भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं संस्कृति मंच द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा का ऐलान आज नागपाल रीजेंसी होटल फिरोजपुर लुधियाना में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।
Monday, 16 February 2026
लुधियाना: आगामी सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा
भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं संस्कृति मंच द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा का ऐलान आज नागपाल रीजेंसी होटल फिरोजपुर लुधियाना में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।
Friday, 6 February 2026
जादू की तरह फायदा पहुंचाती हैं हस्त मुद्राएं
Rector Kathuria on Thursday 05th February 2026 at 20:28 Regarding Finger Yoga or Hand Yoga Regarding
लेकिन किस योग्य मार्गदर्श्क की देखरेख में ही करना उचित होगा
लुधियाना:6 फरवरी 2025: (रेक्टर कथूरिया//मीडिया लिंक रविंदर//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::
उम्र बढ़ती जा रही है और समय हाथ से निकला जा रहा है। ज़िंदगी की गर्दिश और संघर्ष ने बहुत कुछ दिखाया भी समझाया भी लेकिन फिर भी उलझनें मन को उलझाती रही। कई बार ज़िंदगी निरथर्क भी लगने लगती। स्वास्थ्य बिगड़ा तो मुश्किलें और बढ़ गई। अंग्रेज़ी मेडिकल सिस्टम की दवाओं से तो मन ही चलने लगा। इन दवाओं से अगर एक मर्ज़ ठीक होती तो दस नई बीमारियां और लगने लगती। ऊपर से यह सिस्टम महंगा भी बहुत है। इस हालात में चिंता भी बहुत हुई लेकिन इसी चिंता का सामना करते करते चिंतन भी बढ़ा। मेडिटेशन और अच्छी लगने लगी। सेहत ज़्यादा बिगड़ी तो तिब्बती इलाज प्रणाली की शरण में जाने का मन हुआ। तिब्बत वाले मेडिसिन सिस्टम ने मौत के मुँह से निकालने का चमत्कार कर दिखाया। जान बच गई लेकिन साथ में बुढ़ापे की अपनी अलह दुश्वारियां होती हैं। उम्र 68 को पार करने लगी तो भविष्य अंधेरा भी लगने लगा। कई छोटी छोटी मुश्किलें भी अभी बाकी हैं। इसके बाद अच्छी,किस्मत से मिला हस्त मुद्रा योग साधना का ज्ञान।
सही ढंग तरीका तो यह है कि इस साधना को ठीक से बैठ कर करना चाहिए और रीढ़ बिलकुल सीढ़ी रहे। लेकिन बुढ़ापे वाली उम्र और स्वास्थ्य कारणों से ज़्यादा समय तक सीधे बैठना कठिन हो जाता। इस लिए तलाश कर रहा है कि लेट कर कौन कौन सी मुद्रा संभव है।
छह दशक से अधिक की उम्र अर्थात 68 प्लस की उम्र में लेट कर की जाने वाली हस्त मुद्रा के लिए ज्ञान मुद्रा एक अच्छा विकल्प है। यह मुद्रा न केवल लेट कर की जा सकती है, बल्कि यह ध्यान और श्वास अभ्यास के लिए भी बहुत उपयोगी है। इस से बहुत फायदा भी हुआ। एक तो जल्दी से नींद आने लगी। दूसरा फायदा यह कि मन भी शांत होने लगा। विचारों पर नियंत्रण भी बढ़ने लगा और बार बार इधर उधर भागता मन भी काबू में आने लग।
विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन करते हुए बताया कि ज्ञान मुद्रा के अलावा, आप शून्य मुद्रा (चिन मुद्रा) भी लेट कर कर सकते हैं। इसमें आप अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखें और अपने अंगूठे को अपनी सूचक अँगली के साथ जोड़ें। यह मुद्रा भी ध्यान और श्वास अभ्यास के लिए बहुत उपयोगी है।
इसके अलावा, आप प्राण मुद्रा भी लेट कर कर सकते हैं। इसमें आप अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखें और अपने अंगूठे को अपनी सूचक अँगली और मध्यमा अँगली के साथ जोड़ें। यह मुद्रा ऊर्जा को बढ़ाने और तनाव को कम करने में मदद करती है।
फ़िलहाल इतना ही लेकिन एक बात ज़रूर ध्यान रखें कि यदि कोई स्वास्थ्य समय हो तो किसी योग एक्सपर्ट से मार्गदर्शन ज़रूर ले लें। इन मुद्राओं को करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना उचित होगा, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है। गलत मुद्रा अपनाने से नुकसान की संभावना भी बनी रहती है।
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Saturday, 24 January 2026
केवल वेदलक्षणा गोमाता के घी एवं पंचगव्य से हों धार्मिक आयोजन
poonam rajpurohit Manvtadharmi on 24th January 2026 at 5:11 PM Regarding Indigenous Cow or Indian Cow
जनसंघ के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता पूनम राजपुरोहित ने फिर उठाई आवाज़
सनातन धार्मिक-आध्यात्मिक अनुष्ठान केवल वेदलक्षणा गोमाता के घी एवं पंचगव्य से ही हो। जनसंघ के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता पूनम राजपुरोहित मानवतधर्मी ने यह आह्वान एक प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिए किया है। उन्होंने सावधान भी किया कि भैंसादि तथा बाजार के चर्बी युक्त अप्रमाणिक घी से हवन,यज्ञ,पूजादि अनुष्ठान धर्म के नाम पर धोखा धड़ी बड़े पैमाने पर जारी है।
अखिल भारतीय जनसंघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री पूनम राजपुरोहित मानवताधर्मी ने तीन दिवसीय पंजाब प्रवास के दौरान हवन,यज्ञ आदि धार्मिक-अध्यात्मिक अनुष्ठानों में केवल और केवल वेदलक्षणा गोमाता के घी के ही उपयोग का आह्वान किया है! उन्होंने स्पष्ट कहा है कि "बाजार के मिलावटी एवं चर्बी युक्त अप्रमाणिक घी से हवन,यज्ञादि अनुष्ठान सरासर धर्म के नाम पर धोखा है! ऐसे अनुष्ठानों के सुखद,शान्तिमय एवं समृद्धि युक्त परिणाम नहीं मिलते हैं! अपितु चर्बी युक्त मिलावटी तथा भैंसादि के घी से किए गए अनुष्ठानों से प्रेत्मात्माओं तथा नकारात्मक शक्तियों को पुष्टि मिलती है!"
देश के जाने-माने प्रखर विचारक-चिंतक श्रीराजपुरोहित ने इस विषय पर बेलाग व बेबाक स्वर में सनातन के शीर्ष साधु-संतो,आचार्यों एवं धार्मिक कर्मकांडिय विद्वानों से एक सर्वसम्मत मत घोषित करने की मांग की है!
तथ्य,तर्क व प्रमाण के साथ सनातन मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते रहे श्रीराजपुरोहित ने प्रश्न किया है कि" वर्तमान में सनातन धर्मवलम्बियों का करोड़ों-अरबों का धन,समय और श्रमशक्ति अनुष्ठानों में व्यय होकर भी अपेक्षित सकारात्मक परिणाम क्यों नहीं आ रहे हैं? अपितु ठीक विपरीत चंहूऔर मानव समाज एवं विश्व जगत में ईर्ष्या-द्वेष,वैमनस्य,आपाधापी, दूसरों के अधिकारों का अपहरण,अराजकता,आंतकवाद जैसी अमानवीय प्रवतियाँ लगातार बढ़ती ही जा रही है! आखिर इतने धार्मिक-अध्यात्मिक अनुष्ठानों के बाद भी यह विकट स्थितियां क्यों खड़ी है? श्रीराजपुरोहित कहते हैं कि "इस सनातन क्षति, गिरावट एवं अवमुल्यन के पीछे मूल कारण धार्मिक-आध्यात्मिक वैदिक अनुष्ठानों में वेदलक्षणा गोमाता के घी और पंचगव्य का उपयोग नहीं होना है!"
जनसंघ के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता श्रीराजपुरोहित तीन दिवसीय पंजाब प्रवास में अनेक साधु-संतो से मिलेंगे! देश के भक्ति रस के अग्रणी महापुरुष गोसेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य संत श्री कृष्णानंदजी महाराज 'भूरी वालों' के सानिध्य में कई सामाजिक,सांस्कृतिक,धार्मिक,
आध्यात्मिक और संकीर्तन कार्यक्रमों में भाग लेंगे!
पिछले तीन-चार दशकों से सनातन धर्म सम्बंधित कुरीतियों, सनातन विरोधी नीतियों,सनातन को कमजोर करने वाले तत्वों एवं सनातन समाज की समसामयिक ज्वलंत समस्याओं को पूरजोर से उठाते रहने वाले श्रीराजपुरोहित ने " हर हाल में सनातन वैदिक पूजा,आरती,दीपक, ज्योति एवं यज्ञादि अनुष्ठानों को शुद्ध वेदलक्षणा गोमाता के घी से सम्पन्न करवाने के लिए राष्टव्यापी अभियान का आह्वान किया है।
उन्होंने शीघ्र ही परम पूज्य सर्वश्री चारों शंकराचार्यों, देश के प्रमुख अखाडा परिषदों,महा मंडलेश्वरों,मठाधीसों,बड़े मंदिरों के पुजारियों और सनातन विद्वानों को विशेष पत्र लिखकर तथा प्रत्यक्ष मिलकर धार्मिक-आध्यत्मिक कार्यों में केवल और केवल भारतीय देशी गाय के घी एवं पंचगव्य का ही उपयोग करने में सहयोग व आशीर्वाद के प्रयासों में तेजी लाने की घोषणा की है!
विशेष घोषणा:
अग्रणी महान गोसेवक-गोभक्त जीवंट व्यक्तित्व-कृतित्व रुपी लाखों लोगों के आदर्श श्रीराजपुरोहित ने कहा कि "वेदलक्षणा गोमाता एवं उनके पंचगव्य की महिमा अपार है। गाय और पंचगव्य के बिना सनातन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। गोसंरक्षण,गोपालन,गोसंवर्धन तथा पंचगव्य परिषकरण व विनियोग से ही धर्म,मानव जाति,प्रकृति व पर्यावरण और सृष्टि सुरक्षित रह सकती है। गाय के बिना उन्नति,स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण की बात करना ही अर्थहीन है। वेदलक्षणा गाय बचेगी तो ही मानव,मानवता और सृष्टि बचेगी।"
बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का विशेष आयोजन
Aneeta Sharma on Friday 23rd January 2026 at 15:56 AM Regarding Basant Panchami
वीर हकीकत राय की शहादत को श्रद्धांजलि — अनिता शर्मा
लुधियाना: 23 जनवरी 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::
तक्षिला (TAKSHILA) करियर अकादमी, अगापी ग्लोबल में हुआ कार्यक्रम आयोजित जिसमें लोगों को याद दिलाया गया कि आज पैसे के युग में सिर्फ मां लक्ष्मी की पूजा की तरफ न ध्यान दें बल्कि मां सरस्वती को भी यद् रखें तभी मिलेगी असली सफलता।
नवकिरण महिला कल्याण एसोसिएशन भी इस विशेष आयोजन में शामिल हुई। इस सुअवसर पर वीर हकीकत राय की शहीदी को भी याद किया गया। धर्म के लिए दिए गए इस बलिदान को याद कृते हुए कहा गया कि इस बलिदान को याद रखने की आवश्यकता बहुत अधिक है।
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर नवकिरण महिला कल्याण एसोसिएशन की ओर से टाकशिला (TAKSHILA) करियर अकादमी, अगापी ग्लोबल में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ पारंपरिक सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व समाज सेविका एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़ी शख्सियत आर्किटेक्ट अनिता शर्मा ने किया। इस अवसर पर धर्म और सत्य की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर हकीकत राय की शहादत को भी गहरे सम्मान और श्रद्धा के साथ स्मरण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनिता शर्मा ने कहा,“बसंत पंचमी ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह पर्व समाज में नए विचारों, उत्साह और खुशियों के रंग भरने का संदेश देता है।”
उन्होंने युवाओं और महिलाओं से शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया।
इस कार्यक्रम में संस्था की सदस्य शोभिता, मनजीत, अमन सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं और मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।
Sunday, 18 January 2026
7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा 19 से श्रद्धा और आस्था से शुरू
Divya Jyoti Ldh Sunday 18th Jan.2026 at 3:53 PM Regarding श्रीमद्भागवत कथा//Shri Mad Bhagwat Katha
कथा के उपलक्ष्य में प्रथम संध्या फेरी का आयोजन भी हुआ
लुधियाना: 18 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक 32//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::
सर्दियां जा रही हैं। ठंडक तेज़ी से कम होती जा रहे है। इस लिए मौसम बसंत के रंगों और भावनाओं का अहसास करवाने लगा है। ऐसे में आध्यत्मिक रंग भी बहुत तेज़ी से प्रभावी होता है। इसी रंग का एक विशेष आयोजन 19 जनवरी से लुधियाना में हो रहा है।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 19 से 25 फरवरी 2026 तक सेक्टर 32 A, मार्केट ग्राउंड , बी.सी.एम स्कूल के सामने चंडीगढ़ रोड,लुधियाना में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा होने जा रही है जिसका समय प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगा। इसके उपलक्ष्य में जमालपुर , लुधियाना वासियों को कथा का निमंत्रण देने के लिए प्रथम संध्या फेरी का आयोजन किया गया। संध्या फेरी का शुभारंभ श्री विश्वनाथ मंदिर , जमालपुर से मंदिर कमेटी के चेयरमैन श्री जतिंदर मित्तल जी ,श्री पुरूषोत्तम मित्तल जी ( प्रधान) एवं कमेटी के अन्य सदस्यों द्वारा पावन पूजन एवं नारियल फोड़ कर किया गया। जिसमें श्री कृष्ण जी की महिमा का गुणगान करते हुए भक्तों ने वातावरण को कृष्णमयी बना दिया।
‘बंसी बजा के श्याम ने दीवाना कर है दिया, मेरी लगी श्याम संग प्रीत दुनिया क्या जाने...’ जैसे सुमधर भजनों के गायन से सारा क्षेत्र कृष्णमयी बन गया। इस अवसर पर श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री मीनाक्षी भारती जी ने कहा कि आपके क्षेत्र में 7 दिन तक चलने वाले श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती जी अपनी संत मंडली सहित पधार रही हैं।
वह आपको श्री कृष्ण जी की बाल लीलाओं में छिपे अध्यात्मिक रहस्यों को कथा रूप में वाचन कर के बहुत ही मधुर ढंग से बताएंगी कि कैसे हम अपने जीवन के लक्ष्य ईश्वर से मिल सकते हैं। कैसे हम अपनी समस्त चिंताओं को चिंतन में बदल सकते हैं।
ऐसे अध्यात्मिक विचारों को श्रवण करने के लिए हम आपको सपरिवार आने का निमंत्रण देने के लिए आये हैं। अत: आप सभी 19 से 25 फरवरी 2026 तक सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक अवश्य आएं और जीवन को सफल बनायें।
इस यादगारी सुअवसर पर क्षेत्र वासियों ने बढ़ चढ़ कर अपनी भागीदारी देकर प्रभु के चरणों मे अपनी हाजरी लगवाई ।श्री सनातन धर्म मंदिर के प्रधान श्री राजेन्द्र पाहवा जी,श्री पवन शर्मा जी,श्री हरसिमरजीत सिंह जी (लक्की एक्सपोर्ट), एवं श्री राजेन्द्र नारंग जी ने परिवार सहित संध्या फेरी का स्वागत किया।




