सिंह जी ने स्त्रियों को महान समागम का संचालन करने का दायित्व संभाला  

*होले महल्ले के दौरान किया नया ऐलान 

*बहू-बेटियों को समाज में आगे बढ़ाने से उनका हौंसला एवं आत्मसम्मान बढ़ता है

*दूसरे दिन भी नामधारी होला-महल्ला का समागम आस्था की भावना से हुआ 

*सेवा, प्रभु भक्ति एवं नई परम्पराओं का सबूत देता हुआ 

लुधियाना: 3 अप्रैल 2021: (*गुरमीत सिंह सग्गू//आराधना टाईम्ज़)::

गुरद्वारा श्री जीवन नगर में चल रहा  प्रोग्राम वर्तमान नामधारी प्रमुख सतगुरु दलीप सिंह जी की अगुवाई में पूरे उत्साह, श्रद्धा एवं प्रेम भक्ति से सराबोर रहा । यह प्रोग्राम बहुत ही नियमबद्ध  एवं अनुशासित तरीके से मनाया जा रहा है।  इस दौरान सतगुरु दलीप सिंह जी की आज्ञानुसार सारे समागम का प्रबंधन विशेष रूप से नामधारी महिलाओं ने संभाला। समागम में शामिल हो प्रत्येक कार्यभार संभाला और सतगुरु जी द्वारा दिए अधिकारों को अपना धन्य भाग समझा। आज फिर से इस समागम के दौरान नाम-सिमरन, कवि दरबार, कथा-कीर्तन तथा गुरुवाणी के पाठों का प्रवाह चला।

यह प्रोग्राम आज "आसा की वार" से शुरू हुआ तथा सतगुरु दलीप सिंह जी ने (लाइव कॉन्फ्रेंस) द्वारा अपने  कल्याणकारी संदेश द्वारा बताया कि गुरुवाणी में लिखा है, "दुख रोग संताप उतरै सुनी सच्ची बानी" अतः आप जी ने बताया कि गुरुवाणी पढ़ने से एक नहीं अनेक लाभ हैं, आपने  गुरुवाणी पढ़ने, सुनने एवं मानने के लाभों से परिचय करवाया।  

इस समागम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इस महान समागम की जिम्मेवारी नामधारी महिलाओं को देकर  महिलाओं के सम्मान में एक और क्रन्तिकारी पहल की। आप जी ने बताया कि मैंने स्त्रियों को समाज में आगे बढ़ाने के लिए, इस समागम का प्रबंधन महिलाओं को सौंपा है ताकि उनमें काम करने का उत्साह और आत्मविश्वास  बढ़े कि वे किसी भी काम में पीछे नहीं हैं।  

आप जी ने बेटियों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा पढ़ाने तथा गरीबों की मदद करने की प्रेरणा दी। आप ने कहा कि हमें फिजूलखर्ची और महंगे लंगर लगाने छोड़कर जरूरतमंद लड़कियों को पढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। आप स्त्रियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए यत्नशील हैं।                                   

आज होले महल्ले के दूसरे दिन सुबह अमृत वेले  आसा की वार के कीर्तन में सारी संगत ने रागी सिंघों के साथ मिलकर गुरुवाणी गायन किया । इस अवसर पर सतगुरु गोबिंद सिंह जी के फौजी सिक्खों अर्थात गतके की टीम ने ने वीर रस का प्रतीक गतके के जौहर दिखाकर सब को निहाल किया। इसके साथ ही पंथ के महान जत्थेदारों, जत्थेदार जोगिन्दर सिंह मुक्ता जी ने साथ में होले महल्ले से संबंधित वीर रस से ओत-प्रोत  शबद गायन किया; "सुरा सो पहचानिए जो लरै दीन के हेत"  इस अवसर पर जसपाल सिंह, प्रधान सुखदेव सिंह, रघबीर सिंह सग्गू, अजीत सिंह, सूबा बलजीत सिंह, मोहन सिंह झब्बर, अंग्रेज सिंह, नरिंदर सिंह, गुरनाम सिंह, गुरभेज सिंह, मुख्तयार सिंह, बीबी दलजीत कौर, सतनाम कौर, जसवीर कौर, मंजीत कौर,कुलदीप कौर, जसविंदर कौर, मंजीत कौर, राजपाल कौर, भूपिंदर कौर, संदीप कौर, भगवंत कौर, गुरवंत कौर, हरप्रीत कौर, रंजित कौर, बलविंदर कौर के अलावा विशाल संगत हाजिर हुई । गुरु का लंगर सुनियोजित तरीके से चलता रहा। 

*गुरमीत सिंह सग्गू नामधारी समाज में परिवार सहित सक्रिय रहने वाले सज्जन पुरुष हैं। 

Thursday, 11 March 2021

योगी आदित्यनाथ ने की महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा

 गोरखनाथ मंदिर और पीतेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया 


गोरखपुर
(यूपी): 11 मार्च 2021: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में धर्मकर्म  सरगर्मियों  तेज़ी है। शिवरात्रि के शुभ अवसर पर आज देश और दुनिया के अन्य भागों की तरह यूपी में भी मेले जैसा माहौल रहा। हर तरफ रौनक नज़र आती रही। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि के मौके पर गोरखनाथ मंदिर और पीतेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। इस अवसर मौजूद लोगों के साथ साथ पूजा पाठ में आस्था रखने वाले कई लोग मौजूद रहे। 

प्रबंधकों के साथ साथ आम जनता को भी मुख्यमंत्री की इंतज़ार जारी थी। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर में पीपीगंज स्थित बापू पीजी कॉलेज मैदान में उतरा। उसके बाद वहां से मुख्यमंत्री पीतेश्वर नाथ मंदिर गए और जलाभिषेक तथा पूजा की। इससे माहौल  धार्मिक सा बन गया। 

मुख्यमंत्री ने पीतेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थित गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ में हो रहे कक्षों के निर्माण कार्य का जायज़ा भी लिया। इससे मंदिर की प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्यों का उत्साह बढ़ गया। परिसर में मौजूद आम लोग भी बहुत ही खुश दिखे। 

शिवरात्रि के पावन त्यौहार पर अपनी इस मंदिर फेरी के अवसर पर मुख्यमंत्री करीब 200 स्थानीय लोगों से मिले और उन्हें महाशिवरात्रि की बधाई दी। उसके बाद वह रुद्राभिषेक करने के लिए गोरखनाथ मंदिर रवाना हो गए। रुद्राभिषेक बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। मुख्यमंत्री गोरक्ष पीठ के महंत हैं और वह हर साल महाशिवरात्रि पर गोरखनाथ मंदिर में पूजा और रुद्राभिषेक करते हैं।

गुरु गोरखनाथ को नाथ संप्रदाय में भगवान शिव का अवतार माना जाता है और इस संप्रदाय के लिए महाशिवरात्रि का त्यौहार बेहद महत्वपूर्ण है। 

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