Friday, 17 February 2023

दास धर्म के आयोजन में लगा एक्युपंचर कैंप

255 मरीजों ने उठाया इसके अनोखे जादू का फायदा


लुधियाना
: 16 फरवरी 2023: (कार्तिका सिंह//आराधना टाइम्स)::

दास धर्म अपनी स्थापना के समय से ही तीखे विरोध का सामना करता आ रहा है इसके बावजूद इस धर्म ने अब एक नई चुनौती दी है उन लोगों को जो ईश्वर को आज के युग का एक बहुत बड़ा कारोबार बना कर बैठे हैं। दास धर्म ने कहा है हमारे पास आने पर आपको ईश्वर नहीं मिलेगा लेकिन जो गुण और शक्तियां ईश्वर के रूप में बताई जाती हैं वे सभी आपको इस सतसंग में आने से मिल जाएंगी। आपको उसकी रज़ा में रहना आ जाएगा। दास धर्म के संबंध में बहुत सी जानकारी लायंस भवन में पहुंच  कर मिली जहाँ दास धर्म का स्थापना दिवस मनाया जा रहा था। इसी अवसर पर एक चुनौती बड़ी बड़ी मल्टिनैशनल कंपनियों को भी दी गई थी एक्युपंक्चर का कैंप कर। गौरतलब है कि एक्युपंक्चर की थरेपी महंगी दवाओं के महंगे इलाज की दुकानदारी को बहुत जल्दी ही  बंद करने वाली है। 

दर्शन धाम दास धर्म के प्रमुख महाराज चडविन्दा दास तीर तरक्कडी जी के नेतृत्व मे लायंस भवन मे दास धर्म स्थापना दिवस मनाया गया व डा कोटनीस एक्युपंचर हॉस्पिटल सलेम टाबरी  द्वारा 16 तारीख सुबह 10:00 बजे से शाम 2:00 बजे तक मुफ्त एक्युपंचर मेडिकल कैंप  लुधियाना के सिविल लाइन,  लायन  भवन उधम सिंह नगर में लगाया गया।  इस कैंप में जोड़ों का दर्द घुटनों का दर्द, धूटनो   में दर्द, कमर का दर्द सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, साइटिका, दमा ब्रोंकाइटिस एलर्जी आधा सिर दर्द ,नींद ना आना मानसिक परेशानी  अधरंग, लकवा आदि का इलाज किया गया। यह कैंप दास धर्म  के सहयोग से लगाया गया  जिसमे 255 मरीजो का ईलाज किया गया। बहुत से मरीज तो मेडिटेशन जैसी अवस्था में थे क्योंकि उन्हें आराम आना शुरू हो गया था।

डाक्टर ढींगरा ने बताया कि तन मन की ऐसी कोई भी समस्या या बिमारी नहीं जिसका इलाज एक्यूपंक्चर से न हो सकता हो। तन की समस्याएं और मन की बेचैनियां सभी का इलाज संभव है। यहां असली नशा मुक्ति होती है क्योंकि यहां नशा छुड़वाने के बदले में कोई दूसरा नशा मेडिसिन कह कर नहीं दिया जाता। सिर्फ कुछ खास पॉइंट्स पर कुछ देर के लिए सूईयां लगा कर शरीर की ऊर्जा का सर्किट ठीक कर दिया जाता है जिससे जिस्म में से नशे कीमांग ही नहीं उठती।

इस कैंप में डॉक्टर इंदरजीत सिंह डॉ रघूबीर सिंह डॉक्टर राजेश भयाना व डा रितक चावला नेअपनी सेवाएं दी व लायंस क्लब के चेयरमैन  श्री शक्ति वर्मा, सरदार  ईकबाल सिहं  गिल (आई पी एस) रियायरड आई जी, सरदार जसवन्त सिहं छापा प्रधान सरबत दा भला चैरीटेबल ट्रस्ट लुधियाना. दिनेश राठोर राष्ट्रीय खिलाडी वालीबाल एसआई पजाॆब पुलीस, विपन जण्ड दैनिक सवेरा, गौतम जालंधरी जाग्रती लहर, सुखदेव सलेमपुरी अजीत सहित कई पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।

दास सरमुख महासचिव सतगुरु दर्शन धाम जी ने सभी को सम्मानित किया व सतगुरु दर्शन धाम के प्रधान निर्मल कुमार शर्मा व लुधियाना कमेटी के प्रधान दास सरदार तरसेम सिह जी उपस्थित रहे व कैम्प व कार्यक्रम का उध्गाटन सरदार ईकबाल सिहं जी ने किया व कहा कि सतगुरु दर्शन धाम की दुसरी पातशाही दास धर्म बहुत ही बढीया समाज की लोक भलाई हेतु मानवता की भलाई के लिये  समर्पन भावना से कार्य कर रहे है। वो दास धर्म दिवस पर डा कोटिनस एकयुपक्चर सुईयों वाला हस्पताल द्वारा कैम्प लगाया गया जिससे सभी प्रकार के रोगो का ईलाज बिना दवाईयो से बिना किसी दुशप्रभाव  व सबसे सस्ती चिकीत्सा  है  व रोग जड से समाप्त हो जाता है।

इस अवसर पर धर्म चर्चा के साथ साथ रूहानी भजन कीर्तन भी हुआ। कुल मिलाकर सारा आयोजन यादगार बन पड़ा।

Thursday, 16 February 2023

आनंदमार्ग उपवास का अनुशासन

निर्जला एकादशी के अवसर पर भी दिखा इसका पालन

आध्यात्मिक साधना की दुनिया: 16 फरवरी 2023: (कार्तिका सिंह//आराधना टाइम्स):: 

आनंदमार्ग में उपवास पर अक्सर ही बहुत जोर दिया जाता है। उपवास से सबंधित दिनों की बाकायदा एक सूची भी होती है। अस्वस्थ होने जैसी किसी मजबूरी को छोड़ कर आम तौर उपवास की नियम का बहुत अनुशासन से किया जाता है। इस नियम के पालन से साधक का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है और मन भी हर तरह से स्वस्थ रहता है। दिमाग भी नियंत्रण में रहता है। इस नियम की पालना करते करते कब उसके रास्तों की रुकावटें दूर हटने लगती हैं इस तरह के चमत्कार वही जानता हैं। जानमाने अर्थशास्त्री डा. रवि बत्रा ने अपनी किसी पुस्तक में उपवासों के अनुभव पर बहुत अच्छा लिखा है कि कैसे उपवासों ने उसके रास्ते में लगातार आ रही बाधायों की कमर तोड़ दी थी। डा रवि बत्रा जाने माने अर्थशास्त्रियों में गिने जाते जिनकी भविष्यवाणियों ने किसी वक्त पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था।

आनंद मार्ग में सभी एकादशी पर्वों//दिनों का उपवास रखा जाता है जो आम तौर पर 25 से 27 घंटे तक का उपवास होता ही है। इस बार का उपवास  निर्जला एकादशी 16 फरवरी 2023 को है। इस दिन भी सभी साधक उपवास रखेंगे। 

उपवास की याद दिलाते समय स्पष्ट बताया जाता है कि कुछ बातों कोण्याद रखना जरूरी है। ध्यान रहे-एकादशी  के दिन, केवल गुर्दे की पथरी/पित्ताशय की पथरी/बीमार रोगी केवल नींबू नमक पानी पी कर एकादशी का पालन करेंगे।  

ब्लड प्रेशर के मरीज सिर्फ पानी पी कर उपवास करेंगे।  निम्न रक्तचाप के रोगियों के लिए दूध और फलों के रस की अनुमति है।  

मधुमेह के रोगियों के लिए नींबू के रस और फलों के रस की अनुमति है।  इस तरह कुछ विशेष प्रस्थितियों में आवश्यक छूट भी दी जाती है ताकि किसी पर भी इस अनुशासन की पालना करते समय कोई दुष्प्रभाव न पड़े।

लेकिन बाकी सभी को इस अनुशासन पालन सख्ती से करना होता है। बिना पानी के एकादशी के उपवास का पालन करना चाहिए।  अत्यधिक बीमार रोगी केवल फल और दुग्ध उत्पाद ही ले सकते हैं।  

एकादशी पर ठोस भोजन की अनुमति नहीं है (यह निर्देश Caryacarya और योगिक चिकित्सा पुस्तकों में छपे बाबा के प्रवचनों पर आधारित है)

गौरतलब है कि आनंदमार्ग में मेडिटेशन, योग साधना और तंत्र साधना का विशेष महत्व है। यम नियम के पालन पर बहुत जोर दिया जाता है। उच्च नैतिक जीवन शैली को बार बार याद दिलाया जाता है। दशकों पहले आनंद मार्ग ने जो नारे उठाए  उनमें सबसे प्रमुख था कि बी मोरालिस्ट अर्थात नैतिक बनो। देखने को साधारण सा स्लोगन लगता है लेकिन इस में गहरी बातें छिपी हैं सारी उम्र जिनका पालन करते साधक को ज़िंदगी संवर जाती है और वह तकरीबन हर बुराई से बचा भी रहता है।

Thursday, 9 February 2023

नामधारियों ने किया हवन से पूजन अर्चन

Wednesday 8th February 2023 at 07:45 PM

हवन में महिलाओं ने भी सक्रिय योगदान दिया//भजन गायन भी हुआ   


कुरुक्षेत्र: 8 फरवरी 2023: (कार्तिक सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

हवन के फायदे अनगिनत हैं। इसकी महिमा अपरम्पार है। हवन करने और करवाने वाली ही इससे मिलने वाले आनंद को महसूस कर सकते हैं। हवन की खूबियों के कारण बड़े बड़े लोग और राजनेता हवन करना आवश्यक समझते हैं। पर्यावरण को शुद्धता प्रदान करने के साथ साथ हवन के पास बैठने मात्र से ही मन की चिंता, संताप, शोक और रोग मिटने लगते हैं। मन में एक नया उत्साह आने लगता है। दिल और दिमाग में एक नई शक्ति का अद्भुत संचार सा होता हुआ महसूस होने लगते है। 

नामधारियों ने एक बार फिर से पूरी आस्था से कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक भूमि पर पहुंच कर किया हवन का आयोजन। यह जानकारी संत तेजिंदर सिंह नामधारी ने दी।  ऐसी बहुत सी वजहें और कारण हैं कि नामधारी समुदाय में हवन को आज भी विशेष स्थान प्राप्त है। बहुत सी आलोचना और विरोध के बावजूद नामधारी संगत से जुड़े भक्त लोग पूरी आस्था के साथ अक्सर हवन करते हैं। 

गौरतलब है कि नामधारी पंथ की स्थापना के समय से ही इसकी परम्परा एवं मर्यादा रही है। इस बार भी आठ फरवरी 2023 को स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वितीय जन्म शताब्दी के सबंध में हवन का विशेष आयोजन कुरुक्षेत्र में किया गया। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के आश्रम में यह एक अलौकिक सा अनुभव था। एक अध्यात्मिक ऊंचाई की अनुभूतियों से भरा हुआ अनुभव। इसमें नामधारी संगत ने अपने रूटीन की तरह यहां इस आश्रम में भी बहुत ही स्नेह और सम्मान से हवन का आयोजन किया। 

इस हवन में आहुतियां डालने वालों में सुश्री संदीप कौर ने पूरी मर्यादा के साथ हर औपचारिकता निभाई। इस हवन में उनके साथ सूबा अमरीक सिंह, सूबा रतन सिंह, प्रधान अरविन्द्र सिंह, दिल्ली यूनिट के प्रधान चरणजीत सिंह यमुनानगर, तेजिंदर सिंह और अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए। इस मौके पर अंतरात्मा को छूने वाला भजन कीर्तन भी हुआ जिसके सुनते हुए मन दुनियादारी के झमेलों से हट कर आत्मिक आनंद की तरफ बहने लगता है। 

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Tuesday, 10 January 2023

शास्त्री नगर स्थित कृष्णा मंदिर में किया गया मेडिकल कैंप का आयोजन

Tuesday: 10th January 2023 at 5:36 PM

विभिन्न थ्रेपियों के आचार्य डा. लोकेश ने की मरीज़ों की गहन जांच  

लुधियाना: 10 जनवरी 2023: (संजय सूद//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

आयुर्वेद, रेकी और नैचरोथरेपी के आचार्य डॉक्टर लोकेश द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन शास्त्री नगर स्थित कृष्णा मंदिर में किया गया! इस मेडिकल कैंप में  23 मरीजों ने परामर्श किया। यह मेडिकल कैंप मधुमेह, लिवर, किडनी, डायलिसिस और कैंसर के भारी जोखिम रोगीयों के लिए आयोजित किया गया था। आज की दुनिया में उच्च जोखिम डायलसिसिस और महत्वपूर्ण  देखभाल बहुत महंगी हो गयी है। 

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब लोग इसे वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यह नि:शुल्क मेडिकल कैंप इसी तरह के जरूरतमंदों की मदद करते हैं।  इस अवसर पर कृष्णा मंदिर से तरसेम लाल गुप्ता, सतीश जैन एवं सभी टीम सदस्यों ने अधिक से अधिक मरीज़ों को फायदा पहुँचाने के मकसद से सक्रिय सहयोग दिया। 

इस अवसर पर नरेश धिगान, अर्जुन धिगान, कलकी जन सेवा से जतिन शर्मा और नरेश शर्मा ने पूर्ण रूप से सहयोग किया। इस मोके पर अचार्य डॉक्टर लोकेश ने बताया कि यह मेडिकल कैंप हर महीने के पहले और तीसरे रविवार को लगाया जायेगा। 

Thursday, 15 December 2022

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भी किया धर्मचेतना वाहन यात्रा का स्वागत

ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज का अवतरण दिवस मनाया  


भोपाल
: 15 दिसंबर 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान धार्मिक प्रवृति के राजनीतिज्ञ हैं। सत्ता सुख के साथ साथ चलते हुए साधना के मार्ग को कभी नहीं भूलते। जहां भी कभी धर्मकर्म की कोई बात हो वहां मुख्यमंत्री चौहान अवश्य ही पहुंचने के प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्रह्मलीन श्री 1008 बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा का भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ स्वागत किया। शिवराज ने ब्रह्मलीन बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस पर सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा का बहुत ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जब ब्रह्मलीन श्री 1008 बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर नगर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा का 74 बंगले क्षेत्र में पहुंचने पर स्वागत किया तो भक्तजन बहुत बड़ी संख्या में वहां पहुंचे हुए थे।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा संत हिरदाराम नगर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए करुणाधाम आश्रम तक पहुंची। यात्रा के स्वामी दयानंद नगर में पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बी-8 निवास पर इस यात्रा का बहुत ही श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यात्रा वाहन में सुसज्जित ब्रह्मलीन श्री बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज की प्रतिमा पर पुष्प वर्षा भी की गई। इस पुष्प से बहुत ही अलौकिक अनुभूति का अहसास हो रहा था। फूलों की सौगंध ने दिव्यता से भरा माहौल भी बनाया हुआ था। उन्होंने ब्रह्मलीन श्री बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के 94वें जन्म-दिवस के अवसर पर इस यात्रा के उद्देश्य को पावन बताते हुए महाराज जी के योगदान का स्मरण किया। भक्तजन बहुत बड़ी संख्या में मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ब्रह्मलीन श्री बालगोविंद जी शांडिल्य महाराज के सुपुत्र और करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर गुरूदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। गुरूदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज ने मुख्यमंत्री को तुलसी का पौधा भेंट किया।

इस यादगारी और शुभ अवसर पर श्री चौहान की पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने भी गुरुदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज की धर्मपत्नी और गुरुमाता श्रीमती ममता शांडिल्य का पुष्पों से स्वागत किया।

विधायक कृष्णा गौर सहित जन-प्रतिनिधि और नागरिक इस धर्मकर्म के आयोजन में पूरी श्रद्धा के साथ उपस्थित थे। आम जनता से जुड़े वर्गों का भी सैलाब सा ही उम्दा हुआ था। सनातन धर्म चेतना वाहन यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त और नागरिक शामिल हुए। लोगों ने इस धार्मिक आयोजन से धर्मकर्म का सन्देश प्राप्त करके अंतर्मन के लिए एक विशेष उपलब्धि हासिल की। 


Tuesday, 13 December 2022

जया किशोरी की श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 Tuesday: 13th December 2022 at 18:23 IST

कर्म मार्ग पर ईमानदारी से चल कर, कर सकते हैं परमेश्वर के दर्शन : मुख्यमंत्री श्री चौहान

हरदा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के 133 नव-दम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद


भोपाल
: मंगलवार, 13 दिसम्बर  2022: (कार्तिका सिंह//मध्यप्रदेश स्क्रीन)::

जब सत्ता पर बैठे लोग भी धर्मकर्म में रूचि दिखाते हैं तो अम्म जनमानस भी धर्मकर्म की तरफ रुचित होने लगता है। एक बार फिर से इस बात का अहसास हो रहा था-श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में जहाँ जानी मानी कथा वाचिका जाया किशोरी जी की कथा का विशेष आयोजन था। इस कथा के आयोजन में समाज भलाई के बहुत से कार्य भी किए गए। 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान हरदा में विख्यात कथा-वाचिका जया किशोरी की सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन में शामिल हुए। कथा समापन पर मुख्यमंत्री ने 133 कन्याओं के मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुए सामूहिक विवाह के नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में कथा के आयोजक किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा, स्थानीय सांसद श्री डी.डी. उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा‍कि परम पिता परमेश्वर को प्राप्त करने के लिये धर्मशास्त्र में भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग बताये गये हैं। हम सभी बिना फल की इच्छा किये अपने कार्य पूरी कर्त्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कर ईश्वरीय मार्ग पर चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर- मरीजों का इलाज, शिक्षक-बच्चों की पढ़ाई और अधिकारी एवं नागरिक अपने कर्त्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन कर समाज की बेहतरी के लिये अपना योगदान दें। इसीसे प्रदेश का कल्याण होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनता के अनुरोध पर सुनाया भजन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कथा स्थल पर उपस्थित धर्मप्रेमियों के अनुरोध पर ‘‘राम नाम सुखदायी’’ और ‘‘हरे राम हरे राम’’ भजन गाया। श्रोता मंत्रमुग्ध होकर मुख्यमंत्री के गाये भजनों पर झूमते नजर आये।

 बृजेन्द्र शर्मा/ अलूने


Tuesday, 1 November 2022

राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता का शुभारंभ

 Bhopal: Monday 31st October 2022 at 20:19 IST

योग प्रतियोगिता, स्पर्धा का नहीं, साधना का विषय है:डॉ. वार्ष्णेय

भोपाल: सोमवार, 31अक्टूबर 2022: (कार्तिका सिंह//मध्यप्रदेश स्क्रीन डेस्क)::

योग से पूरी की पूरी ज़िंदगी संवर जाती है। तन और मन दोनों संतुलित रहते हुए बेहद शक्तिशाली भी बन जाते हैं। योग के लाभ जितने भी गिनवाएं जाएं कम हैं। योग केफायदों को देखते हुए ही मध्यप्रदेश में भी योग साधना के विशेष üप्रशिक्षण का भी प्रबंध किया गया। 

जाने माने संस्थान महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एवं राज्य स्तरीय शासकीय योग प्रशिक्षण केन्द्र भोपाल द्वारा प्रथम योग क्लबों के लिए प्रथम राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता का शुभारंभ डॉ. अशोक वार्ष्णेय राष्ट्रीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती एवं संस्थान के चेयरमेन एवं राज्य योग आयोग के उपाध्यक्ष श्री भरत बैरागी ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नृत्य योग, कलाओं से परिपूर्ण पहली प्रस्तुति शिव आराधना की आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति ग्वालियर संभाग की छात्राओं ने दी।

इस सुअवसर पर डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि योग केवल शारीरिक क्रिया नहीं है, यह मन और शरीर को जोड़ने की क्रिया है। योग सम्पूर्ण विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मनुष्य की दिनचर्या में योग भोजन की तरह अनिवार्य बनता जा रहा है। यह यम से समाधि तक की वैज्ञानिक क्रिया है। योग एनर्जी लेस से एनर्जी मैन भी बनाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को उनकी तरह अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योग मनुष्य का स्वभाव बन जाना चाहिए। उपस्थित छात्र/छात्राओं को भी नियमित योग अभ्यास करने को कहा। उन्होंने कहा कि योग क्वालिटी ऑफ लाइफ बनाता है। योग प्रतियोगिता एवं स्पर्धा का विषय नहीं, साधना का विषय है।

विशेष बात यह भी रही कि इस कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री बैरागी ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीनतम अनूठी विधा योग हमें विरासत में मिली है। योग से हमें नई पीढ़ी का चरित्र-निर्माण करना है। उन्होंने खगोल का उदाहरण देते हुए उज्जयिनी की वेधशाला की वर्षों पूर्व योग साधना से हमारे पूर्वजों ने स्थापना कर दी थी। 

उन्होंने भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण एवं आदिशंकराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि म.प्र. से ही नया इतिहास लिखा जा रहा है। उसी क्रम में एक और नया अध्याय हम योग साधक इन योग प्रतियोगिताओं का आयोजन कर लिखने जा रहे हैं। प्रतियोगिता में 45 जिलों से 400 छात्र/छात्राएँ एवं 110 कोच, जिलायोग प्रभारी एवं निर्णायकों द्वारा अंडर- 14,17,19 के बालक बालिकाओं के समूह वर्ग की योग रिदमिक, आर्टिस्टिक की प्रतियोगिताएँ 2 नवम्बर 2022 तक सम्पन्न की जायेंगी।

आभार प्रदर्शन निदेशक, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान श्री प्रभात राज तिवारी ने किया। कुल मिला कर यह एक यादगारी आयोजन रहा। शामिल होने वाले सभी लोग योग के संबंध में विशेष अनुभव और ज्ञान ले कर घर लौटे। 

 राजेश दाहिमा