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Sunday, 3 May 2020

पूज्य श्री श्री आनंदमूर्ति जी का 99 वां आनंद पूर्णिमा दिवस 7 मई को

लॉक डाउन के चलते सभी मार्गी घरों में मनाएंगे जन्मोत्सव 
पुरुलिया: 2 मई 2020: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::
आनंद मार्ग के सौजन्य से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बार पूज्य गुरुदेव भगवान श्री श्री आनंदमूर्ति जी का 99 वां आनंद पूर्णिमा दिवस 7 मई 2020 को सभी मार्गी अपने अपने घर में मनाएंगे। यह फैसला कोरोना के चलते लॉक डाउन को देखते हुए लिया गया है। इस संबंध में पुरुलिया स्थित  केन्द्रीय कार्यालय:-आनन्द नगर प.बंगाल से आनंद मार्ग प्रचारक संघ ने सभी मार्गियों के नाम एक अपील भी जारी की है। इस अपील में कहा गया है:
प्रिय मार्गी भाइयों एवं बहनों 
नमस्कार।
आशा करता हूं बाबा के कृपा से आप सपरिवार स्वस्थ होंगे।
वर्तमान वैश्विक संकट कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न महामारी से निजात पाने के लिए जो लॉक डाउन लगाया गया उसी के मध्य नजर पूज्य गुरुदेव भगवान श्री श्री आनंदमूर्ति जी का 99 वां आनंद पूर्णिमा दिवस 7 मई 2020  को सभी मार्गी अपने अपने घर में ही मनाएंगे।
6 मई को ही संध्या में साधना स्थल को सजा लेंगे।
 कार्यक्रम इस प्रकार है :____ 
 सुबह 4:00 जाग जायें। 
  गुरु सकाश, शपथ स्मरण, उत्क्षेप मुद्रा, नित्य क्रिया, स्नान एवं सज-धज कर पोशाक पहनकर

 4 बजकर 50 मिनट तक अपने घर में जहाँ साधनास्थल तय किया है वहां पर ही परिवार के सभी सदस्य गण बैठकर प्रेम और निष्ठा से 

5:00 बजे 5:35 तक पाञ्चजन्य करें ।
पाञ्चजन्य के उपरांत 

5 बजकर 35 मिनट से लेकर 6:00 बजकर 7 मिनट तक आविर्भाव,  व आगमन के सम्बन्धित प्रभात संगीत गायन करें । 
जो लोग प्रभात संगीत नहीं जानते हैं वे 5 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 7 मिनट तक 
कीर्तन करते रहें। 

6 बजकर 7 में शंख ध्वनि करें और जहां शंख नहीं है वहां कोई भी वाद्य यंत्र जैसे थाली, ताली , झाल बजाकर जयघोष करें ।

 6:10 से 6: 20 तक प्रभात संगीत:- 1. तुमि जे एसे छो आज व्यथित जनेर कथा भाविते, 
2. तुमि एसे छो भालोबेसेछो मोरे विश्वे तोमार नय कोनो तुलना 3.आये हो तुम,आये हो तुम युगों के बाद प्यारे का गायन करें :

 तदोपरांत कीर्तन 6:20 से 6:35 तक और 

6:35 से 7:05 बजे तक आधे घंटे का सामूहिक साधना करें 

7:05 से 7:30 तक आनन्द वाणी पाठ और व्याख्या करें । आनंद वाणी पाठ के बाद सामूहिक रूप से आसन, कौशिकी एवं तांडव करने के बाद प्रसाद वितरण करें। हर्ष उल्लास के साथ स्वादिष्ट भोजन बनाकर पूरे परिवार मिलजुल कर भोजन करें। सेवा के रूप में कम से कम एक आदमी का भोजन(50रूपये) ,अधिक आपकी क्षमता पर निर्भर करता है, कोरोना रिलीफ ऑपरेशन चला रहे अपने भुक्ति कमिटी को 
सुपुर्द करें।
नाश्ता के उपरांत जीवन वेद एवं चर्याचर्य प्रथम भाग द्वितीय भाग एवं तृतीय भाग से प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम अवश्य करें।
दोपहर में सामूहिक साधना करने के बाद मिलित भोजन ग्रहण करें।

विशेष द्रष्टव्य :--- किन्हीं के परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक है या दृढ़ संकल्प शक्ति है तो तो वे 3 घंटे 6 घंटे का अखंड कीर्तन करने के लिए स्वतंत्र हैं।

            आपका ही
आचार्य सत्याश्रयानंद अवधूत
 केंद्रीय धर्म प्रचार सचिव
 आनंद मार्ग प्रचारक संघ