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Tuesday, 3 May 2022

"मेरी माता मिंधला दी रानी" भजन यूट्यूब पर हुआ रिलीज

3rd May 2022 at 4:11 PM

 गाने के माध्यम से बताया माता का इतिहास 


चंबा: 3 मई 2022: (वीरू राणा//देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)::
जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी में स्थित ऐतिहासिक मिंधल माता के इतिहास को संजोए रखने के लिए माता "मेरी माता मिंधला दी रानी" भजन मंगलवार को यूट्यूब पर रिलीज किया गया है। इस भजन को हिल्स एकेडमी भद्रम में रिलीज किया गया है। भजन के निर्देशक सीएल ठाकुर बताते हैं कि पांगी घाटी के मिंधल माता का इतिहास संजोए रखने के लिए इस भजन को गाया गया है। उन्होंने बताया कि इस भजन को वीरू राणा द्वारा नरेंद्र म्यूजिकल ग्रुप स्टूडियो सरोल में गाया गया है। 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीरू राणा पांगी के एक छोटे से गांव में मिंधल के रहने वाले हैं। और मौजूदा समय में एक पत्रकार है। मिंधल माता के प्रति काफी श्रद्धा रखते हैं इससे पहले भी वह कई बार मिंधल माता के दरबार में जगराता कर चुके हैं। इस भजन के माध्यम से वीरू राणा द्वारा मां के भक्तों को यह बताया गया है कि मां मिंन्धलवासनी कैसे प्रकट हुई है। और मिंधल गांव आत तक क्यों शाप से मुक्त नहीं हो पाया है। 
आपको बता दें कि मिंदर गांव में एक बैल से की जा रही खेतीबाड़ी के बारे में भी इस भजन के माध्यम से बताया गया है । वीरू राणा बचपन से ही एक कलाकार बनना चाहता था लेकिन परिस्थितियों की वजह से नहीं बन पाए। आज के समय में वीरू राणा द्वारा अपना एक वेव पोर्टल चलाते है। साथ ही वीरू राणा के वेब पोर्टल को हाल ही में गूगल द्वारा मीडिया पार्टनर  में लिया गया है। वहीं यूएसए की एक नामी कंपनी इजॉइक द्वारा वीरू राणा के वेब पोर्टल को मोनेटाइज वेब पार्टनर बनाया गया है। और यह प्रदेश का पहला वेब पोर्टल है जोकि इजॉइक व गुगल जैसी नामी कंपनियों का मीडिया पार्टनर है। जिसके माध्यम से अपना दिनचर्य चला रहे है।                                                                                                                                 

Thursday, 3 March 2022

हृदय सम्राट गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी विराट में वलीन हो गये

अंतिम दर्शन का सिलसिला डगशाई (हिमाचल) में जारी है 

 अंतिम संस्कार  दिनांक 5 मार्च 2022 को प्रातः 11 बजे डगशाई में 

पंचकूला//खरड़: 3 मार्च 2022: (आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

एक  दुःखद खबर सामने आई है कि विशवास फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी विश्वास जी अब इस नश्वर दुनिया में नहीं रहे। वह विराट में लीं हो गए हैं। ज्योति से ज्योति मिल गई है। लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए डगशई में   उमड़े चले आ रहे हैं। बहुत बड़ा संस्थान बन जाने के बावजूद अभी तक बहुत से लोग हैं जो इस मिशन के संबंध में ज़्यादा नहीं जानते। अतीत की कुछ बातें याद करनी ज़रूरी हो गई हैं। 

कहते हैं न ज़िंदगी हर कदम इक नई जंग है। यह फ़िल्मी गीत किसी ज़माने में बहुत ही लोकप्रिय हुआ था। इस गीत में बहुत सी हकीकत भी है लेकिन बहुत कुछ अनकहा भी है। दुःख, दर्द और गम के मारे हुए समाज ने फूलों का खिलना भी जंग समझ लिया। हवा का चलना भी जंग समझ लिया। दरिया का बहना ही एक जंग समझ लिया। हमें सहजता भूलती चली गई। हम दवाओं के गुलाम होते चले गए। हम नशे की दलदलों में फंसते चले गए। स्थिति बद से बदतर होती चली गई। हार्ट अटैक, कैंसर, ब्रेन हैमरेज, ब्लड प्रेशर, शूगर बहुत सी बीमारियां हमारा नसीब बन गईं। गौरतलब है कि यह सब अचानक नहीं हुआ। दशकों से हम इसी जाल में फंसते चले आ रहे हैं। गरीबी एक अभिशाप बन चुकी है हमारे समाज में। हर तरफ दुःख, दर्द और गम का अंधेरा।  

ऐसे में एक नई रौशनी आई विश्वास फाउंडेशन के रूप में। हिमाचल में स्थित डगशई से यह रौशनी आई स्वामी विश्वास का रूप धर कर। यह 1978 का वर्ष था जब विश्वास फाउंडेशन ने अपनी स्थापना के बाद हिमाचल के बाहर भी मेडिटेशन के आयोजन करने शुरू किए। हमारी टीम ने पहली बार विश्वास फाउंडेशन का आयोजन देखा लुधियाना की फ़िरोज़पुर रोड पर स्थित एक बड़े से पैलेस में। पूरे शहर में उन दिनों इसी आयोजन की चर्चा रही। जो लोग भी इस आयोजन से कुत्ते उनके चेहरों पर एक रौनक सी होती। आँखों में एक नहीं चमक होती। 

मेडिटेशन के साथ साथ इस संस्थान ने शिक्षा, संस्कृति, मेडिकल राहत, गरीबों के लिए सुविधाएं जैसे बहुत से अन्य मिशन भी शुरू किए। दूर दूर तक यह नेटवर्क फैलता चला गया। ऐसे में ही जब कोरोना आया तो बहुत मुश्किल था इससे लड़ना। न ज़रूरत के मुताबिक वैक्सीन मिल पा रही थी और न ही कोरोना के मरीज़ों को सभी दवाएं। विशवास फाउंडेशन ने स्पेशल किते बनवाईं जिनमें एनर्जी लेवल कायम रखने जैसी बेहतरीन दवाएं शामिल रहीं। इस तरह की की पंचकूला में निःशुल्क बांटी गईं। कोरोना से लड़ने के लिए एनर्जी लेवल बहुत अच्छा रहे इस मकसद के लिए पत्रकारों को भी इस तरह की किट गिफ्ट के तौर पर दी गईं। 

आपको सूचित किया जाता है कि हम सबके हृदय सम्राट गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी अपने साकार स्वरूप को त्याग कर विराट में वलीन हो गये हैं। अंतिम दर्शन का समय कल दिनांक 4 मार्च 2022 प्रातः 9 बजे से रहेगा। अंतिम संस्कार दिनांक 5 मार्च 2022 को प्रातः 11 बजे डगशाई में किया जाएगा।
श्रद्धालु जय जय विराट विश्वास कहते हुए एक दुसरे से दुःख बांट रहे हैं। भविष्य का कर्यक्रम जो भी होगा उसकी जानकारी भी हम आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे ही।

Sunday, 20 February 2022

राज्यपाल ने ब्रह्म कुमारी संस्थान में शिव ध्वजारोहण किया

20th February 2022 at 4:00 PM

वर्तमान संदर्भ में संघ और संगठन की मजबूती ही एकमात्र बहुमूल्य अवधारणा है


शिमला
: 20 फरवरी 2022: (देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)::

राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भारतीय उच्च परम्पराओं के पालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि संगठन समाज में अच्छे विचारों और संस्कृति को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राज्यपाल ने यह बात आज यहां शिमला के निकट पंथाघाटी में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान में आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित शिव ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि वर्तमान संदर्भ में संघ और संगठन की मजबूती ही एकमात्र बहुमूल्य अवधारणा है। यह हमारी शक्ति, धर्म और आस्था है। 


उन्होंने धर्म की अलग तरह से व्याख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि धर्म का अर्थ आत्म अनुशासन है। धर्म को अपनाने से शासन और विचारों में अवगुण नहीं आते। उन्होंने उपस्थित लोगों और संगठनों से समृद्ध संस्कृति की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने का आह्वान किया ताकि समाज में अच्छी धारणा और संस्कृति स्थापित हो सके।

राज्यपाल ने कहा कि महाशिवरात्रि का हमारे सांस्कृतिक जीवन में एक विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने आध्यात्म को देश की आत्मा माना है, परन्तु हम संस्कृति के मूल विचारों को भूलकर पश्चिमी सभ्यता की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध संस्कृति और धर्म ने विश्व के किसी भी भाग को बलपूर्वक जीतने की कोशिश नहीं की, अपितु हम लोगों के दिल जीतने में विश्वास रखते हैं। प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान इस भावना को आत्मसात कर कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थान द्वारा किए गए कार्य अनुकरणीय हैं।

इससे पूर्व, राज्यपाल ने संस्थान के परिसर में एक सेब का पौधा भी रोपित किया।

इससे पूर्व, प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय संस्थान पंथाघाटी की प्रमुख ब्रह्म कुमारी रजनी ने राज्यपाल को सम्मानित किया। ब्रह्म कुमारी सुनिता ने राज्यपाल का स्वागत किया।   

पूर्व विधायक ब्रह्म कुमार हृदयराम ने संस्थान की विभिन्न गतिविधियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि विश्वभर के लगभग 140 देशों में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी के 10 हजार से अधिक सेवा केन्द्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियमित विद्यार्थी आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।

इस अवसर पर कुमारी अर्शी दुल्टा ने नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
 संख्याः 177/2022          

Friday, 14 January 2022

मकर सक्रांति पर हवन का आयोजन

 14th January 2022 at 3:36 PM

राज्यपाल ने लोगों की समृद्धि,उन्नति व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की  


शिमला
: 14 जनवरी, 2022: (देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)

राज्यपाल ने मकर सक्रांति पर हवन का आयोजन किया

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज यहां मकर सक्रांति के पावन अवसर पर हवन का आयोजन किया।

 मकर सक्रांति पर अपने शुभकामना संदेश में राज्यपाल ने प्रदेश की समृद्धि व उन्नति और प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।

Sunday, 28 November 2021

हिमाचल के राज्यपाल ने माता चिंतपूर्णी मंदिर में टेका माथा

28th November 2021 at 7:06 PM

इसी दौरान चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन को भी पूरी तरह से जांचा

शिमला: 28 नवम्बर, 2021: (देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)::

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर माता चिंतपूर्णी की संध्या आरती में भी शामिल हुए और मां का आशीर्वाद लिया।

उन्होंने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर में करोड़ों भक्तों की आस्था है तथा यहां विश्व भर से श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश सरकार चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है।

अतिरिक्त उपायुक्त ऊना डाॅ. अमित कुमार शर्मा ने इस अवसर पर राज्यपाल को माता चिंतपूर्णी की चुनरी तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इससे पूर्व राज्यपाल ने चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और यहां ट्रेन से मां चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। राज्यपाल ने कहा कि चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं के लिए अच्छी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं तथा प्रदेश सरकार सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से चिंतपूर्णी मंदिर के लिए एक सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, जिस पर कुछ कार्य होना बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस सड़क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, जिससे चिंतपूर्णी मार्ग रेलवे स्टेशन से चिंतपूर्णी मंदिर की दूरी 12 कि.मी. रह जाएगी। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द इस प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे श्रद्धालु लाभान्वित होंगे।

राज्यपाल ने चिंतपूर्णी में अपने पारिवारिक मित्र मलकीयत सिंह से भी घर जाकर मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर विधायक चिंतपूर्णी बलबीर सिंह, उप-मंडलाधिकारी मनेश कुमार यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

हिमाचल प्रदेश की अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहिए देवभूमि स्क्रीन 

Saturday, 13 November 2021

हिमाचल के सिरमौर ज़िला में अन्तरराष्ट्रीय रेणुका जी मेला शुरू

 13th November 2021 at 9:33 PM

 मुख्यमंत्री ने मेले की प्रथम सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता की 


शिमला
:13 नवम्बर 2021: (देवभूमि स्क्रीन//आराधना टाईम्ज़)::
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज सिरमौर जिला के रेणुका स्थित रेणु मंच में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रेणुका जी मेले की प्रथम सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री ने मेला समिति द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले के शुभ अवसर पर प्रकाशित की गई स्मारिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए ददाहू में खण्ड विकास कार्यालय, धरतीधार और बचर बाग में आईटीआई (सेमधार) और धरतीधार में पशु औषधालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने संगड़ाह में विद्युत बोर्ड का मण्डल कार्यालय खोलने और राजकीय उच्च पाठशाला बागथान को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने, राजकीय माध्यमिक पाठशाला सत्तार बढ़ो को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने और क्षेत्र की दो राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं को राजकीय माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने की घोषणा की।

जय राम ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला प्रदेश के महत्वपूर्ण मेलों में से एक है, जिसमें भगवान परशुराम और माता रेणुका के मिलन को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य को समृद्ध संस्कृति का भी प्रतीक है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश इस वर्ष को राज्य की स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में मना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने विकास के क्षेत्र में  अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। हिमाचल प्रदेश आज न केवल पहाड़ी राज्यों, बल्कि देश के बड़े राज्यों के लिए भी एक आदर्श राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने राज्य के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्ष प्रभावित हुए हंै, लेकिन राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने कहा कि देश भाग्यशाली है कि इस कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक सशक्त नेतृत्व देश को मिला है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा समय पर लिए गए निर्णयों और उठाए गए कदमों के कारण ही भारत शेष दुनिया के लिए प्रभावी कोविड प्रबंधन के लिए एक माॅडल के रूप में सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड महामारी के दौरान यह सुनिश्चित किया है कि कोविड मरीजों के लिए आॅक्सीजन, वेंटिलेटर, बिस्तरों आदि की कोई कमी न हो। उन्होंने कहा कि राज्य में जब यह महामारी फैली थी, तो उस समय राज्य में केवल 50 वेंटिलेटर थे। राज्य सरकार ने केन्द्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मामले को उठाया और केन्द्र सरकार द्वारा पीएमकेयर के तहत 500 वेंटिलेटर राज्य को शीघ्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे करीब अढ़ाई लाख हिमाचलियों को विशेष बसों और ट्रेनों के माध्यम से घर वापस पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व राज्य में केवल दो ही आॅक्सीजन प्लांट थे, लेकिन आज राज्य में 30 पीएसए ऑक्सीज़न प्लांट हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य प्रदेश का समग्र व संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। 

उपायुक्त सिरमौर एवं अध्यक्ष मेला समिति आर.के. गौतम ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह तथा डांगरा प्रस्तुत कर सम्मानित किया। उन्होंने सात दिवसीय मेले में आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी भी दी।

राज्य रेडक्राॅस सोसायटी की उपाध्यक्षा एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी डाॅ. साधना ठाकुर, ऊर्जा मंत्री सुखराम चैधरी, सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप, नाहन के विधायक डाॅ. राजीव बिन्दल, रेणुका के विधायक विनय कुमार, पच्छाद की विधायक रीना कश्यप, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बदलेव तोमर, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी, सिरमौर जिला परिषद की अध्यक्षा सीमा, क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता बलवीर चैहान, खंड विकास समिति संगड़ाह के अध्यक्ष मेला राम शर्मा, सिरमौर के कृषि उत्पाद विपणन समिति के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा व पुलिस अधीक्षक ओमापति जम्वाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।