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Monday, 11 May 2026

भारत विकास परिषद ने टैगोर की जयंती मनाई

PK Shararma IPTA WhatsApp on 11th May 2026 at 21:35 for आराधना टाईमज़ 

 स्कूलों के छात्रों ने दिखाए अपनी कला के कमाल 

तस्वीर में विजेता विद्यार्थियों और अध्यापकों के साथ मुख्यातिथि अरूणा पुरी, डॉ बबीता जैन,
सुनीता चेतली,अनिक गर्ग, अरूण सूद, डॉ रोशन लाल गुप्ता, बिंदु शर्मा
लुधियाना: 11 मई 2026: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो):: 

श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जी की जयंती लुधियाना में भी मनाई गई। इस बार यह पहल भारत विकास परिषद् टैगोर शाखा लुधियाना ने करके दिखाई। नोबेल पुरस्कार से पुरस्कृत श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जयंती के उपलक्ष्य में पीएम श्री सससस स्कूल अयाली खुर्द , सरकारी स्कूल वीरमी, जीनियस पब्लिक स्कूल, श्री संत प्रेम दर्शानंद पब्लिक स्कूल के छात्र छात्राओं ने  टैगोर जी के व्यक्तित्व व कृतित्व आधारित क्विज एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की। 

इस यादगारी सुअवसर पर सीनियर और जूनियर आधारित 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के 30 विजेता छात्र छात्राओं को  पुरस्कृत करने और उनके प्रेरक अध्यापकों को सम्मानित करने के लिए भारत विकास परिषद् ट्रस्ट ऋषिनगर में समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि श्रीमती अरूणा पुरी रही और अध्यक्षता भाविप टैगोर शाखा प्रधान डा. बबीता जैन ने की। 

कार्यक्रम का शुभारंभ वंदेमातरम राष्ट्र गीत उच्चारण से हुआ। मंच संचालन शाखा महासचिव एडवोकेट अनिक गर्ग ने किया। सम्पर्क प्रकल्प प्रमुख सुनीता शर्मा ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। डॉ. बबीता जैन ने भारत विकास परिषद् के  नैतिक मूल्यों को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री रविन्द्र नाथ टैगोर जी के महान् व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा रचित कविता भी प्रस्तुत की गई। टैगोर साहिब की एक प्रसिद्ध अगर तुम हो शांति चाहते का हिंदी अनुवाद जहां मन बिना डर के उड़ सके, जहां ज्ञान की किरण सब पर बरसें सुनाई।  

मुख्यातिथि अरूण पुरी ने कहा इंसान हैं तो इंसानियत ज़रुरी है। विशिष्ट अतिथि सविता अग्रवाल ने योग की महत्ता बताई। पंजाब प्रांतीय सेवा प्रकल्प प्रमुख सुनीता चेतली ने टैगोर की तरह प्रकृति से प्रेम की बात कहते हुए पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया। 

सीनियर सदस्य डॉ रोशन लाल गुप्ता ने स्ट्रेस प्रबंधन सिखाया। शाखा कोषाध्यक्ष अरुण सूद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और स्टेशनरी प्रदान की गयी। प्रेरक अध्यापकों को पट्टिका पहना कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सदस्य बिंदु शर्मा,संजय महेश्वरी,विभिन्न स्कूलों के अध्यापक, प्रिंसिपल,संरक्षक विशेष रूप से पधारे

Monday, 16 February 2026

लुधियाना: आगामी सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा

Emailed on Monday 16th February 2026 at 5:45 PM Regarding Bhagwat Katha Week Event 
बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम और उसके दुष्प्रभावों पर होगी विशेष चर्चा

लुधियाना: 16 फरवरी 2026: (मीडिया लिंक रविंद्र/ /आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::


भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं संस्कृति मंच द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा का ऐलान आज नागपाल रीजेंसी होटल फिरोजपुर लुधियाना में आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया।

प्रेस वार्ता की अगुवाई संस्थान के प्रतिनिधि स्वामी गुरुकृपानंद जी संयोजक दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान लुधियाना , स्वामी प्रकाशानंद जी, साध्वी कपिला भारती जी, साध्वी मीनाक्षी भारती एवं साध्वी मनेंद्रा भारती जी ने संयुक्त रूप से की।

स्वामी गुरुकृपानंद जी ने बताया कि 19 से 25 फरवरी 2026 तक सेक्टर 32 A स्थित मार्किट ग्राउंड में यह विशाल श्री मद्भागवत कथा आयोजित होगी। प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाला यह कार्यक्रम निःशुल्क होगा व हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

कथा दौरान बच्चों के लिए विशेष सत्र
इस कथा का विशेष फोकस आधुनिकता की दौड़ में बच्चों के खेल कूद का मैदान अब मोबाइल फोन बनता जा रहा है, जो तनाव का मुख्य कारण बनता जा रहा है, इस विषय पर होगा।

बच्चों के लिए बढ़ते स्क्रीन टाइम और उसके दुष्प्रभावों पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित होगा।
स्वामी गुरुकृपानंद जी ने हेल्पलाइन नंबर 9814002124 जारी किया। जो स्कूल या बच्चों के अभिभावक इस नंबर पर रजिस्ट्रेशन करवाएंगे उनके लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित होगा।

साध्वी मनेंद्रा  भारती जी ने कहा सभी श्रद्धालुओं से शामिल होने होने का विशेष अनुरोध करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जीवनचरित हर आयु वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह कथा मन, विचार और जीवन को पवित्र करने का माध्यम है। उन्होंने सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने परिजनों और मित्रों के साथ इस आध्यात्मिक महोत्सव में अवश्य पधारें।

उन्होंने बताया कि विश्वविख्यात कथा व्यास साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती जी कथा का वाचन करेंगी। साध्वी जी देश-विदेश में अपने ज्ञान, वाणी और आध्यात्मिकता से लाखों लोगों को प्रेरित कर चुकी हैं। कथा के माध्यम से वह भगवान श्री कृष्ण के संदेशों को आधुनिक समाज की चुनौतियों—जैसे बच्चों में बढ़ती स्क्रीन टाइमिंग,नशा-निवारण, कन्या भ्रूण हत्या, नारी संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण—के संदर्भ में प्रस्तुत करेंगी।

17 फरवरी को निकलेगी 1100 महिलाओं की मंगल कलश यात्रा

साध्वी जी ने बताया कि कार्यक्रम से दो दिन पूर्व 17 फ़रवरी 2026 को 1100 महिलाओं की भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर सेक्टर 32 A,और 33 के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कथा स्थल तक पहुँचेगी। यह यात्रा विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द का संदेश देगी।

Sunday, 18 January 2026

7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा 19 से श्रद्धा और आस्था से शुरू

Divya Jyoti Ldh Sunday 18th Jan.2026 at 3:53 PM Regarding श्रीमद्भागवत कथा//Shri Mad Bhagwat Katha

कथा के उपलक्ष्य में प्रथम संध्या फेरी का आयोजन भी हुआ 


लुधियाना
: 18 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक 32//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

सर्दियां जा रही हैं। ठंडक तेज़ी से कम होती जा रहे है। इस लिए मौसम बसंत के रंगों और भावनाओं का अहसास करवाने लगा है। ऐसे में आध्यत्मिक रंग भी बहुत तेज़ी से प्रभावी होता है।  इसी रंग का एक विशेष आयोजन 19  जनवरी से लुधियाना में हो रहा है। 

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 19 से 25 फरवरी 2026 तक सेक्टर 32 A, मार्केट ग्राउंड , बी.सी.एम स्कूल के सामने चंडीगढ़ रोड,लुधियाना में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा होने जा रही है जिसका समय प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगा। इसके उपलक्ष्य में जमालपुर , लुधियाना वासियों को कथा का निमंत्रण देने के लिए प्रथम संध्या फेरी का आयोजन किया गया। संध्या फेरी का शुभारंभ श्री विश्वनाथ मंदिर , जमालपुर से मंदिर कमेटी के चेयरमैन श्री जतिंदर मित्तल जी ,श्री पुरूषोत्तम मित्तल जी ( प्रधान) एवं कमेटी के अन्य सदस्यों द्वारा पावन पूजन एवं नारियल फोड़ कर किया गया। जिसमें श्री कृष्ण जी की महिमा का गुणगान करते हुए भक्तों ने वातावरण को कृष्णमयी बना दिया।

‘बंसी बजा के श्याम ने दीवाना कर है दिया, मेरी लगी श्याम संग प्रीत दुनिया क्या जाने...’ जैसे सुमधर भजनों के गायन से  सारा क्षेत्र कृष्णमयी बन गया। इस अवसर पर श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री मीनाक्षी भारती जी ने कहा कि आपके क्षेत्र में 7 दिन तक चलने वाले श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती जी अपनी संत मंडली सहित पधार रही हैं। 

वह आपको श्री कृष्ण जी की बाल लीलाओं में छिपे अध्यात्मिक रहस्यों को कथा रूप में वाचन कर के बहुत ही मधुर ढंग से बताएंगी कि कैसे हम अपने जीवन के लक्ष्य ईश्वर से मिल सकते हैं। कैसे हम अपनी समस्त चिंताओं को चिंतन में बदल सकते हैं। 

ऐसे अध्यात्मिक विचारों को श्रवण करने के लिए हम आपको सपरिवार आने का निमंत्रण देने के लिए आये हैं। अत: आप सभी 19 से 25 फरवरी 2026 तक सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक अवश्य आएं और जीवन को सफल बनायें। 

इस यादगारी सुअवसर पर क्षेत्र वासियों ने बढ़ चढ़ कर अपनी भागीदारी देकर प्रभु के चरणों मे अपनी हाजरी लगवाई ।श्री सनातन धर्म मंदिर के प्रधान श्री राजेन्द्र पाहवा जी,श्री पवन शर्मा जी,श्री हरसिमरजीत सिंह जी (लक्की एक्सपोर्ट), एवं श्री राजेन्द्र नारंग जी ने परिवार सहित संध्या फेरी का स्वागत किया।


Wednesday, 17 December 2025

लुधियाना से अशोक भारती द्वारा कीर्तन आयोजन की रिपोर्ट


WhatsApp Ashok Bharti Ludhiana 17th December 2025 at 16:59 Kirtan Event  

मैंने मोहन को बुलाया है वह आता होगा......! पर झूमे भक्तजन 

लुधियाना: 17 दिसंबर 2025: (मीडिया लिंक टीम/ /आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

एक तरफ शीत लहर ज़ोरों पर है और दूसरी तरफ कलियुग का प्रकोप भी बढ़ा हुआ है। ऐसे में आध्यात्मिक कीर्तन ही हमरे समाज और दुनिया को अध्यात्म की तरफ आकर्षित करके लोगों को बचाए हुए है। यदि यह भी न होता तो लोगों के मन और विचार गिरावट की खाईयों में गिरने के लिए तैयार ही बैठे हैं। जीवन को ऊंचाई की तरफ लेजाने वाली कीर्तन की परंपरा लगता कहीं न कहीं जारी है। 

रामनगर हरगोविंद मार्ग रवि सेल्स कॉरपोरेशन के प्रांगण में भव्य संकीर्तन सभा का आयोजन किया गया! जिसकी अध्यक्षता श्री दंडी स्वामी महाराज वेदाचार्य श्री दंडी स्वामी निगम बोध तीर्थ महाराज ने की। उन्होंने ज्योति प्रचंड करके संकीर्तन सभा का शुभारंभ किया।  

संगत से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि आप भाग्यशाली है जो इस संकीर्तन सभा में बैठे हैं वरना आजकल तो लोग टीवी सिनेमा इत्यादि कार्यों में व्यस्त रहते हैं। विश्व प्रसिद्ध भजन गायिका बहन पूर्णिमा यादव ने अपने सुंदर-सुंदर भजनों द्वारा पंडाल में बैठी संगत को राधा रानी कह कर बिहारी जी के साथ जोड़ने का प्रयास किया। 

भजनों के गायन में एक जादू सा छाया हुआ था। उन्होंने राधे किशोरी दया करो, अलबेली सरकार दूर करो हर बाधा, राधा रानी सरकार मोहे प्यारा लगे तेरो बरसाना, मुझे रास आ गया है तेरे दर पर सर झुकाना, नी मैं कमली यार दी कमली, मैंने मोहन को बुलाया है वह आता होगा इत्यादि भजनों द्वारा इस शाम को बहुत ही हसीन बनाया। प्रोग्राम यधारी बना रहा। 

इस अवसर पर गुप्ता परिवार की ओर से बिहारी जी को 56 भोग अर्पित किए गए वह आई हुई संगत को लंगर वितरित किया गया। इस संकीर्तन सभा का आनंद उठाने वालों में सुदेश कुमार गुप्ता, उषा रानी, रविंदर गुप्ता, सविता रानी, दीपक गर्ग, अमित गुप्ता,विनोद अग्रवाल, बृजबाला, हरीश कुमार,कपिल कुमार,अनू भारती, रमन अग्रवाल, रोहन अग्रवाल,पंकज मित्तल,सुनील मित्तल इत्यादि भी शामिल रहे। भक्तों ने बहुत बड़ी संख्या में इस कीर्तन का रसपान किया

Tuesday, 16 December 2025

ओशो का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया

 WhatsApp Ashok Bharti Ludhiana Tuesday16th December 2025 at 16:44 Osho  Birthday Event  

ओशो उत्सव और उत्साह का संदेश देते हैं 


लुधियाना
: 16 दिसंबर 2025: (मीडिया लिंक टीम//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

ओशो उत्सव लुधियाना में भी छाया रहा। ओशो उत्सव लुधियाना द्वारा आचार्य रजनीश ओशो का जन्म दिवस बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाया गया। ओशो का ध्यान आते ही अब मन में उत्सव का ही ख्याल आता है। इस मौके पर ओशो प्रेमी बढ़चढ़ कर एकत्र हुए। 

स्वामी मनोज प्रीत ने बताया कि भजन कीर्तन ओशो के प्रवचन और ओम के ध्यान द्वारा सभी श्रद्धालु आनंदित हुए ओशो द्वारा दी गई ध्यान विधियां मानव मन को एकाग्र व शांत करती है क्योंकि आज के अवसाद भरे जीवन में तनाव रहित होने के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है।  

स्वामी अशोक भारती ने कहा कि ओशो ने हमें जीने का सलीका बताया है ओशो जीवन उदेशना का एक परिपक्व स्तंभ है जिसकी आज हमारे समाज को अति आवश्यकता है। 

इस यादगारी आयोजन में पहुंचे सभी सन्यासी ध्यान बरखा से आनंदित हुए और उन्होंने एक दूसरे का हार्दिक धन्यवाद भी किया।  

कनाडा से पहुंची मां चन्नी ने कहा ध्यान कक्षा हमें आत्मिक सुख प्रदान करती है।  

स्वामी आरिफ ने बताया कि ओशो उत्सव लुधियाना सदैव समाज में प्रेम और ध्यान प्रति अग्रसर कक्षाएं आयोजित करने का प्रयास करती है इस अवसर पर स्वामी सतनाम सिंह, स्वामी मनोज प्रीत, स्वामी अशोक भारती, स्वामी रमेश चौहान, स्वामी गोपाल बत्रा, स्वामी महेश्वरी इत्यादि मित्रों ने उत्सव का आनंद उठाया। 

जन्मदिवस पर हुए आयोजन के बाद ज़िंदगी सभी समस्यायों का सामना हंसी और उत्सव वाले मूड में करते हुए सभी ओशो प्रेमी विदा हुए।  

Thursday, 11 December 2025

नियमित ध्यान से संभव है समस्त रोगों का निवारण:स्वामी आनंद सिद्धार्थ

WhatsApp On  Thursday 11th December 2025 at 10:13 From Ashok Bharti 

ओशो के जन्मदिवस पर हुआ विशेष आयोजन 


लुधियाना: 11 दिसंबर २०२५:  (मीडिया लिंक 32/ /आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

ओशो मेडिटेशन लवर परिवार द्वारा एक दिवसीय ध्यान शिवर आयोजन  बहुत ही धूमधाम के साथ ओशो के विशेष दूत स्वामी  आनंद सिद्धार्थ (डॉक्टर रवींद्र सेठ) की  अध्यक्षता में बहुत ही धूमधाम से महानगर के एक रिजॉर्ट्स में  किया गया। जिसमें पंजाब के दूर-दूर मोहाली,चंडीगढ़ लुधियाना ब राजपुरा इत्यादि से आए  मित्रों ने शिविर का आनंद लिया। स्वामी सिद्धार्थ ने विशेष रूप से ओशो द्वारा रचित ध्यान विधियां वार्डो, ज़िबारिश, नादब्रह्म,लाफ्टर ध्यान,विपासना,गोल्डन फ्लावर नाइट ध्यान इत्यादि विस्तार पूर्वक समझाते हुए बताया कि इन ध्यान वीडियो को करने से हमें क्या-क्या लाभ हो सकता है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित ध्यान करने से हम सभी प्रकार के रोगों से बच सकते हैं।इस शिविर में स्वामी जगदीश सदाना,स्वामी गुरचरण नारंग,स्वामी मनजीत सिंह,स्वामी अशोक भारती,योग गुरु स्वामी राजिंदर धरवाल,अतुल जैन,स्वामी आकाश वर्मा,स्वामी विजय जिंदल,सतनाम सिंह,मनजीत कौर,संभव जैन,स्वामी मनु समयाल,स्वामी शाम शर्मा,स्वामी प्रदीप इत्यादि ने शिविर का आनंद लिया।

तस्वीरें,  समाचार और अन्य विवरण अशोक भारतीय के सौंजन्य से। 

Monday, 28 July 2025

एक दिवसीय गुरबाणी कीर्तन के आयोजन में विशेष प्रवचन

Received From DJJS Ludhiana on 28th July 2025 at 3:41 PM

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का लुधियाना में एक और यादगारी कार्यक्रम 


लुधियाना: 28 जुलाई 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने अपने स्थानीय आश्रम हरनामपुरा में एक दिवसीय गुरबाणी कीर्तन का आयोजन किया जिसमें श्री आशुतोष महाराज जी के सेवक गुरुमुख भाई विष्णुदेवानंद जी ने कहा कि हमारे महापुरुष कहते हैं कि बेशक वो ईश्वर सर्वव्यापी है, परन्तु जिसने भी उसे देखा है,  अपने भीतर से देखा है क्योंकि यह शरीर ही ईश्वर का मंदिर है। जो कुछ हम बाहर देखते हैं या जहाँ हम अनंत जन्म लेने के बाद भी नहीं पहुँच सकते, उसे अपने भीतर ही देखा जा सकता है। 

हमारे महापुरुष कहते हैं कि यदि कोई वास्तविक मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद है, तो वह शरीर है। मनुष्य स्वयं बाहरी मंदिर आदि बनाता है, परन्तु यह शरीर रूपी मंदिर स्वयं ईश्वर ने बनाया है। जिसने भी इस मंदिर के भीतर खोजा है, वह निराश नहीं हुआ। 

ईश्वर को खोजने के लिए हम इस शरीर से जितना दूर जाएंगे, वो हमसे उतना ही दूर होते जाएंगे। जैसा कि महापुरुष कहते हैं कि जब एक बच्चा माँ के गर्भ में होता है, तो वह ईश्वर से जुड़ा होता है। उसे ईश्वर के दर्शन हो रहे होते हैं। 

जब वह बच्चा जन्म लेता है, तो उसका ध्यान टूट जाता है। जब उसकी आँखें खुलती हैं, तो वह अपनी माँ को देखता है, फिर अपने भाई-बहनों को, घर के दूसरे लोगों को, मोहल्ले को, शहर को, देश को, विदेश को, इस तरह वह और दूर होता जाता है। इसलिए अगर हमें उस ईश्वर से मिलना है, तो वह बाहर नहीं, हमारे भीतर ही है।

गुरुमुख भाई ने कहा कि अगर हम चाहें कि हमें इस शरीर रूपी मंदिर में उस ईश्वर के दर्शन अपने आप हो जाएं तो यह असंभव है। हमारे धार्मिक शास्त्र कहते हैं कि इसके लिए हमें एक पूर्ण गुरु की शरण लेनी होगी, जो हमारे मस्तक पर  हाथ रखकर हमें अपने इस शरीर रूपी मंदिर में प्रवेश करवा दे। उसके बाद ही हमें ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं, उससे पहले नहीं।

Sunday, 29 June 2025

मठपति जगदीपा भारती ने बताए ब्रह्मज्ञान

From Divya Jyoti Jagrati Sansthan on Sunday 29th June 2025 at 3:40 PM by Email 

 ब्रह्मज्ञान से आन्त्रिक परिवर्तन संभव-जगदीपा भारती 


लुधियाना
: 29 जून 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह/ /आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

बाहर का जीवन एक बिलकुल ही अलग सा घटनाक्रम है। जन्म से लेकर मृत्यु तक बहुत से अनुभव होते हैं। कुछ याद रहते हैं और कुछ भूल जाते हैं। दूसरी तरफ अंतर्मन की दुनिया बिलकुल ही अलग सी होती है। इस दुनिया में भी इंसान या तो ऊंचाई की तरफ जाता है और या फिर गिरावट की तरफ भी जा सकता है। इसके रहस्य और रास्ते आम तौर पर सभी को पता नहीं लगते। इन जहां रहस्यों की झलक दिखाती हैं दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की मठपति जगदीप भारती। 

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा स्थानीय आश्रम कैलाश नगर में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित भक्तों को दर्शन देते हुए श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य मठपति जगदीपा भारती जी ने कहा कि अंतरात्मा हर व्यक्ति पवित्र है, दिव्य है। यहाँ तक कि दुष्ट से दुष्ट मनुष्य की भी। आवश्यकता केवल इस बात की है कि उसके विकार विकार मन का परिचय उसके इस शिष्य, सात्विक आत्मस्वरूप से गृहस्थ जाए।
यह बाहरी टूल से परिचय संभव नहीं है। केवल 'ब्रह्मज्ञान' की प्रदीप्त अग्नि ही व्यक्ति के हर मानदंड को प्रकाशित कर सकती है। यही नहीं, मनुष्य के नीचे उतरने की दिशा में 'ब्रह्मज्ञान' की सहायता से ऊर्ध्वमुखी या ऊंचे शिखर की दिशा में मोड़ा जा सकता है। इससे वह एक उपयुक्त व्यक्ति और सच्चा नागरिक बन सकता है।
'ब्रह्मज्ञान' प्राप्त करने के बाद ध्यान-साधना करने से हमारे गुणधर्म दिव्य कर्मों में बदल जाते हैं। हमारा व्यक्तित्व का अंधकारमय पक्ष दूर होना प्रतीत होता है। विचार में सकारात्मक परिवर्तन एक प्रतीत होता है और नकारात्मक प्रवृत्तियाँ दूर होती हैं। अच्छे और सकारात्मक गुणों का प्रभाव आपके लिए असमान वृद्धि प्रतीत होता है। धारणाओं, भ्रांतियों और नकारात्मक प्रभावों में उलझा हुआ मन आत्मा में स्थित होने लगता है। वह अपने उन्नत स्वभाव अर्थात समत्व, संतुलन और शांति की दिशा में उत्तरोत्तर बढ़ रही है। यही 'ब्रह्मज्ञान' की सुधारवादी प्रक्रिया है।

यदि हम जीवन का यह वास्तविक तत्त्व अर्थात 'ब्रह्मज्ञान' प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमें शिष्य सद्गुरु की शरण में जाना होगा। वे आपके 'दिव्यनेत्र' को खोल कर, ब्रह्मधाम तक ले जा सकते हैं, जहां मुक्ति और आनंद का साम्राज्य है। सच तो यह है कि हमारा एक ही उपकरण है, लेकिन उसका अनुभव हमें केवल एक युक्ति द्वारा ही हो सकता है, जो पूर्ण गुरु की कृपा से ही प्राप्त होता है।

कार्यक्रम के अंत में अनाथ मैत्रेयी भारती जी ने सुमधुर भजनों का गायन किया। इसका भी एक अलौकिक सा आनंद था। अच्छा हो अगर आप भी इसे स्वयं महसूस करने के लिए इस सतसंग में शामिल हों। 

Friday, 22 December 2023

एस्ट्रोलॉजर इंदरप्रीत सिंह खुराना को मिला "राष्ट्र धर्म प्रहरी सम्मान" .

22nd December 2023 at 08:12 AM 

सहारनपुर में हुआ विशेष संत-सम्मेलन का  आयोजन 

श्री बाला जी सेना (भारत) तथा केसरिया जाग्रति वाहिनी के राष्ट्रीय सलाहकार भी हैं श्री खुराना 

प्रसिद्ध समाज सेवक होने के साथ साथ विश्वविख्यात ज्योतिषी होने का भी दावा 

संत श्री कमल किशोर जी ने करवाया सहारनपुर उत्तर प्रदेश में महा संत सम्मेलन

इस सम्मेलन में हुई  वेद, प्राच्या विद्या, आयुर्वेद एवं ज्योतिष की परिचर्चा


सहारनपुर
: (उत्तर प्रदेश):22 दिसंबर 2023: (
आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

धर्मकर्म और इससे जुडी अन्य विद्याओं को लेकर आयोजनों का सिलसिला जारी है। इसी तरह का एक सम्मेलन सहारन पुर में भी करवाया गया। मुख्य आयोजक आचार्य महा मंडलेश्वर पूजनीय संत श्री कमल किशोर जी महाराज दिव्या शक्ति अखाडा ट्रस्ट (पंजी.) थे। उन्होंने श्री राजन स्वामी जी के साथ मिल कर तीन दिवसीय निशुल्क वेद प्राच्या विद्या एवं संत सम्मेलन का आयोजन 15 ,16 ,17 दिसंबर 2023 को श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ ट्रस्ट नकुड़ रोड ,सरसावा, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में करवाया।

इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में पुरे भारत से 200 से ज्यादा ज्योतिषी, आयुर्वेदिक डॉक्टर,समाज सेवक, संत समाज से संत महा पुरुष ,महा मंडलेश्वर ,धार्मिक ,धर्म ,ज्योतिष , आयुर्वेद ,ज्ञान चर्चा ,महा संत सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर धर्म,सामाजिक ,राजनितिक , ज्योतिष के छेत्र में कार्य सेवाएं देने के लिए पंजाब के लुधियाना  शहर के रहने वाले जानेमाने ज्योतिषी व् प्रसिद्ध समाज सेवक इंदरप्रीत सिंह खुराना को " राष्ट्र धर्म प्रहरी सम्मान" दे कर सम्मानित किया गया। 

 इस सम्मान में अंगवस्त्र ,ज्योतिष की किताबों का खास पुरस्कार, सर्टिफिकेट,फूल माला,और बहुत से उपहार दे कर सम्मानित किया गया। गौर तलब है कि इस वक़्त खुराना जी श्री बाला जी सेना (भारत) बरेली उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय सलाहकार, केसरिया जाग्रति वाहिनी भोपाल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय सलाहकार,पंच तत्व स्पिरिचुअल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट कुरुक्षेत्र हरियाणा के राष्ट्रीय सलाहकार, नक्षत्रा 27 रिसर्च सेंटर फॉर एस्ट्रोजिकल साइंस चंडीगढ़ के राष्ट्रीय सलाहकार और वयोम इंटरनेशनल ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेशनल सलाहकार के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे है। 

इस धार्मिक महा संतसम्मेलन में अनंत विभूषित महंत श्री रविन्दरपुरी महाराज तथा बाबा निरंजन नाथ अवधूत  मुख्या मेहमान के तौर पर सब विद्वानों को आशीर्वाद व् सम्मान देने के लिए इस धार्मिक आयोजन में खास तोर पर शामिल हुए।  इस अवसर पर खुराना के साथ उनके सभी साथिओ को भी सम्मानित किया गया जिनमें आचार्य जगदीश वेदी कोटा राजस्थान,राजीव बंसल जीरकपुर,मनोज गुप्ता दिल्ली, एडवोकेट ऋतू सूद चंडीगढ़, प्रसिद्ध समाज सेवक व् भारतीय जनता पार्टी की सीनियर लीडर आदरणीय यशोधा कोश्यारी चंडीगढ़, कोमल आसरा दिल्ली, अर्चना कपूर पंचकूला हरियाणा,आचार्य महेश जैन दिल्ली, एडवोकेट सुनील त्रिपाठी राजस्थान, करनैल सिंह कँवल पटिआला ,नलिन कुमार जोशी जी मुम्बई सबको विशेष तोर पर सम्मानित किया गया। 

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Sunday, 3 December 2023

दिव्य जयोति जाग्रति संस्थान की तरफ से हरनाम पूरा में विशेष आयोजन

Sunday 3rd December 2023 at 4:00 PM

साध्वी सुश्री राजविद्या भारती ने सुनाई मनुष्य की करुण दास्तान 


लुधियाना
: 3 दिसंबर 2023: (कार्तिका कल्याणी सिंह//आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

समाज को जागरूक और आध्यात्मिक  बनाए रखने के लिए जो संगठन सक्रिय हैं उनमें दिव्य जयोति जाग्रति संस्थान भी है। की तरफ से लगातार धार्मिक भजन संगीत के कार्यक्रम किए जाते हैं। इसी तरह का एक और प्रोग्राम हरनामपुरा आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस आयोजन में  सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की  शिष्या साध्वी सुश्री राजविद्या भारती जी ने मनुष्य की लगातार सुख के पीछे लगी हुई दौड़ के विषय में अपने विचार रखे। 

साध्वी जी ने कहा की जन्म से मृत्यु तक बचपन से बुढ़ापे तक एक दौर निरंतर चलता रहता है सुख को पाने का। मनुष्य अपना पूरा प्रयास करता है एक-एक सुख के तिनके को इकट्ठा करने के लिए।संपूर्ण शक्ति और कीमती समय सुख के तिनके के लिए खर्च होता है  पर सुख के इस तिनके की तलाश में वह कहीं दूर ही  चला गया,किसी और ही दिशा में पहुँच गया। किसी और ही उलझन को बुनता चला गया। धीरे-धीरे यह जाल इतना विशाल हो गया कि उसको कहीं  छोर  दिखाई नहीं  दे रहा। 

सुख के तिनके की लालसा उसके जीवन में ढेरों दुखों को निमंत्रण देने लगी है ।   कैसा आश्चर्य है? पाने की आकांक्षा कुछ और थी, परंतु प्राप्ति कुछ और की हो जाती है। आखिर इसके पीछे कारण क्या है?  उन्होंने कहा  कि इसका कारण और निवारण हमें तुलसीदास जी द्वारा रचित ज्ञानदीपक प्रसंग से स्पष्ट होता है। वे इस प्रसंग में लिखते हैं कि अगर एक मनुष्य अंधेरे कमरे में एक गांठ को सुलझाना चाहे, तो क्या होगा? वह उस गांठ को सुलझाने की बजाय उसे और अधिक उलझा देगा। वह गांठ उस अंधकार में कभी सुलझ ना पाएगी। 

परंतु यदि उस कमरे में दीप जला दिया जाए, तो उस दीपक के प्रकाश में मनुष्य गांठ को शीघ्र ही सुलझा पाएगा।  इसी प्रकार मनुष्य भी आज अज्ञानता रूपी अंधकार में विचरण कर रहा है। इसलिए आवश्यकता है, दीप जलाने की अर्थात् प्रकाश करने की। जब तक उसके हृदय में ज्ञान का दीपक प्रज्वलित नहीं होगा, तब तक मनुष्य दुखों का अधिकारी रहेगा। परंतु यह ज्ञान  का बीज केवल मात्र एक पूर्ण गुरु ही जीव के अंदर रोपित कर सकते हैं।

Sunday, 7 May 2023

नास्तिक भाई रमेश के आस्तिक भाई मनमोहन कौशल को याद करते हुए

विचारधारक अंतरालों में एक पुल की तरह थे मनमोहन कौशल 

लुधियाना: 6 मई 2023: (रेक्टर कथूरिया//आराधना टाईम्ज़)::

मनमोहन कृष्ण अब स्वर्गीय हो गए हैं।
गत 27 अप्रैल 2023 को उनका निधन हो गया। याद आ रहा है वो समय जब वह इसी दुनिया के थे और इसी दुनिया में थे। रमेश कौशल ज़्यादातर जालंधर में होते या फिर पार्टी के कार्यों में जहां भी डयूटी लग जाए। 

उन दिनों सी पी आई एम की सरगर्मियां भी बहुत ज़यादा हुआ करती थीं। इसी बीच रमेश कौशल वाम सियासत में लगातार सक्रिय होते चले गए और साथ ही पत्रकारिता में भी। राजनीति में बहुत से झमेले रहते हैं सो रमेश जी भी बेहद व्यस्त रहते। इसके साथ लिखने पढ़ने का जो लगाव था उसके चलते भी किसी न किसी किताब की खोज में रहते या फिर जहां अध्यन करते रहते। 

पंजाब में आतंकवाद ने ज़ोर पकड़ा तो मुश्किलें और भी बढ़ गईं। कई बार हम कुछ मित्र उस तरफ से निकलते तो सोचते रमेश जी के घर से हो कर जाएं। बहुत बार ऐसा होता रमेश जी घर पर नहीं होते। स्वर्गीय माता जी के दर्शन करते उनके  और वापिसी के लिए निकलने लगते तो रास्ते में रमेश जी के बड़े भाई मनमोहन कौशल रास्ता रोक लेते। हाथ मिलाते मिलाते  हाथ कस कर पकड़ लेते और कहते जलपान के बिना कैसे जा सकते हैं आप!

जलपान के लिए उनका अंदाज़ इतना ज़ोरदार रहता कि इनकार करने की कोई गुंजायश ही न बचती। वह  हमें अपने ड्राइंग  रूम में ले जाते और सरे परिवार से एक बार फिर मिलवाते। सभी से कहते रमेश के दोस्त आए हैं। उनका परिवार भी हमें मुस्कराहट से मिलता। रमेश के भाभी जी भी और बच्चे भी। झट से चाय या कॉफी आ जाती साथ ही कई तरह के मिष्ठान और नमकीन भी। 

कामरेड रमेश शुरू से ही पूरी तरह से नास्तिक थे और दूसरी तरफ मनमोहन जी आस्तिक थे लेकिन विचारों का यह अंतर कभी भी उनकी ज़ुबान पर न आया। वह वाम सियासत पर भी बात करते और दूसरी सियासी पार्टियों पर भी लेकिन पारिवारिक मधुरता हमेशां बनी रहती। मनमोहन जी ने अपने जीवन काल में भागवत गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों का भी गहन अध्ययन भी किया था। इसी अध्ययन के आधार पर उन्होंने बहुत से भजन भी लिखे और अन्य धार्मिक रचनाएं भी। बहुत सी रचनाओं के लिए उन्होंने गहन  खोज भी की। उनकी रचनाएं बहुत लोकप्रिय भी हुईं। 

वह एक ऐसी शख्सियत थे जो रमेश जी की नास्तिक सोच, विचारक स्वतंत्रता का सम्मान भी करते थे और स्वयं बिलकुल ही दुसरे ध्रुव पर खड़े हो कर अपने विचारों की रक्षा भी करते थे। कहा जा सकता है कि वह आस्तिकता और नास्तिकता के दरम्यान एक पल की तरह था। उनके पास बैठते हुए कभी पता न चलता कि कहां से नास्तिकता शुरू होती और कहां पर आस्तिकता अपना प्रभाव दिखाने लगती। रोज़ी रोटी के लिए उन्होंने अध्यापन के क्षेत्र को चुना था। वह हैड मास्टर के तौर पर रिटायर हुए थे। 

इसी तरह उम्र के 87 बरस गुज़र गए। बिंद्राबन रोड पर इस्कॉन मंदिर के बिलकुल नज़दीक से निकलती हुई भंडारी स्ट्रीट का ज़रा सा ख्याल भी आता मन चाहता उनसे मिल कर चलें। रमेश जी की तरह हमें उनसे भी मित्रता भरा प्रेम हो ही गया था। दोनों भाईओं में प्रेम और भाईचारा लम्बे समय तक एक हकीकत की तरह रहा। जब रमेश कौशल ने सीपीआई से जुडी सक्रिय महिला नेता जीत कुमारी से विवाह किया तो उसका विरोध करने वालों में रमेश जी का परिवार भी शामिल था लेकिन भाई मनमोहन जी ने रमेश जी का साथ दिया। कामरेड जीत कुमारी को अपने जेठ मनमोहन कौशल जी की सब बातें आज भी याद हैं। आज भी जीत कुमारी की ऑंखें उन्हें याद करते हुए भीग जाती हैं। 

फिर एक ऐसा समय भी आया जब मतभेद ज़्यादा उभरने लगे। कभी कभी ऐसा कुछ तकरीबन सभी घरों में होने लगता है सो कौशल परिवार में भी हुआ। घर में एक दीवार खड़ी हो गई। घर के बड़े गेट की बजाए दो दरवाज़े रमेश जी भी उदास थे और मनमोहन जी भी। दीवार होने के बाद हम लोगों का आना जाना भी कम होता गया। हम रमेश जी से  मिलते और लौट पड़ते। कभी सोच भी न पाए कि मनमोहन जी एक दिन अदृश्य हो जाएंगे। केवल उनकी यादें ही शेष रह जाएंगी। 

अब जबकि मनमोहन जी नहीं रहे तो यह उदास खबर भी साथी रमेश कौशल जी से ही मिली। वह भी देर तक मनमोहन जी की ज़िंदगी के पड़ावों को याद करते रहे-याद दिलाते रहे। वास्तव में ऐसे लोग केवल परिवार ही नहीं समाज के लिए भी एक लोह स्तंभ की तरह होते हैं जिन पर हमारा सिस्टम स्थिरता से टिका भी रहता है और सुचारु रूप से चलता भी रहता है। जब इस तरह का कोई स्तंभ गिरता है तो क्षति किसी एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की होती है। 

उनकी स्मृति में रस्म क्रिया और श्रद्धांजलि आयोजन सात मई को कैलाश सिनेमा चौक के नज़दीक पिंडी दयाल धर्मशाला में दोपहर को एक से दो बजे तक होना है। पिंडी दयाल धर्मशाला को कपूर धर्मशाला के तौर पर भी जाना जाता है। उनकी स्मृति में एकत्र होने वाले उनक यादों को फिर से तय करेंगें जिससे परिवार को उनके बिछड़ने का गम सहन करने में सहायता मिलेगी। आप भी ज़रूर आइए। इससे उनकी गैरमौजूदगी में उनकी मौजूदगी का अहसास और भी शिद्दत से महसूस होगा। 

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Monday, 10 April 2023

क्या आर्थिक बराबरी के बिना कारगर होंगें आनंद उत्सव के गुर?

श्री दुर्गा माता मंदिर में बताए गए आनंद के गुर और रास्ते 
लुधियाना: 10 अप्रैल 2023: (रेक्टर कथूरिया//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::
महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अमन कानून इत्यादि बहुत सी समस्याएं हैं जिनके चलते आम इंसान का जीना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। गरीब और माध्यम वर्ग सबसे अधिक दुःख में है। खर्चे बढ़ते जा रहे हैं और आमदन काम होती जा रही है। इनकी मुसीबतों का अनुमान लगाना बेहद नामुमकिन जैसा ही है। मल्टीनेशनल  कंपनीओं के माया जाल ने इन लोगों को बुरी तरह चक्रव्यूह में फांस रखा है। शायद ही कोई घर परिवार हो जिसने कर्ज़ा न ले रखा हो। क़र्ज़ की किस्तों, कारोबार के झमेलों और परिवार की ज़िम्मेदारियों तले दबे हुए इन लोगों के लिए सुख सुविधा और आनंद एक सपने की बात बन कर रह गए हैं। ज़िंदगी बोझ और सज़ा लगती है। पूछने पर ऑंखें भर आती हैं और कहते हैं किसी तरह जून कट जाए। कृष्ण बिहारी नूर साहिब की पंक्तियाँ याद आती हैं:
ज़िंदगी से बड़ी सज़ा ही नहीं:और क्या जुर्म है पता ही नहीं! 

दूसरी तरफ अमीर वर्ग के भी अपने दुःख हैं। तिजोरियां कैसे और भरी जाएं। पर्तिस्पर्धा में दूसरों के कारोबारी संतानों का टेकओवर कैसे किया जाए जैसी बहुत सी चिंताएं उन्हें भी घेरि रखती हैं। नई फैक्ट्रियां कैसे खोली जाएं? नई ज़मीनें और बंगले कैसे बनाए जाएं? मीडिया में एक विवरण आया था कि एक बहुत बड़े अमीर की टॉयलेट सीट भी सोने की बानी हुई है लेकिन फिर भी उसे पैसे कमाने की होड़ से फ़ुरसत नहीं है। इस तरह इन अमीर लोगों के पास हर सुख सुविधा तो है लेकिन आनंद  बिलकुल भी नहीं है। इनको सपने भी केवल पैसा कमाने के ही आते हैं। पैसा कमाने की दौड़ ने इन्हें पागल कर रखा है। अमीर, गरीब और मध्यवर्ग से सबंधित इन तीनों वर्गों के इलावा राजनीति से जुड़े लोगों का भी एक वर्ग है जिसे इन सबसे अधिक चिंताएं हैं। अनगिनत किस्म के जोड़तोड़ हर पर दिल दिमाग में घुमते रहते हैं। 

धर्मकर्म से जुड़े वर्ग भी अपनी चिंताओं में हैं। सोशल मीडिया में अधिक से अधिक चर्चा और चढ़ावे  की बातें उनकी शांति को भी भंग किए रखती हैं। इससे से भी अधिक शोषित और चींटी वर्ग मीडिया से जुड़े लोगों का है। हर पल देश और दुनिया की चिंता जिस के चक्कर में अपने घर बार की दाल रोटी का प्रबंध भी भूल जाता है। कुल मिलकर हर वर्ग दुःख की चक्की में पिस रहा है। 

इस तरह बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास सब कुछ है लेकिन आनंद की ज़रा से भी झलक नहीं हैं। ऐसे लोगों को आनंद का रास्ता बताने के लिए एक विशेष आयोजन जगराओं पुल  लुधियाना के नज़दीक स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में हुआ।

इन सभी की चिंता की जानेमाने समाज सेवी कुंवर रंजन सिंह ने जो किसी समय थिएटर और फिल्म जगत से भी जुड़े रहे। बाद में खुल कर सियासत में आ गए। बहुत देर वाम और कांग्रेस के साथ भी रहे। एना हज़ारे आंदोलन को भी बहुत सक्रिय हो कर नज़दीक से देखा। फिर इन्हें लगा कि बेचारे आम लोगों को नारेबाजी के सिवा कुछ नहीं  मिल रहा। मिल तो कुछ वहीं से सकता है जिसके खज़ाने में कुछ हो। कुछ हिम्मत की नाज़ा सोचा। कुछ बातें भी तय हुई और खुल कर बी जे पी के हो गए। वाम वालों के साथ रह कर भी कुंवर रंजन साहिब को धर्मकर्म याद था और अब उसकी यादें और शिद्द्त से आने लगी हैं। कला और साहित्य पर उनकी कमांड पहले से ही है। 

श्री दुर्गा माता मंदिर में हुए आयोजन के सबसे अधिक सक्रिय और गतिशील प्रबंधक कुंवर रंजन ही थे। बीजेपी से जुडी नेत्री राशि अग्रवाल भी वहां मौजूद रहीं और हर वक्त का एक एक शब्द बहुत ध्यान से सुना। भारती सचदेवा सहित कुछ और वक्त भी थे जिन्होंने बहुत ही मधुर अंदाज़ में अपने विचार रखे और वहां मौजूद श्रोतायों//दर्शकों को आनंद लेने के गुर भी समझाए। हाल में मंदिर की घंटियां बीच बीच में बज उठतीं थी और कभी कभी शंख की आवाज़ भी गूंजने लगती लेकिन कुल मिलकर आनंद के सूत्र बहुत गहनता से समझे जा रहे थे। मंच से जानीमानी एंकर कमलेश गुप्ता इस सारे आयोजन का संचालन बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ में कर रहीं थी। रेडियों और टीवी की दुनिया का अनुभव उनके अंदाज़ को हरा आयोजन में एक नया रूप देता है। आनंदमय जीवन के गुर बताने वाले इस आयोजन में कई प्रमुख वक्त थे और उनकी अनमोल बातें भी। 

"आनन्दमय जीवन की और .. " दो दिवसीय सेमिनार ने छोड़ा श्रोताओं के दिलो दिमाग पर अमिट छाप।श्री दुर्गा माता मन्दिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमिनार भारी उत्साह एवं सकारात्मकता के फ़ैलाव के साथ सम्पन्न हुआ. शहर के प्रबुद्ध जनों मे चारों ओर इसकी चर्चा आम हो रही है. सभी वक्ताओं ने सेमिनार के मुख्य बिन्दु  स्वस्थ्य शरीर, सकारात्मक विचार, सद्कर्म एवं परमात्मा से जुड़ाव पर गहन चर्चा की.

स्वामी पुनीत जी, भाई अनिल भारती जी, कुंवर रंजन जी, रोशन लाल आर्यों जी, डा.लोकेश जी सुनील त्रिखा जी, विवेक श्रिवास्तव जी और रचना गुप्ता जी से अनंत बहूमूल्य विचार सुनने को मिले। सभी के मन के सुर मंच से मिले हुए the .उनके दिल कीबातें जो हो रहीं थी .सभी के चेहरे पर एक असीम शांति भी थी।  

सभी  श्रोताओं ने सभी वक्ताओं के विचार को बहुत ध्यान से सुना और संतुष्ट जीवन जीने के लिए बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लिया.इस कार्यक्रम मे सैकड़ों की संख्या मे लुधियानावासी शामिल होकर भरपुर आनंद उठाया एवं मंदिर कमिटी से आगे भी ऐसे आयोजन कराते रहने की अपील की.ट्रस्ट के वाईस चेयरमैन श्री वरिन्दर मित्तल जी ने आये हुये गण मान्यों का धन्यवाद किया .इस कार्यक्रम का मंच संचालिका श्री मति कमलेश गुप्ता जी ने की. इस मौके पर बहुत से  प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे। 

इस सारे आयोजन में सबसे अधिक महत्मवपूर्हण भूमिका श्री दुर्गा माता मन्दिर ट्रस्ट के वाईस चेयरमैन श्री वरिन्दर मित्तल जी की रही। उन्होंने ही इस सारे आयोजन की सफलता के लिए इतनी बड़ी टीम को जोड़ा और इसे सफल करके भी दिखाया। सेमिनार के अंत में सभी लोग चाह रहे थे कि अब इसी तरह का आयोजन जल्दी हो। सुश्री राशी अग्रवाल ने तो सुझाव भी दिया कि हर महीने ऐसे आयोजन हों तो और भी अच्छा हूँ। 

इस आयोजन में शायरी का रंग भी था, भक्ति रस भी और जीवन जीने के फलसफे का रंग भी। सुश्री राशि अग्रवाल, भारती  सचदेवा के साथ  कुंवर रंजन ने इस सरे कार्यक्रम को एक सूत्र में बांधे रखा। कार्यक्रम में पूनम सपरा जैसी वशिष्ठ प्रोफेसर भी मौजूद रहीं। आयोजन में महिलाओं की मौजूदगी शायद पुरुषों से अधिक थी। केवल मौजूदगी ही नहीं थी बल्कि यह मौजूदगी पूरी तरह से सतर्क ध्यान वाली थी। इस यादगारी आयोजन ने सभी के दिलों पर एक अमित छाप छोड़ी खबर के साथ आप एक संक्षिप्त सी कैमरा रिपोर्ट भी देख सकते हैं।  

लेकिन यह  सवाल फिर भी कायम है कि क्या आर्थिक खुशहाली और आर्थिक बराबरी के बिना केवल उपदेश से आनंद का उत्सव हर किसी के लिए सम्भव हो भी सकेगा?
बहुत से लोग हैं जिन के पास दो वक्त की रोटी का प्रबंध भी नहीं हो पाता। परिवार का निर्बाह और कई बार तो अकेले अपना निर्बाह भी आज के युग में बहुत कठिन हो गया है। 

दूसरी तरफ बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिनके पास बेशुमार दौलत है लेकिन इसके बावजूद वे परेशान हैं। वे और अधिक पैसा कमाने की दौड़ में दिन रात पागल हुए रहते हैं। 

इस तरह की जीवन शैली ने बहुत सी समस्याएं पैदा कर दी हैं जिनके परिणाम स्वरूप अलग अलग बीमारियों का भयानक रूप सामने आ रहा है। 

इस तरह के सभी लोगों को ज़रूरत है आनंदमय जीवन के कुछ कारगर सूत्र बताने की। इसी तरह के विशेष सूत्र बताने के लिए ही आयोजित हुआ श्री दुर्गा माता मंदिर में एक विशेष आयोजन। देखिए एक कैमरा रिपोर्ट और इस सेमिनार में हुई चर्चा की विस्तृत स्टोरी पढ़ने के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं। https://aradhanatimes.blogspot.com/2023/04/blog-post.html



पूजा, अर्चना और भक्ति मार्ग से जुड़े सभी मित्रों से निवेदन है कि आराधना टाईमज़ से जुडीए और अपने आयोजनों की कवरेज को दूर दराज के स्थानों पर  बैठे अन्य लोगों तक पहुंचाइये ---


Sunday, 19 March 2023

मां कालका रथ सेवक संघ की और से विशाल रथ यात्रा का शुभारंभ

Sunday 19th March 2023 at 11:03 PM 

मां जय मां के जयघोषों से गूँज उठा आकाश:भगत गुरप्रीत सिंह

तस्वीरों में आप देख सकते हैं  रथ यात्रा के शुभारंभ से सबंधित अलग अलग दृश्य 

लुधियाना: 19 मार्च 2023: (डी के कत्याल//आराधना टाईम्ज़)::

मां कालका की महिमा अपरम्पार है। दूर दराज में बने मंदिरों में पहुंचने वाली संगत की आस्था देखते ही बनती  है। लुधियाना में भी भक्तों की आस्था लगातार बढ़ रही है। इसका एक बार फिर अहसास हुआ रथयात्रा के अवसर पर। 

मां कालका रथ सेवक संघ की ओर से चैत्र नवरात्र के उपलक्ष में पिंडी स्वरूप मां काली जी की विशाल रथ यात्रा 18 मार्च को प्राचीन गौशाला से भगत गुरप्रीत सिंह की अध्यक्षता में निकाली गई। भगत गुरप्रीत सिंह ने बताया कि चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मां कालका जी और बाबा महाकाल की अध्यक्षता में ज्योति स्वरूपों में श्री मेहंदीपुर बाला जी सरकार और 10 देवियों का आगमन 5 मार्च को दरबार मां पिंडी रानी में हुआ था। 

उन्होंने बताया कि यह सभी ज्योति स्वरूप 5 मार्च से 18 मार्च तक दरबार मां पिंडी रानी में ही विराजमान रहे। मां कालका रथ सेवक संघ की तरफ से रथ यात्रा के उपलक्ष में विशेष रूप से रोजाना कार्यक्रम भी किए गए। 18 मार्च को प्राचीन गौशाला के अभिषेक चोपड़ा हाल में सुबह 7 बजे श्री दुर्गा स्तुति का महापाठ भगत गुरप्रीत सिंह की अध्यक्षता में किया गया जिसके उपरांत विशाल रथ यात्रा का शुभारंभ भगत गुरप्रीत सिंह द्वारा किया गया जोकि प्राचीन गौशाला से आरंभ होकर गौशाला रोड से सर्कुलर रोड, भगवान वाल्मीकि चौंक,  बाजवा नगर, दरेसी, प्रताप बाजार, माता रानी चौंक, घंटाघर चौंक, चौड़ा बाजार, डिवीजन नंबर 3 चौंक स्थित दरबार मां वैष्णो देवी स्वर्ण मंदिर से होते हुए गौशाला रोड, हरबंसपुरा संघ कार्यालय पर महाआरती के साथ संपन्न हुई। 

इस विशाल रथ यात्रा में पहली बार श्री शक्तिशब्द जय मां महाग्रंथ को भी शामिल किया गया जिसे भगत गुरप्रीत सिंह द्वारा बनवाया जिसका प्रकाश बसंत पचमी के अवसर पर 26 जनवरी को पहली बार किया गया था। इस श्री शक्ति शबद जय मां महाग्रंथ के कुल 1160 पन्ने हैं जिसके प्रत्येक पन्ने पर 108 बार जय मां प्रकाशित है जिसकी ग्रंथ में कुल गिनती 125280 है। रथयात्रा में श्रद्धालुओं ने श्री मेहंदीपुर बाला जी सरकार और दस देवियों की पवित्र ज्योति स्वरूपों और श्री शक्ति शबद जय मां महाग्रंथ के दर्शन कर अपने आप को कृतार्थ किया। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा स्वागती मंच, विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के लंगर, पुष्प वर्षा, रंगोलियां, पटाखे, आतिशबाजियां एवं आरतियां कर विशाल रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस विशाल रथ यात्रा में मां कालका रथ सेवक संघ की महिला विंग व भारी संख्या में अन्य भक्तजन उपस्थित हुए। इस अवसर पर विशाल भंडारा भी लगाया गया। 

विशाल रथ यात्रा में महंत नारायण दास पुरी, सनातन धर्मगुरु पंडित अजय वशिष्ठ, महंत गौरव दास बावा, महंत शिवराम कृष्ण जय माता, श्री राम मंदिर कमेटी के सदस्यगण, सुरिंदर खन्ना, विधायक अशोक पराशर पप्पी, प्रदीप शर्मा गैबी, सरदार हरविंदर सिंह (साऊ), सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान विपन अरोड़ा, लुधियाना यूथ फेडरेशन के प्रधान राजू वोहरा, गुरदेव शर्मा देबी, दिनेश सरपाल, दविंदर जग्गी, चौधरी यशपाल, विक्रम पंडित, प्रवीण बांसल, रणजीत सिंह ढिल्लो, रमेश जैन बिट्टा, पुष्पिंदर सिंघल, विक्की डावर, गौ रक्ष्णी सभा के शाम लाल सपरा, दर्शन लाल बवेजा लड्डू, अशोक थापर, डॉली चुग, डी.के अरोड़ा, संजू धीर, डॉक्टर सुभाष वर्मा, जॉनी महेंद्रु, सुनील मैनी, लव मैनी, रोहित मुंजाल, प्रवीण डंग, एडवोकेट गुरिंदर सूद, कमल बस्सी, सुनील मेहरा, मनु चावला, दलीप ग्रोवर, काका सूद, रोहित सिक्का, साहिल खुराना, बिट्टू गुंबर, शाम चोपड़ा, पप्पू धीर, गुरप्रीत गोपी, गुलशन बूट हाउस से मुनीम, सोनू सिंगला, राजू झांगी, कृष्ण खरबंदा, दविंदर सूद, विनय धीर, नीरज मूंग, केशव मूंग, राजन राणा, विनीत दुआ, लक्की शर्मा, विपन विनायक, गौतम जलंधरी, भारती सिकंदर, स्वाति बस्सी के अलावा धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक आदि गणमान्य व्यक्तियों ने नतमस्तक हो आशीर्वाद प्राप्त किया जिन्हे मां कालका रथ सेवक संघ के सदस्यों द्वारा सिरोपे डाल व मां पिंडी रानी का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। 

Friday, 17 February 2023

दास धर्म के आयोजन में लगा एक्युपंचर कैंप

255 मरीजों ने उठाया इसके अनोखे जादू का फायदा


लुधियाना
: 16 फरवरी 2023: (कार्तिका सिंह//आराधना टाइम्स)::

दास धर्म अपनी स्थापना के समय से ही तीखे विरोध का सामना करता आ रहा है इसके बावजूद इस धर्म ने अब एक नई चुनौती दी है उन लोगों को जो ईश्वर को आज के युग का एक बहुत बड़ा कारोबार बना कर बैठे हैं। दास धर्म ने कहा है हमारे पास आने पर आपको ईश्वर नहीं मिलेगा लेकिन जो गुण और शक्तियां ईश्वर के रूप में बताई जाती हैं वे सभी आपको इस सतसंग में आने से मिल जाएंगी। आपको उसकी रज़ा में रहना आ जाएगा। दास धर्म के संबंध में बहुत सी जानकारी लायंस भवन में पहुंच  कर मिली जहाँ दास धर्म का स्थापना दिवस मनाया जा रहा था। इसी अवसर पर एक चुनौती बड़ी बड़ी मल्टिनैशनल कंपनियों को भी दी गई थी एक्युपंक्चर का कैंप कर। गौरतलब है कि एक्युपंक्चर की थरेपी महंगी दवाओं के महंगे इलाज की दुकानदारी को बहुत जल्दी ही  बंद करने वाली है। 

दर्शन धाम दास धर्म के प्रमुख महाराज चडविन्दा दास तीर तरक्कडी जी के नेतृत्व मे लायंस भवन मे दास धर्म स्थापना दिवस मनाया गया व डा कोटनीस एक्युपंचर हॉस्पिटल सलेम टाबरी  द्वारा 16 तारीख सुबह 10:00 बजे से शाम 2:00 बजे तक मुफ्त एक्युपंचर मेडिकल कैंप  लुधियाना के सिविल लाइन,  लायन  भवन उधम सिंह नगर में लगाया गया।  इस कैंप में जोड़ों का दर्द घुटनों का दर्द, धूटनो   में दर्द, कमर का दर्द सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, साइटिका, दमा ब्रोंकाइटिस एलर्जी आधा सिर दर्द ,नींद ना आना मानसिक परेशानी  अधरंग, लकवा आदि का इलाज किया गया। यह कैंप दास धर्म  के सहयोग से लगाया गया  जिसमे 255 मरीजो का ईलाज किया गया। बहुत से मरीज तो मेडिटेशन जैसी अवस्था में थे क्योंकि उन्हें आराम आना शुरू हो गया था।

डाक्टर ढींगरा ने बताया कि तन मन की ऐसी कोई भी समस्या या बिमारी नहीं जिसका इलाज एक्यूपंक्चर से न हो सकता हो। तन की समस्याएं और मन की बेचैनियां सभी का इलाज संभव है। यहां असली नशा मुक्ति होती है क्योंकि यहां नशा छुड़वाने के बदले में कोई दूसरा नशा मेडिसिन कह कर नहीं दिया जाता। सिर्फ कुछ खास पॉइंट्स पर कुछ देर के लिए सूईयां लगा कर शरीर की ऊर्जा का सर्किट ठीक कर दिया जाता है जिससे जिस्म में से नशे कीमांग ही नहीं उठती।

इस कैंप में डॉक्टर इंदरजीत सिंह डॉ रघूबीर सिंह डॉक्टर राजेश भयाना व डा रितक चावला नेअपनी सेवाएं दी व लायंस क्लब के चेयरमैन  श्री शक्ति वर्मा, सरदार  ईकबाल सिहं  गिल (आई पी एस) रियायरड आई जी, सरदार जसवन्त सिहं छापा प्रधान सरबत दा भला चैरीटेबल ट्रस्ट लुधियाना. दिनेश राठोर राष्ट्रीय खिलाडी वालीबाल एसआई पजाॆब पुलीस, विपन जण्ड दैनिक सवेरा, गौतम जालंधरी जाग्रती लहर, सुखदेव सलेमपुरी अजीत सहित कई पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया।

दास सरमुख महासचिव सतगुरु दर्शन धाम जी ने सभी को सम्मानित किया व सतगुरु दर्शन धाम के प्रधान निर्मल कुमार शर्मा व लुधियाना कमेटी के प्रधान दास सरदार तरसेम सिह जी उपस्थित रहे व कैम्प व कार्यक्रम का उध्गाटन सरदार ईकबाल सिहं जी ने किया व कहा कि सतगुरु दर्शन धाम की दुसरी पातशाही दास धर्म बहुत ही बढीया समाज की लोक भलाई हेतु मानवता की भलाई के लिये  समर्पन भावना से कार्य कर रहे है। वो दास धर्म दिवस पर डा कोटिनस एकयुपक्चर सुईयों वाला हस्पताल द्वारा कैम्प लगाया गया जिससे सभी प्रकार के रोगो का ईलाज बिना दवाईयो से बिना किसी दुशप्रभाव  व सबसे सस्ती चिकीत्सा  है  व रोग जड से समाप्त हो जाता है।

इस अवसर पर धर्म चर्चा के साथ साथ रूहानी भजन कीर्तन भी हुआ। कुल मिलाकर सारा आयोजन यादगार बन पड़ा।

Tuesday, 10 January 2023

शास्त्री नगर स्थित कृष्णा मंदिर में किया गया मेडिकल कैंप का आयोजन

Tuesday: 10th January 2023 at 5:36 PM

विभिन्न थ्रेपियों के आचार्य डा. लोकेश ने की मरीज़ों की गहन जांच  

लुधियाना: 10 जनवरी 2023: (संजय सूद//आराधना टाईम्ज़ डेस्क)::

आयुर्वेद, रेकी और नैचरोथरेपी के आचार्य डॉक्टर लोकेश द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन शास्त्री नगर स्थित कृष्णा मंदिर में किया गया! इस मेडिकल कैंप में  23 मरीजों ने परामर्श किया। यह मेडिकल कैंप मधुमेह, लिवर, किडनी, डायलिसिस और कैंसर के भारी जोखिम रोगीयों के लिए आयोजित किया गया था। आज की दुनिया में उच्च जोखिम डायलसिसिस और महत्वपूर्ण  देखभाल बहुत महंगी हो गयी है। 

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब लोग इसे वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यह नि:शुल्क मेडिकल कैंप इसी तरह के जरूरतमंदों की मदद करते हैं।  इस अवसर पर कृष्णा मंदिर से तरसेम लाल गुप्ता, सतीश जैन एवं सभी टीम सदस्यों ने अधिक से अधिक मरीज़ों को फायदा पहुँचाने के मकसद से सक्रिय सहयोग दिया। 

इस अवसर पर नरेश धिगान, अर्जुन धिगान, कलकी जन सेवा से जतिन शर्मा और नरेश शर्मा ने पूर्ण रूप से सहयोग किया। इस मोके पर अचार्य डॉक्टर लोकेश ने बताया कि यह मेडिकल कैंप हर महीने के पहले और तीसरे रविवार को लगाया जायेगा। 

Wednesday, 5 October 2022

लुधियाना में भी धूमधाम से मनाया गया दशहरा

 Wednesday 5th October 2022 at 08:31 PM

 पुड्डा ग्राउंड में हुआ दशहरे का यादगारी उत्सव  

श्री राम लीला कमेटी सिविल लाइन की ओर से किए गए थे विशेष प्रबंध 


लुधियाना
: 5 अक्टूबर 2022: (संजय//आराधना टाईम्ज़)::

लोगों की अपेक्षायों और उम्मीदों पर पूरा उतरते हुए इस बार भी श्री राम लीला कमेटी रजि सिविल लाइन और श्री शिव शक्ति मंदिर वृंदावन रोड द्वारा दशहरे के सुअवसर पर विशेष प्रबंध किए गए थे। हर बारीकी की तरफ ध्यान दिया गया था। सुरक्षा और ट्रैफिक सहित सब कुछ बहुत अच्छा रहा। 

दशहरा उत्सव  पुरानी कचहरी वाली जगह पुड्डा  ग्राउंड में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। दशहरा उत्सव का शुभारंभ  श्री शिव शक्ति मंदिर वृंदावन रोड से प्रभु राम जी की भव्य रथ यात्रा के साथ हुआ। यह रथ यात्रा श्री शिव शक्ति मंदिर से शुरू होकर कैलाश सिनेमा चौक, दमोरिया पुल से होती हुई पुड्डा ग्राउंड जाकर समाप्त हुई। इस रथयात्रा में राम सेना, रावण सेना, हनुमान सेना और शूर्पणखा की झांकी देखने योग्य थी। 

इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर दंडी स्वामी देवा दित्यानंद सरस्वती जी महाराज, राम शरणम राम पार्क के प्रमुख  अश्विनी बेदी, ड्रीमलैंड कॉलोनी हैबोवाल से बाबा मीना शाह, विधायक मदन लाल बग्गा, सरदार दलजीत सिंह ग्रेवाल, मेयर सरदार बलकार सिंह संधू, डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, शाम लाल सपरा, बलवीर गुप्ता, पूर्व पार्षद हेमराज अग्रवाल, पंजाब प्रभारी जीवन गुप्ता, प्रवीण बांसल, अनिल सरीन, एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा बाँबी, राकेश कपूर, बॉबी जिंदल, सैंचूरी निट से राजेश ढ़ाड़ा, विक्रम सिद्धू , पुष्पेंद्र सिंगल, संवेदना ट्रस्ट से हेमंत सूद, कानतेंदु शर्मा, रजत सूद, पवन शर्मा, ओम प्रकाश त्रिपाठी, जीवन धवन, शहीद सुखदेव थापर से के परिवार से  अशोक थापर, समाज सेवक के के सूरी, संजय सूरी, संजय थापर, गोल्डी सभरवाल, बी जे पी नेता गुरदीप सिंह गोशा, डॉक्टर शिवा, मुकेश चढ्ढा, भाजपा नेत्री नीरू मित्तल, विरेश विज, अभिषेक मरवाहा, एस के गर्ग, संजय गुप्ता, आदि उपस्थित हुए। आए हुए सभी मुख्य मेहमानों को श्री राम लीला कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। 

इस मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी जलाए गए। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के चेयरमैन विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी, वाइस चेयरमैन सुभाष गुप्ता, प्रधान कीमत राय सिकरी, सचिव सुमन गुप्ता, सीनियर उपप्रधान हरीश सग्गड़, वाइस चेयरमैन राजेश कश्यप,  महासचिव डॉक्टर एम एस चौहान, सचिव चंद्रमोहन खुराना, वित्त सचिव विश्वजीत सेठी, महासचिव सुनील मेहरा, सलाहकार संत कुमार अनेजा,  सचिव राजेश भनोट, चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल खन्ना,  कैशियर राजेंद्र शर्मा, सचिव प्रवीण शर्मा, विकास जिंदल, राजीव शर्मा, संगठन मंत्री अश्विनी महाजन, आशु शर्मा, गुरदीप सिंह भोगल, उप प्रधान संजीव सिंगला, हरकेश मित्तल, डिंपी मक्कड़ , योगेश मैनी , पंकज सेठी , आयुष अग्रवाल , प्रिंस शर्मा , राजीव कांसल , सचिव व  प्रेस प्रवीण शर्मा , राजन, सनी वासन, करण कपूर, सुमन वर्मा, नरेश जेठी,  कपिश बांसल, तजिंदर वशिष्ठ,  विक्रम आनंद, प्रवीण गोयल, अमित गुप्ता, अभय सहोता, राजन बांसल, अंकुर सग्गड़, रंजन धीर, बृज भूषण शर्मा, मेला प्रमुख गौरव कालिया, सम्राट शर्मा, करण मेहरा, अजय सोंधी, राजपाल दिवाकर, विकास टुहान, पवन खरबंदा, मुकेश कुमार आदि उपस्थित थे। 

कुल मिलाकर आयोजन इस बार भी यादगारी रहा। इसके साथ ही अगले वर्ष के आयोजन को और अविकसित करने के लिए भी विचार विमर्श हुआ। 

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Monday, 3 October 2022

दशहरा पर राम भक्तों को प्रभु राम की कृपा प्राप्त होगी:अश्वनी बेदी

Monday:3rd October 2022 at 06:11 PM

विजय दशमी पर होगा 60 फुट रावण दहन:प्रधान कीमत राय सिकरी

लुधियाना: 3 अक्टूबर 2022: (संजय//आराधना टाईम्ज़)::

रामलीला का मंचन सदियों से लोगों को आकर्षित करता आ रहा है। रामायण के सभी पात्र अपनी अपनी  भूमिका में कोई गहरा संदेश मन पर छोड़ते हैं। जिन जिन स्थानों पर रामलीला का मंचन बेहद लोकप्रिय रहा है उनमें पंजाब का लुधियाना शहर भी शामिल है। लुधियाना में रामलीला और दशहरा सदियों से लोकप्रिय हैं। लुधियाना का दरेसी मैदान, उपकार नगर,  हैबोवाल, सराभा नगर, किचलू नगर और बहुत से इलाकों में इसकी लोकप्रियता अपने अपने समय में शिखर छूती रही है। जब पंजाब में  था उस समय के कुछ अल्पकाल को छोड़कर रामलीला और दशहरा हमेशां ही लोकप्रिय रहे। इस बार भी वही उत्साह देखने को मिल रहा है। 

श्री रामलीला कमेटी रजि. सिविल लाइन द्वारा दशहरा उत्सव पुरानी कचहरी वाली जगह पुड्डा  ग्राउंड में बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी के उपलक्ष्य में माल रोड पर स्थित श्री राम शरणम राम पार्क के प्रमुख अश्विनी बेदी  द्वारा अमृतवाणी का पाठ किया गया। इस मौके पर हल्का सेंट्रल के विधायक अशोक पराशर पप्पी, विधायक चौधरी मदनलाल बग्गा और भाजपा नेता जीवन गुप्ता भी उपस्थित हुए। 

पहली बार श्री राम जन्म भूमि से राम सेना और रावण सेना द्वारा प्रदर्शन एवं रामानंद सागर की रामायण का एल इ डी स्क्रीन पर प्रतिदिन प्रसारण किया जा रहा है। इसका प्रसारण ठीक शाम 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक किया जाता है। 

रामायण में शूर्पणखा का मनमोहक स्वरूप देखने योग्य होगा। आए हुए सभी मुख्य मेहमानों को कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर कमेटी के प्रधान कीमत राय सिकरी और महासचिव सुनील मेहरा ने कहा कि दशहरा पर्व वाले दिन 5 अक्टूबर को 60 फुट रावण का दहन किया जाएगा। 

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के चेयरमैन विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी, वाइस चेयरमैन सुभाष गुप्ता, प्रधान कीमती राय सिकरी, सचिव सुमन गुप्ता, सीनियर उपप्रधान हरीश सग्गड़, वाइस चेयरमैन राजेश कश्यप,  महासचिव डॉक्टर एम एस चौहान, सचिव चंद्रमोहन खुराना, वित्त सचिव विश्वजीत सेठी, महासचिव सुनील मेहरा, सलाहकार संत कुमार अनेजा,  सचिव राजेश भनोट, चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल खन्ना,  कैशियर राजेंद्र शर्मा, सचिव प्रवीण शर्मा, विकास जिंदल, राजीव शर्मा, संगठन मंत्री अश्विनी महाजन, आशु शर्मा, गुरदीप सिंह भोगल, उमेश सोनी,   अमित गुप्ता आदि उपस्थित थे। 

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Tuesday, 19 July 2022

आचार्य डा. लोकेश की देखरेख में तेज़ी जारी है आरोग्य अभियान

18th July 2022 at 07:01 PM                            Updated 19th July 2022 at 08:00 AM 

महासती प्रवेश माला जैन चैरिटेबल अस्पताल में नि:शुल्क शिविर

लुधियाना: 18 जुलाई 2022: (कार्तिका सिंह//आराधना टाईम्ज़)::

न जल बिन गुज़ारा है, न ही भोजन के बिना और न ही सांस लिए बिना लेकिन हवा, पानी और भोजन सभी कुछ प्रदूषित है। ऐसे में हर दिन नई नई बिमारियाँ सामने आ रही हैं। लोगों के लिए आरोग्य एक सपना बन कर रह गया है। हर घर में और कुछ हो या न हो लेकिन दवायों का डिब्बा ज़रूर मिल जाता है। इस नाज़ुक स्थिति में निराशा का अंधेरा घिरता ही जा रहा है। निराशा के इस अंधेरे में रौशनी की किरण बन कर आए हैं आचार्य लोकेश। लीवर, हार्ट, किडनी, शूगर, बीपी, कमर दर्द कैसी गंभीर समस्याओं के लिए पीड़ा रहित निदान ले कर। बस कुछ दिन का इलाज और सारी उम्र आरोग्य का आनन्द। इसी मकसद को लेकर एक विशेष मेडिकल शिविर का आयोजन किया गया।   

महासती प्रवेश माला जैन चैरिटेबल अस्पताल में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन बहुत से मरीज़ों के लिए आरोग्य की सौगात ले कर आया।  इसके साथ ही आरोग्य के इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए महासती प्रवेश माला जैन चैरिटेबल हॉस्पिटल मोती नगर आचार्य डॉ. लोकेश की अध्यक्षता में नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाता है।यहां से ट्रेनिंग पाए लोग भी जनसेवा के इस मिशन को आगे बढ़ाते हैं।  

आज के इस कैंप में 100 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। इस अवसर पर आचार्य लोकेश ने कहा कि भविष्य में भी।  इस कैंप में 100 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। इस अवसर पर आचार्य लोकेश ने कहा कि भविष्य में भी समय-समय पर इस तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे। यहां 10वीं या 12वीं पास लड़के-लड़कियों के लिए आचार्य डॉ.समय-समय पर इस तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे। यहां 10वीं या 12वीं पास लड़के-लड़कियों के योग चिकित्सा ध्यान आयुर्वेद पंचकर्म प्राकृतिक चिकित्सा रेकी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी उपलब्ध... प्रत्येक रविवार को नि:शुल्क प्रशिक्षण एवं उपचार शिविर का आयोजन प्राकृतिक चिकित्सा स्वास्थ्य संस्थान लुधियाना द्वारा किया जा रहा है।फायदा उठाना चाहें तो आप भी सम्पर्क कर सकते हैं। 

Wednesday, 29 June 2022

1 जुलाई को लुधियाना में विशाल रथयात्रा

  30 जून को विशेष तैयारी बैठक वीबी बिल्डर्स में 


लुधियाना: 29 जून 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

लगातार कई दशकों से लोकप्रिय होती आ रही भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियां फिर से ज़ोरों पर हैं। इस बार विशाल रथ यात्रा पहली जुलाई को सांय चार बजे आरम्भ होगी। इस संबंध में तयारी कमेटी की मीटिंग में सभी आस्थावान भक्तों और मीडिया कर्मियों को विशेष तौर पर बुलाया गया है। धर्मकर्म की कवरेज से जुड़े पत्रकार विशेष तौर पर सादर आमंत्रित हैं। यह विशेष मीटिंग 30 जून दिन वीरवार को वीबी बिल्डर्स में होगी। फवारा चौंक के निकट स्थित इस जगह पर होने वाली मीटिंग में रथयात्रा से संबंधित विचार विमर्श होगा और आवश्यक फैसलों के साथ साथ अन्य बातें भी विचारणीय रहेंगी। 

यहां सभी को फिर दे याद दिलाना आवश्यक लगता है कि इस्कॉन व भगवान जगन्नाथ कमेटी के तत्वाधान में 1 जुलाई दिन शुक्रवार को श्री दुर्गा माता मंदिर जगराओ पुल से 4 बजे विशाल रथयात्रा निकाली जाएगी। इस भव्य उत्सव को लेकर इस्कॉन व भगवान जगन्नाथ कमेटी की एक विशेष मीटिंग फव्वारा चौक नजदीक वीबी बिल्डर्स में दोपहर 1 बजे होगी। मीटिंग पश्चात लंच होगा। छप्पन भोग विशेष रुप से आने वाले भक्तों को मिलेगा। कृपा सभी मीडिया कर्मी सादर आमंत्रित है। यह निवेदन जगन्नाथ सेवक संजीव सूद बांका ने विशेष तौर पर किया है। 

Wednesday, 22 June 2022

नारी भोग की वस्तु नहीं योग का अवतार है-दिव्य ज्योति जागृति संस्थान

 22nd June 2022 at 3:02 PM

 कैलाश नगर आश्रम में हुआ महिलाओं के लिए विशेष योग आयोजन  


लुधियाना
: 22 जून 2022: (आराधना टाईम्ज़ ब्यूरो)::

योग की लोकप्रियता दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। ऐसे ट्रेंड और माहौल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने एक विशेष शिविर आयोजित किया जिसमें महिलाओं के लिए योग के गहरे गुर सिखाए गए। 

दिव्य ज्योति जागृती संस्थान के सामाजिक प्रकल्प संतुलन के तहत अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में कैलाश नगर आश्रम में एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया | जिसमें विभिन्न प्रकार के योगासन जैसे भुजंगासन, नौकासन, तितली आसन, गौमुख आसन, वृक्ष आसन, धनुरासन, वीरभद्र आसन एवं अनुलोम विलोम, कपाल भाती, नाड़ी शोधन आदि प्राणायाम करवाए गये और इन सभी आसनों एवं प्राणयाम के विभिन्न लाभों के बारे में बताया |

इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए साध्वी वीरेशा भारती जी ने बताया कि प्राचीन भारतीय ज्ञान में योग बहुत अधिक महत्व रखता है । यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का एक उत्तम साधन है बल्कि मनुष्यों को मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर कारगर पद्धति को  प्रदान करता है । योग की उत्पत्ति ऋषि पतंजलि द्वारा दिए गए “पतंजलि योग सूत्र " से हुई है । योग , जैसा कि नाम से ही समझ आ जाता है की एक ऐसी पद्धिति है जिससे शरीर , मन , और आत्मा में समरसता की स्थापना की जा सके । यह न केवल शरीर को स्वस्थ , लचीला और विषाणुओ के विरुद्ध प्रतिरक्षा प्रदान करता है , बल्कि हमारे मन को भी एकाग्रता एंव तदनुसार कार्य करने के लिए भी मार्गदर्शन करता है । 

साध्वी जी ने योग के महत्व को बताते हुए कहा कि शिव संहिता में मुख्यतः 84 प्रकार के  योगासनों का वर्णन हैं जिन्हें हर वर्ग का व्यक्ति कर सकता है | प्रत्येक व्यक्ति को शारीरिक एंव मानसिक स्वास्थ्य को प्राप्त करने के लिए हर रोज योग करना चाहिए |