Tuesday, 24 May 2022

ब्राह्मण समाज ने चेतना सम्मेलन में भरी हुंकार

24th May 2022 at 2:05 PM

ब्राह्मण हिंदू समाज को संगठित करके राष्ट्र सेवा में लगे हैं 

पंडित सुनील भराला ने किया संस्कृति,धर्म,सेवा और समर्पण में अग्रसित होने का भी दावा 


लुधियाना
: 24 मई 2022:  (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::
महानगर के पंजाब ट्रेड सेंटर मिल्लरगंज में ब्राह्मण समाज द्वारा राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के बैनर तले ब्राह्मण चेतना सम्मेलन और भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष में कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री पंडित सुनील भराला मुख्याथिति रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वालों में राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भृगुवंशी आशुतोष पांडे ने की कार्यक्रम में नागेंद्र शर्मा अध्यक्ष सुशासन विभाग भाजपा हरियाणा, उद्योगपति टी आर मिश्रा, नामधारी समाज के प्रमुख संत ठाकुर दलीप सिंह जी की तरफ से स.हरविंदर सिंह नामधारी और ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ नेता राजेश मिश्रा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। 
इस आयोजन में रिग्स इंटरनेशनल स्कूल अंबेडकर नगर के बच्चो ने मंत्रों के उच्चारण किए कार्यक्रम का संचालन पंडित अवधेश पांडे ने किया भगवान परशुराम जी के पूजन अर्चन उपरांत आरंभ हुए इस कार्यक्रम में संगोष्ठी दौरान विद्वान ब्राह्मणों ने अपने विचारों से सदन को अवगत करवाया और समाज के हर विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। 
इस आयोजन को संबोधन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री पंडित सुनील भराला ने कहा की ब्राह्मण समाज ज्ञान और संस्कारों का धनी है। आज कुछ अराजक तत्व भगवान परशुराम जी के इतिहास और उनके विचारों को तोड़मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। हमे अपने इतिहास अपने आराध्य देव और संस्कृति को हर घर में पहुंचाना है। आज हमारा ब्राह्मण समाज हिंदू समाज को संगठित करके राष्ट्र, संस्कृति,धर्म,सेवा और समर्पण में अग्रसित है। हमे अपने साथ साथ अन्य वर्गो के उत्थान के लिए भी संकल्पित होना होगा। ब्राह्मण हर वर्ग का कल्याण चाहता है कार्यक्रम में विदेश से नामधारी समाज के प्रमुख गुरु ठाकुर दिलीप सिंह जी का दूरभाष के माध्यम से उद्बोधन हुआ जिन्होंने शहीद ब्राह्मणों का ज़िक्र करते सभा को उनकी याद में आयोजन हेतु प्रेरित करते चेतना सम्मेलन की बधाई दी। 
इस अवसर पर भृगुवंशी आशुतोष पांडे ने कहा कि संगठन समाज को इकठ्ठा करके समाज की लड़ाई को हर स्तर पर लड़ने का प्रयास कर रहा है। अन्य आयोगों की तर्ज पर स्वर्ण आयोग का गठन होना चाहिए तभी इस वर्ग का कल्याण हो सकता है। इस अवसर पर अतिथियों को सम्मानित भी किया गया। 
कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का धन्यवाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने किया इस अवसर पर ए एन मिश्रा,सुनील त्रिपाठी, पराग दत्त शुक्ला, डी एस ठाकुर, रमेश पांडे,दिनेश मिश्रा, सुनील तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, प्रशांत पाठक, नागेंद्र मिश्रा, दिनेश चौबे, राजेश पांडे, मंत्री पांडे, राजमणि मिश्रा, अजय कौशिक, पल्लू तिवारी, राम चन्द्र दिवेदी, संतोष उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। 

Wednesday, 11 May 2022

पशुपालकों/गोशालाओं के सामने सुखा चारा का अभुतपूर्व संकट गहराया

10th May 2022 at 11:16 PM

ईंधन के रूप में बढ़ रहे प्रयोग से गहरा है चारे का संकट 

घास-चारा-पराली के ईंट भट्टों,कागज मिलों आदि फैक्ट्रियों में कच्चे माल का होता है ईंधन के रूप में प्रयोग 

देश के संतवृंदो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों को भी लिखा पत्र 

प्रकृति एवं परमात्मा ने सभी फसलों के ऊपरी भाग अनाज व तिलहन को मनुष्य के लिए तथा नीचे का घास व भूसा-चारा गोवंश व पशुधन हेतु ही प्रदान किया है                                                                                          पूनम राजपुरोहित मानवताधर्मी ने उठाया मुद्दा 


लुधियाना
:10 मई 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

सुखा घास-चारा-पराली-भूसा के कागज मिलों,ईंट भट्टों एवं फैक्ट्रियों में उपयोग से पंजाब के समस्त गोवंश एवं पशुपालकों के सामने अभुतपूर्व संकट खडा हो गया है। पंजाब की 500 से अधिक तथा देश में संचालित हजारों गोशालाओं में अधिकतर अपंग,वृद्ध,लाचार,बीमार,दुर्घटनाग्रस्त एवं कत्लखानों जाते हुए छुडाये गये लाखों संख्या में गोवंश की सुचारू सेवा-सुश्रुषा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। चारे की अनुपलब्धता एवं अभुतपूर्व मंहगाई से गोशालाओं तथा आम पशुधन पालकों के सामने भयंकर आर्थिक समस्या है। चारा के भाव दुगुने होकर आसमान छू रहे है और घास-चारा की खरीद असंभव हो रही है।

उपरोक्त व्यक्तव्य देते हुए श्रीपथमेडा गोधाम महातीर्थ एवं गोसेवा मिशन के वरिष्ठत्तम गोसेवक तथा राष्ट्रीय गो-अधिकार विचार मंच के संस्थापक अध्यक्ष पूनम राजपुरोहित मानवताधर्मी ने पंजाब सरकार से तत्काल प्रभाव से सुखी तुडी-पराली-भूसा आदि पषुधन के प्राण बचाने वाले सभी प्रकार के सुखे घास-चारा को कागज मिलों,ईंट भट्टों एवं फैक्ट्रियों में कच्चे माल तथा र्इ्रंधन के रूप में उपयोग पर कठोरता से प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि गोसेवा मिशन के अध्यक्ष स्वामी कृश्णानंद महाराज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान,राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और सभी प्रमुख प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर देश के समस्त गोभक्तों-गोसेवकों,गोशाला संचालकों एवं पशुपालक जनमानस की समस्याओं से अवगत करवाया है।

देश के प्रमुख गोसेवा-गोरक्षा आन्दोलनों के अग्रदूत रहे श्री राजपुरोहित ने कहा है कि ‘‘प्रकृति एवं परमात्मा ने फसलों का ऊपरी भाग अनाज व तिलहन को मनुष्य तथा नीचे का घास-भूसा-चारा गोवंश व पशुधन के लिये बनाया है। अतः इस प्राकृत एवं व्यवहारिक नियम से घास-चारा पर एकमात्र अधिकार गोवंश और पशुधन का है। गोवंश देश व राज्यों की अर्थव्यवस्था,ग्रामीण रोजगार,प्राकृतिक खेती,मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण संरक्षण का मूल आधार है। उन्होंने कहा है कि घास-चारा का अनावश्यक स्टाक पर सख्त कार्यवाही कर सरकार गोशालाओं एवं पशुपालकों को सस्ता घास-चारा उपलब्ध करवाये।’’

सुप्रसिद्ध विचारक,चिंतक,लेखक एवं गोसेवा-गोरक्षा विषयक जाने माने नीतिकार पूनम राजपुरोहित ने स्वामी कृष्णानंद महाराज द्वारा लिखे गये पत्र को पथमेडा संस्थापक गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंद महाराज,मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्रदास महाराज तथा स्वंय उनकी भावनाओं का समावेश बताया है। उन्होंने गोसेवा मिशन के आन्दोलनात्मक प्रयासों पश्चात होशियारपुर जिला कलेक्टर द्वारा सभी प्रकार की फेक्ट्रियों में कच्चा माल एवं ईंधन के रूप में सुखे घास-तुडी उपयोग पर 08 मई,2022 को पाबंदी लगाने के आदेश को पूरे पंजाब एवं देश में तत्काल लगाने की मांग उठाई है।

संपर्कः- 9414154706]7742897640  

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Tuesday, 3 May 2022

"मेरी माता मिंधला दी रानी" भजन यूट्यूब पर हुआ रिलीज

3rd May 2022 at 4:11 PM

 गाने के माध्यम से बताया माता का इतिहास 


चंबा: 3 मई 2022: (वीरू राणा//देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)::
जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी में स्थित ऐतिहासिक मिंधल माता के इतिहास को संजोए रखने के लिए माता "मेरी माता मिंधला दी रानी" भजन मंगलवार को यूट्यूब पर रिलीज किया गया है। इस भजन को हिल्स एकेडमी भद्रम में रिलीज किया गया है। भजन के निर्देशक सीएल ठाकुर बताते हैं कि पांगी घाटी के मिंधल माता का इतिहास संजोए रखने के लिए इस भजन को गाया गया है। उन्होंने बताया कि इस भजन को वीरू राणा द्वारा नरेंद्र म्यूजिकल ग्रुप स्टूडियो सरोल में गाया गया है। 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीरू राणा पांगी के एक छोटे से गांव में मिंधल के रहने वाले हैं। और मौजूदा समय में एक पत्रकार है। मिंधल माता के प्रति काफी श्रद्धा रखते हैं इससे पहले भी वह कई बार मिंधल माता के दरबार में जगराता कर चुके हैं। इस भजन के माध्यम से वीरू राणा द्वारा मां के भक्तों को यह बताया गया है कि मां मिंन्धलवासनी कैसे प्रकट हुई है। और मिंधल गांव आत तक क्यों शाप से मुक्त नहीं हो पाया है। 
आपको बता दें कि मिंदर गांव में एक बैल से की जा रही खेतीबाड़ी के बारे में भी इस भजन के माध्यम से बताया गया है । वीरू राणा बचपन से ही एक कलाकार बनना चाहता था लेकिन परिस्थितियों की वजह से नहीं बन पाए। आज के समय में वीरू राणा द्वारा अपना एक वेव पोर्टल चलाते है। साथ ही वीरू राणा के वेब पोर्टल को हाल ही में गूगल द्वारा मीडिया पार्टनर  में लिया गया है। वहीं यूएसए की एक नामी कंपनी इजॉइक द्वारा वीरू राणा के वेब पोर्टल को मोनेटाइज वेब पार्टनर बनाया गया है। और यह प्रदेश का पहला वेब पोर्टल है जोकि इजॉइक व गुगल जैसी नामी कंपनियों का मीडिया पार्टनर है। जिसके माध्यम से अपना दिनचर्य चला रहे है।                                                                                                                                 

Tuesday, 29 March 2022

कुष्ठ पीड़ित लोगों का उपचार और मनोवैज्ञानिक पुनर्वास दोनों ही महत्वपूर्ण

प्रविष्टि तिथि: 27 MAR 2022 4:03PM by PIB Delhi

राष्ट्रपति ने कहा कि हरिद्वार में दिव्य प्रेम सेवा मिशन अनुकरणीय है 


नई दिल्ली
: 27 मार्च 2022: (पीआईबी//आराधना टाईम्ज़)::

आज कच्छ संक्षित सी चर्चा करते हैं दिव्य प्रेम सेवा मिशन की। धोखा, लालच, निराशा और स्वार्थ के जितने हल्ले आशीष भाई जी पवार हुए कोई आम इंसान होता तो बुरी तरह निराश हो गया होता लेकिन आशीष भाई निराशा के इस दौर में अंतर्मन की रौशनी को ही सहारा बनाया और और आज यह संस्थान एक बड़ा काफिला बन चूका है। इस सब की पूरी कहानी हम फिर कभी आप के सामने रखेंगे आज चर्चा केवल इतनी कि महामहिम राष्ट्रपति भी वहां जा कर सब देख कर आए।
राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन कई अनुकरणीय और प्रशंसनीय कार्यकलाप कर रहा है जैसे कुष्ठ रोगियों के उपचार के लिए क्लिनिक, सामाजिक रूप से हाशिए पर पड़े कुष्ठ रोगियों के बच्चों के लिए स्कूल, छात्रों, विशेष रूप से लड़कियों के लिए छात्रावास और वहां रह रहे बच्चों के समग्र विकास के लिए कौशल विकास केंद्र। उन्होंने मिशन के संस्थापकों और उनके सहयोगियों को इस तरह की उत्कृष्ट सेवा और समर्पण के लिए बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि स्वतन्त्रता के बाद अस्पृश्यता को समाप्त कर दिया गया और संविधान के तहत दंडनीय अपराध बना दिया गया। संविधान के अनुच्छेद 17 द्वारा जाति और धर्म पर आधारित अस्पृश्यता को समाप्त कर दिया गया था, लेकिन कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों के प्रति सदियों पुरानी अस्पृश्यता आज भी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बीमारी को लेकर समाज में अभी भी कई भ्रांतियां और कलंक मौजूद हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को किसी अन्य रोग से पीड़ित व्यक्ति की तरह परिवार और समाज के अभिन्न अंग के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। ऐसा करके ही हम अपने समाज और राष्ट्र को एक संवेदनशील समाज और राष्ट्र कह सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि कुष्ठ पीड़ित लोगों का मनोवैज्ञानिक पुनर्वास उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उनका शारीरिक उपचार। संसद ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम- 2016 पारित किया है जिसके तहत भारतीय कुष्ठ रोग अधिनियम 1898 को निरस्त कर दिया गया है और कुष्ठ से पीड़ित लोगों के खिलाफ भेदभाव को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया है। कुष्ठ रोग से ठीक हुए व्यक्तियों को भी अधिनियम 2016 के लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी अपने जीवन में मानवता की सेवा के लिए समर्पित थे और कुष्ठ रोगियों का उपचार और देखभाल करते थे। गांधीजी के अनुसार, स्वयं को जानने का सबसे अच्छा तरीका मानव जाति की सेवा में स्वयं को समर्पित करना है। उनका मानना ​​था कि कुष्ठ भी हैजा और प्लेग जैसा रोग है जिसका इलाज किया जा सकता है। इसलिए, जो इसके रोगियों को हीन समझते हैं, वे ही वास्तविक रोगी हैं। गांधी जी का संदेश आज भी प्रासंगिक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश के युवा लोगों में कुष्ठ रोग से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने में अपना योगदान दे सकते हैं। वे एनएसएस जैसे संगठनों के माध्यम से इस रोग के उपचार के बारे में लोगों में जागरूकता फैला सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कुष्ठ पीड़ित लोगों की सेवा करने के अनुकरणीय उदाहरणों से प्रेरणा लेने और कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक कलंक के उन्मूलन में अपना सक्रिय योगदान देने का भी अनुरोध किया। 

 सम्पर्क है : Sewa Kunj, below Chandighat Bridge, Haridwar, Uttarakhand 249408 01334 - 222211

divyaprem03@gmail.com



Thursday, 3 March 2022

हृदय सम्राट गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी विराट में वलीन हो गये

अंतिम दर्शन का सिलसिला डगशाई (हिमाचल) में जारी है 

 अंतिम संस्कार  दिनांक 5 मार्च 2022 को प्रातः 11 बजे डगशाई में 

पंचकूला//खरड़: 3 मार्च 2022: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

एक  दुःखद खबर सामने आई है कि विशवास फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी विश्वास जी अब इस नश्वर दुनिया में नहीं रहे। वह विराट में लीं हो गए हैं। ज्योति से ज्योति मिल गई है। लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए डगशई में   उमड़े चले आ रहे हैं। बहुत बड़ा संस्थान बन जाने के बावजूद अभी तक बहुत से लोग हैं जो इस मिशन के संबंध में ज़्यादा नहीं जानते। अतीत की कुछ बातें याद करनी ज़रूरी हो गई हैं। 

कहते हैं न ज़िंदगी हर कदम इक नई जंग है। यह फ़िल्मी गीत किसी ज़माने में बहुत ही लोकप्रिय हुआ था। इस गीत में बहुत सी हकीकत भी है लेकिन बहुत कुछ अनकहा भी है। दुःख, दर्द और गम के मारे हुए समाज ने फूलों का खिलना भी जंग समझ लिया। हवा का चलना भी जंग समझ लिया। दरिया का बहना ही एक जंग समझ लिया। हमें सहजता भूलती चली गई। हम दवाओं के गुलाम होते चले गए। हम नशे की दलदलों में फंसते चले गए। स्थिति बद से बदतर होती चली गई। हार्ट अटैक, कैंसर, ब्रेन हैमरेज, ब्लड प्रेशर, शूगर बहुत सी बीमारियां हमारा नसीब बन गईं। गौरतलब है कि यह सब अचानक नहीं हुआ। दशकों से हम इसी जाल में फंसते चले आ रहे हैं। गरीबी एक अभिशाप बन चुकी है हमारे समाज में। हर तरफ दुःख, दर्द और गम का अंधेरा।  

ऐसे में एक नई रौशनी आई विश्वास फाउंडेशन के रूप में। हिमाचल में स्थित डगशई से यह रौशनी आई स्वामी विश्वास का रूप धर कर। यह 1978 का वर्ष था जब विश्वास फाउंडेशन ने अपनी स्थापना के बाद हिमाचल के बाहर भी मेडिटेशन के आयोजन करने शुरू किए। हमारी टीम ने पहली बार विश्वास फाउंडेशन का आयोजन देखा लुधियाना की फ़िरोज़पुर रोड पर स्थित एक बड़े से पैलेस में। पूरे शहर में उन दिनों इसी आयोजन की चर्चा रही। जो लोग भी इस आयोजन से कुत्ते उनके चेहरों पर एक रौनक सी होती। आँखों में एक नहीं चमक होती। 

मेडिटेशन के साथ साथ इस संस्थान ने शिक्षा, संस्कृति, मेडिकल राहत, गरीबों के लिए सुविधाएं जैसे बहुत से अन्य मिशन भी शुरू किए। दूर दूर तक यह नेटवर्क फैलता चला गया। ऐसे में ही जब कोरोना आया तो बहुत मुश्किल था इससे लड़ना। न ज़रूरत के मुताबिक वैक्सीन मिल पा रही थी और न ही कोरोना के मरीज़ों को सभी दवाएं। विशवास फाउंडेशन ने स्पेशल किते बनवाईं जिनमें एनर्जी लेवल कायम रखने जैसी बेहतरीन दवाएं शामिल रहीं। इस तरह की की पंचकूला में निःशुल्क बांटी गईं। कोरोना से लड़ने के लिए एनर्जी लेवल बहुत अच्छा रहे इस मकसद के लिए पत्रकारों को भी इस तरह की किट गिफ्ट के तौर पर दी गईं। 

आपको सूचित किया जाता है कि हम सबके हृदय सम्राट गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी अपने साकार स्वरूप को त्याग कर विराट में वलीन हो गये हैं। अंतिम दर्शन का समय कल दिनांक 4 मार्च 2022 प्रातः 9 बजे से रहेगा। अंतिम संस्कार दिनांक 5 मार्च 2022 को प्रातः 11 बजे डगशाई में किया जाएगा।
श्रद्धालु जय जय विराट विश्वास कहते हुए एक दुसरे से दुःख बांट रहे हैं। भविष्य का कर्यक्रम जो भी होगा उसकी जानकारी भी हम आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे ही।

Sunday, 20 February 2022

राज्यपाल ने ब्रह्म कुमारी संस्थान में शिव ध्वजारोहण किया

20th February 2022 at 4:00 PM

वर्तमान संदर्भ में संघ और संगठन की मजबूती ही एकमात्र बहुमूल्य अवधारणा है


शिमला
: 20 फरवरी 2022: (देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)::

राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भारतीय उच्च परम्पराओं के पालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि संगठन समाज में अच्छे विचारों और संस्कृति को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राज्यपाल ने यह बात आज यहां शिमला के निकट पंथाघाटी में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान में आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित शिव ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि वर्तमान संदर्भ में संघ और संगठन की मजबूती ही एकमात्र बहुमूल्य अवधारणा है। यह हमारी शक्ति, धर्म और आस्था है। 


उन्होंने धर्म की अलग तरह से व्याख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि धर्म का अर्थ आत्म अनुशासन है। धर्म को अपनाने से शासन और विचारों में अवगुण नहीं आते। उन्होंने उपस्थित लोगों और संगठनों से समृद्ध संस्कृति की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने का आह्वान किया ताकि समाज में अच्छी धारणा और संस्कृति स्थापित हो सके।

राज्यपाल ने कहा कि महाशिवरात्रि का हमारे सांस्कृतिक जीवन में एक विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने आध्यात्म को देश की आत्मा माना है, परन्तु हम संस्कृति के मूल विचारों को भूलकर पश्चिमी सभ्यता की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध संस्कृति और धर्म ने विश्व के किसी भी भाग को बलपूर्वक जीतने की कोशिश नहीं की, अपितु हम लोगों के दिल जीतने में विश्वास रखते हैं। प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान इस भावना को आत्मसात कर कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थान द्वारा किए गए कार्य अनुकरणीय हैं।

इससे पूर्व, राज्यपाल ने संस्थान के परिसर में एक सेब का पौधा भी रोपित किया।

इससे पूर्व, प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान पंथाघाटी की प्रमुख ब्रह्म कुमारी रजनी ने राज्यपाल को सम्मानित किया। ब्रह्म कुमारी सुनिता ने राज्यपाल का स्वागत किया।   

पूर्व विधायक ब्रह्म कुमार हृदयराम ने संस्थान की विभिन्न गतिविधियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि विश्वभर के लगभग 140 देशों में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी के 10 हजार से अधिक सेवा केन्द्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियमित विद्यार्थी आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।

इस अवसर पर कुमारी अर्शी दुल्टा ने नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
 संख्याः 177/2022          

Saturday, 19 February 2022

धन्वंतरी भवन के चौथे खंड का शिलान्यास समारोह

समारोह में दीप प्रज्ज्वलित किया आयुष मंत्री, श्री सर्बानंद सोनोवाल ने 


केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी, ​​जलमार्ग और आयुष मंत्री, श्री सर्बानंद सोनोवाल 18 फरवरी, 2022 को नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्वेदिक कांग्रेस के धन्वंतरी भवन के चौथे खंड के शिलान्यास समारोह में दीप प्रज्ज्वलित करते हुए।